UP Board Class 11 Physics 13. अणुगति सिद्धांत is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 11 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
हल:
ऑक्सीजन अणु का व्यास, d = 3 Å = 3 × 10-10 m
त्रिज्या, r = d/2 = 1.5 × 10-10 m
एक अणु का आयतन, V1 = (4/3)πr3
V1 = (4/3) × 3.14 × (1.5 × 10-10)3
V1 ≈ 1.413 × 10-29 m3
1 मोल में अणुओं की संख्या, NA = 6.023 × 1023
1 मोल ऑक्सीजन के सभी अणुओं का कुल आयतन:
Vअणु = V1 × NA = (1.413 × 10-29) × (6.023 × 1023)
Vअणु ≈ 8.51 × 10-6 m3 = 8.51 cm3
STP पर 1 मोल गैस द्वारा घेरा गया आयतन (मोलर आयतन), VSTP = 22.4 L = 22400 cm3
अनुपात: Vअणु / VSTP = 8.51 / 22400 ≈ 3.8 × 10-4
इससे स्पष्ट है कि गैस का अधिकांश भाग रिक्त स्थान है।
हल:
आदर्श गैस समीकरण: PV = nRT
यहाँ, P = 1 atm = 1.013 × 105 N/m2
n = 1 मोल
R = 8.314 J mol-1 K-1
T = 273.15 K (0°C)
V = nRT / P
V = (1 × 8.314 × 273.15) / (1.013 × 105)
V ≈ 0.0224 m3
चूँकि 1 m3 = 1000 L
अतः V = 0.0224 × 1000 L = 22.4 L
इस प्रकार, STP पर किसी भी आदर्श गैस का मोलर आयतन 22.4 लीटर होता है।
(a) बिन्दुकित रेखा क्या दर्शाती है?
(b) क्या सत्य है: T1 > T2 अथवा T1 < T2?
(c) Y-अक्ष पर जहाँ वक्र मिलते हैं वहाँ PV/T का मान क्या है?
(d) यदि हम ऐसे ही ग्राफ 1.00 × 10-3 kg हाइड्रोजन के लिए बनाएँ, तो क्या उस बिन्दु पर जहाँ वक्र Y-अक्ष से मिलते हैं, PV/T का मान यही होगा? यदि नहीं, तो हाइड्रोजन के कितने द्रव्यमान के लिए PV/T का मान (कम दाब और उच्च ताप के क्षेत्र के लिए) वही होगा? (H2 का अणु द्रव्यमान = 2.02 u, O2 का अणु द्रव्यमान = 32.0 u, R = 8.31 J mol-1K-1)
हल:
(a) बिन्दुकित रेखा आदर्श गैस के व्यवहार को दर्शाती है, जहाँ PV/T नियत रहता है और P पर निर्भर नहीं करता।
(b) T1 > T2 सत्य है। उच्च ताप (T1) पर गैस का व्यवहार आदर्श गैस के निकट होता है।
(c) Y-अक्ष पर (P→0), गैस आदर्श गैस की तरह व्यवहार करती है।
PV/T = nR
O2 का दिया गया द्रव्यमान, m = 1.00 × 10-3 kg = 1 g
O2 का मोलर द्रव्यमान, M = 32 g/mol
मोलों की संख्या, n = m/M = 1/32 mol
अतः PV/T = nR = (1/32) × 8.31 ≈ 0.26 J K-1
(d) नहीं, PV/T का मान समान नहीं होगा क्योंकि मोलों की संख्या अलग होगी।
PV/T का मान समान रखने के लिए, H2 के मोलों की संख्या O2 के मोलों (1/32) के बराबर होनी चाहिए।
H2 का आवश्यक द्रव्यमान = मोलों की संख्या × मोलर द्रव्यमान
= (1/32) × 2.02 g ≈ 0.0631 g = 6.31 × 10-5 kg
हल:
प्रारम्भिक अवस्था:
