UP Board Class 11 Physics 3. सरल रेखा में गति is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 11 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
(a) दो स्टेशनों के बीच बिना किसी झटके के चल रही कोई रेलगाड़ी।
(b) किसी वृत्तीय पथ पर साइकिल चला रहे किसी व्यक्ति के ऊपर बैठा कोई बंदर।
(c) जमीन से टकरा कर तेजी से मुड़ने वाली क्रिकेट की कोई फिरकती गेंद।
(d) किसी मेज के किनारे से फिसल कर गिरा कोई बीकर।
किसी भी वस्तु को बिंदु वस्तु माना जा सकता है यदि उसके द्वारा तय दूरी, वस्तु की विमाओं की तुलना में बहुत अधिक है।
(a) रेलगाड़ी दो स्टेशनों के बीच बिना किसी झटके के चल रही है, इसका तात्पर्य है कि स्टेशन परस्पर बहुत अधिक दूरी पर स्थित हैं। अतः रेलगाड़ी को बिन्दु वस्तु लिया जा सकता है।
(b) एक बंदर वृत्तीय पथ पर साइकिल चला रहे व्यक्ति के ऊपर बैठा है। व्यक्ति, बंदर के साथ बिना किसी झटके के साइकिल चला रहा है। अतः व्यक्ति तथा बंदर द्वारा तय की गई दूरी बहुत अधिक है। अत: बंदर को बिंदु वस्तु ले सकते हैं।
(c) और (d) में तय की गई दूरी बहुत अधिक नहीं है अत: क्रिकेट की फिरकती गेंद तथा फिसलकर गिरे बीकर को बिन्दु वस्तु नहीं लिया जा सकता।
(a) (B/A) की तुलना में (A/B) विद्यालय से निकट रहता है।
(b) (B/A) की तुलना में (A/B) विद्यालय से पहले चलता है।
(c) (B/A) की तुलना में (A/B) तेज चलता है।
(d) A और B घर (एक ही / भिन्न) समय पर पहुँचते हैं।
(e) (A/B) सड़क पर (B/A) से (एक बार / दो बार) आगे हो जाते हैं।
(a) बिन्दु P तथा Q से ग्राफों पर अभिलम्ब डालते हैं जिससे स्पष्ट है कि OQ > OP, अतः बच्चा A, बच्चे B की तुलना में स्कूल के निकट रहता है।
(b) बच्चा A स्कूल से समय 1:50 पर चलता है (क्योंकि उसके लिए ग्राफ मूल बिंदु से प्रारम्भ होता है) जबकि बच्चा B स्कूल से समय 2:00 पर चलता है। अतः बच्चा A, बच्चे B की तुलना में स्कूल से पहले चलता है।
(c) दूरी-समय ग्राफ का ढलान चाल को प्रदर्शित करता है। इस ग्राफ का ढलान जितना अधिक होगा, चाल भी उतनी ही अधिक होगी। बच्चे B के लिए x-t ग्राफ का ढलान बच्चे A के x-t ग्राफ के ढलान से अधिक है। अतः बच्चा B, बच्चे A की तुलना में तेज चलता है।
(d) बिन्दु P व Q के संगत x-t ग्राफ पर बच्चे A व B के लिए समय t का मान समान है। अतः बच्चा A व B दोनों अपने घरों P व Q पर समान समय में पहुँचेगें।
(e) बच्चे A व B के x-t ग्राफ केवल एक बिंदु Q पर एक-दूसरे को काटते हैं। बच्चा B बाद में चलता है परन्तु ठीक उसी समय अपने घर पहुँचता है जब बच्चा A अपने घर पहुँचता है। अतः बच्चा B, बच्चे A से सड़क पर केवल एक बार आगे निकलता है।
पैमाना:
x-अक्ष पर समय, 1 खाना = 1 घण्टा
y-अक्ष पर दूरी, 1 खाना = 0.5 km
महिला प्रात: 9.00 बजे घर से चलती है, अर्थात् प्रातः 9.00 बजे उसके द्वारा तय दूरी शून्य है। घर से महिला ऑफिस की दूरी (x) = 2.5 km
घर से ऑफिस जाते हुए महिला की चाल (v₁) = 5 km/h
ऑफिस पहुँचने में लगा समय (t₁) = दूरी/चाल = 2.5/5 = 0.5 h = 30 min
ऑफिस पहुँचने का समय = (9:00) + (30 min) = 9:30 AM
अतः प्रात: 9.30 बजे महिला द्वारा तय की गई दूरी = 2.5 km
यात्रा का यह भाग ग्राफ में OA द्वारा प्रदर्शित किया गया है।
महिला ऑफिस में प्रातः 9.30 बजे से सायं 5.00 बजे तक रहती है, अत: इस समय में दूरी स्थिर रहती है अर्थात् इतने समय में तय दूरी में कोई परिवर्तन नहीं होता है केवल समय परिवर्तित होता है। अत: इस भाग के लिए ग्राफ समय-अक्ष के समांतर रेखा होगी। यात्रा के इस भाग को ग्राफ में AB द्वारा प्रदर्शित किया गया है।