परम दाब, P1 = गेज दाब + 1 atm = 15 + 1 = 16 atm = 16 × 1.013 × 105 Pa
आयतन, V = 30 L = 30 × 10-3 m3
ताप, T1 = 27 + 273 = 300 K
मोलों की संख्या, n1 = P1V / RT1
n1 = (16 × 1.013 × 105 × 30 × 10-3) / (8.31 × 300) ≈ 19.5 मोल
अंतिम अवस्था:
परम दाब, P2 = 11 + 1 = 12 atm = 12 × 1.013 × 105 Pa
ताप, T2 = 17 + 273 = 290 K
मोलों की संख्या, n2 = P2V / RT2
n2 = (12 × 1.013 × 105 × 30 × 10-3) / (8.31 × 290) ≈ 15.1 मोल
निकाले गए ऑक्सीजन के मोल: Δn = n1 - n2 = 19.5 - 15.1 = 4.4 मोल
निकाले गए ऑक्सीजन का द्रव्यमान = Δn × मोलर द्रव्यमान = 4.4 × 32 g = 140.8 g ≈ 0.141 kg
हल:
तली पर: V1 = 1.0 cm3, T1 = 12°C = 285 K
पृष्ठ पर: T2 = 35°C = 308 K, P2 = 1 atm
तली पर दाब, P1 = वायुमंडलीय दाब + जल स्तंभ का दाब
P1 = 1 atm + hρg
P1 = (1.013 × 105 Pa) + (40 m × 1000 kg/m3 × 9.8 m/s2)
P1 ≈ 1.013 × 105 + 3.92 × 105 = 4.933 × 105 Pa
P2 = 1.013 × 105 Pa
आदर्श गैस समीकरण के अनुसार: (P1V1)/T1 = (P2V2)/T2
V2 = (P1V1T2) / (P2T1)
V2 = (4.933 × 105 × 1.0 × 10-6 × 308) / (1.013 × 105 × 285)
V2 ≈ 5.26 × 10-6 m3 = 5.26 cm3
पृष्ठ पर बुलबुले का आयतन लगभग 5.26 cm3 हो जाएगा।
हल:
आयतन, V = 25.0 m3
ताप, T = 27°C = 300 K
दाब, P = 1 atm = 1.013 × 105 Pa
बोल्ट्जमान नियतांक, k = 1.38 × 10-23 J K-1
आदर्श गैस समीकरण से: PV = NkT (जहाँ N अणुओं की कुल संख्या है)
N = PV / (kT)
N = (1.013 × 105 × 25.0) / (1.38 × 10-23 × 300)
N ≈ 6.11 × 1026
कमरे में वायु के अणुओं की कुल संख्या लगभग 6.11 × 1026 है।
हल:
एकपरमाणुक गैस (जैसे हीलियम) के लिए औसत तापीय ऊर्जा = (3/2)kT
k = 1.38 × 10-23 J K-1
(a) T = 27°C = 300 K
ऊर्जा, E = (3/2) × 1.38 × 10-23 × 300 = 6.21 × 10-21 J
(b) T = 6000 K
E = (3/2) × 1.38 × 10-23 × 6000 = 1.24 × 10-19 J
(c) T = 107 K
E = (3/2) × 1.38 × 10-23 × 107 = 2.07 × 10-16 J
हल:
अणुओं की संख्या: हाँ, समान है। आवोगाद्रो के नियम के अनुसार, समान ताप, दाब और आयतन पर सभी गैसों में अणुओं की संख्या समान होती है।
vrms (वर्ग माध्य मूल चाल): नहीं, समान नहीं है।
vrms = √(3RT/M)
चूँकि तीनों गैसों के मोलर द्रव्यमान (M) भिन्न-भिन्न हैं, इसलिए उनकी vrms भी भिन्न होगी। सबसे कम मोलर द्रव्यमान वाली गैस (नियॉन) की vrms सबसे अधिक होगी।
हल:
vrms = √(3RT/M)
माना आर्गन का ताप TAr है और हीलियम का ताप THe = 27°C = 300 K है।
प्रश्नानुसार, (vrms)Ar = (vrms)He
√(3RTAr/MAr) = √(3RTHe/MHe)
दोनों ओर वर्ग करने पर: TAr/MAr = THe/MHe
TAr = THe × (MAr/MHe)
TAr = 300 × (39.9 / 4.0)
TAr ≈ 2992.5 K या लगभग 2.99 × 103 K
हल:
दाब, P = 2 atm = 2 × 1.013 × 105 Pa
ताप, T = 17°C = 290 K
अणु की त्रिज्या, r = 1.0 Å = 1.0 × 10-10 m
व्यास, d = 2r = 2.0 × 10-10 m
बोल्ट्जमान नियतांक, k = 1.38 × 10-23 J/K
माध्य मुक्त पथ (λ):
λ = kT / (√2 π d2 P)
λ = (1.38 × 10-23 × 290) / (1.414 × 3.14 × (2.0 × 10-10)2 × 2.026 × 105)
λ ≈ 1.1 × 10-7 m
वर्ग माध्य मूल चाल (vrms):
vrms = √(3RT/M); M = 28 g/mol = 0.028 kg/mol
vrms = √(3 × 8.31 × 290 / 0.028) ≈ 508 m/s
संघट्ट आवृत्ति (f):
f = vrms / λ = 508 / (1.1 × 10-7) ≈ 4.6 × 109 s-1
प्रति सेकंड लगभग 4.6 अरब संघट्ट होते हैं।
हल:
क्षैतिज अवस्था में: बंद सिरे से वायु स्तंभ की लंबाई = 15 cm। पारद सूत्र की लंबाई = 76 cm।
नली की कुल लंबाई = 100 cm। शेष लंबाई = 100 - (76+15) = 9 cm जो खुले सिरे पर है।
अतः क्षैतिज अवस्था में कुल वायु स्तंभ की लंबाई = 15 + 9 = 24 cm।
ऊर्ध्वाधर अवस्था (खुला सिरा नीचे): कुछ पारद बाहर गिर जाएगा। माना h cm पारद बाहर निकल जाता है।
तब, नली में शेष पारद स्तंभ = (76 - h) cm
बंद सिरे पर वायु स्तंभ की नई लंबाई = (24 + h) cm (क्योंकि पारद नीचे गिरेगा और वायु फैलेगी)।
बॉयल के नियम से (ताप नियत): P1V1 = P2V2
क्षैतिज अवस्था में दाब, P1 = 76 cm Hg (वायुमंडलीय दाब, क्योंकि पारद सूत्र संतुलन में है)।
आयतन, V1 = 15 cm (वायु स्तंभ की लंबाई)।
ऊर्ध्वाधर अवस्था में, बंद सिरे पर वायु का दाब, P2 = वायुमंडलीय दाब - पारद स्तंभ का दाब = 76 - (76 - h) = h cm Hg
आयतन, V2 = (24 + h) cm
अतः, 76 × 15 = h × (24 + h)
h2 + 24h - 1140 = 0
इस द्विघात समीकरण को हल करने पर h ≈ 23.8 cm (धनात्मक मान)
अतः लगभग 23.8 cm पारद बाहर निकल जाएगा।
नली में शेष पारद = 76 - 23.8 = 52.2 cm
वायु स्तंभ की लंबाई = 24 + 23.8 = 47.8 cm
हल:
ग्राहम के विसरण नियम के अनुसार: R ∝ 1/√M
R1/R2 = √(M2/M1)
यहाँ, R1 = H2 की विसरण दर = 28.7 cm3/s
R2 = अज्ञात गैस की विसरण दर = 7.2 cm3/s
M1 = H2 का आणविक द्रव्यमान = 2 u
M2 = अज्ञात गैस का आणविक द्रव्यमान
28.7 / 7.2 = √(M2 / 2)
3.986 ≈ √(M2/2)
दोनों ओर वर्ग करने पर: 15.89 ≈ M2/2
M2 ≈ 31.78 u ≈ 32 u
32 u आणविक द्रव्यमान वाली गैस ऑक्सीजन (O2) है। अतः अज्ञात गैस ऑक्सीजन है।
हल:
वातावरण के नियम से: n2 = n1 exp [ -mg (h2 – h1) / (kBT) ] ...(i)
यहाँ m गैस के एक अणु का द्रव्यमान है।
निलम्बित कण
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