ऑफिस से ऑटो द्वारा घर वापस आते हुए महिला की चाल (v₂) = 25 km/h
घर पहुँचने में लगा समय (t₂) = दूरी/चाल = 2.5/25 = 0.1 h = 6 min
वह सायं 5.00 बजे ऑफिस छोड़ती है तथा उसे घर पहुँचने में 6 मिनट लगते हैं। अतः वह सायं 5.06 बजे घर पहुँचती है। यात्रा के इस भाग को ग्राफ में BC द्वारा प्रदर्शित किया गया है।
शराबी का x-t ग्राफ नीचे दिए गए चित्र में प्रदर्शित किया गया है।
प्रत्येक कदम की लम्बाई = 1 m, x-अक्ष की दिशा के अनुदिश
प्रत्येक कदम में लगा समय = 1 s, t-अक्ष की दिशा के अनुदिश
शराबी द्वारा 8 कदम चलने में लिया गया समय = 8 s
क्योंकि शराबी 5 कदम आगे व 3 कदम पीछे चलता है, अतः वह 5 m आगे तथा 3 m पीछे चलता है।
8 s में 8 कदमों में तय की गई दूरी = 5 - 3 = 2 m
16 s में 16 कदमों में तय की गई दूरी = 2 + 2 = 4 m
24 s में 24 कदमों में तय की गई दूरी = 4 + 2 = 6 m
32 s में 32 कदमों में तय की गई दूरी = 6 + 2 = 8 m
अगले 5 s में 5 कदमों में आगे की ओर तय की गई दूरी = 5 m
अतः (32 + 5) = 37 s में तय की गई कुल दूरी = 8 + 5 = 13 m
गड्ढे की प्रारम्भिक बिन्दु से दूरी = 13 m
अत: शराबी गड्ढे में 37 s में गिरेगा।
माना जेट वायुयान ऊपर की ओर (धनात्मक दिशा) vᵢ वेग से गति कर रहा है तथा उससे उत्सर्जित गैसें नीचे की ओर (ऋणात्मक दिशा) v₉ वेग से गति करती है। जबकि प्रेक्षक जमीन पर स्थिर है अर्थात् v₀ = 0
vᵢ = 500 km/h, v₉ = –1500 km/h, v₀ = 0
वायुयान की प्रेक्षक के सापेक्ष चाल = vᵢ – v₀ = 500 - 0 = 500 km/h ...(i)
दहन उत्पादों की जेट यान के सापेक्ष चाल = v₉ – vᵢ = –1500 km/h (दिया है) ...(ii)
बाहर आने वाली गैसों का वेग v₉ तथा जेट का वेग vᵢ परस्पर विपरीत दिशा में हैं।
समीकरण (i) तथा (ii) को जोड़ने पर,
(vᵢ – v₀) + (v₉ – vᵢ) = 500 - 1500
v₉ – v₀ = –1000 km/h
अत: दहन उत्पाद गैसों की प्रेक्षक के सापेक्ष चाल 1000 km/h है।
– चिह्न यह प्रदर्शित करता है कि गैसों की यह चाल, जेट यान की गति के विपरीत दिशा में है।
कार का प्रारम्भिक वेग (u) = 126 km/h = 126 × (5/18) m/s = 35 m/s
कार का अन्तिम वेग (v) = 0
तय की गई दूरी (s) = 200 m
गति के तृतीय समीकरण से,
v² – u² = 2as
0 – (35)² = 2 × a × 200
a = –1225 / 400 = –3.06 m/s²
कार का मन्दन = 3.06 m/s²
गति के प्रथम समीकरण से,
v = u + at
t = (v – u)/a = (0 – 35) / (–3.06) ≈ 11.44 s
अत: कार द्वारा रुकने में लिया गया समय ≈ 11.44 s है।
प्रत्येक रेलगाड़ी की लम्बाई = 400 m
दोनों रेलगाड़ियों के प्रारम्भिक वेग uₐ = uբ = 72 km/h = 72 × (5/18) m/s = 20 m/s
रेलगाड़ी A द्वारा 50 s में तय की गई दूरी Sₐ = uₐ × t = 20 × 50 = 1000 m
रेलगाड़ी B द्वारा 50 s में तय की गई दूरी (त्वरित गति के कारण):
Sբ = uբt + (1/2)at² = 20 × 50 + (1/2) × 1 × (50)² = 1000 + 1250 = 2250 m
दोनों रेलगाड़ियों के बीच की आरम्भिक दूरी = Sբ – Sₐ = 2250 – 1000 = 1250 m
अन्य विधि:
प्रारम्भ में दोनों रेलगाड़ियाँ समान चाल से चल रही हैं। ट्रेन B, 1 m/s² के त्वरण से गतिमान होकर 50 s में A को पार करती है।
रेलगाड़ियों के बीच की आरम्भिक दूरी = रेलगाड़ी B द्वारा 50 s में 1 m/s² त्वरण से तय की गई दूरी (A के सापेक्ष)
S = ut + (1/2)at² = 0 × 50 + (1/2) × 1 × (50)² = 1250 m
कार A की चाल (uₐ) = 36 km/h = 36 × (5/18) m/s = 10 m/s
कार B तथा कार C की चाल uբ = u꜀ = 54 km/h = 54 × (5/18) m/s = 15 m/s
कार A के सापेक्ष कार B की चाल = uբ – uₐ = 15 – 10 = 5 m/s
कार A के सापेक्ष कार C की चाल = u꜀ – (–uₐ) = 15 – (–10) = 25 m/s
कार A तथा कार B के बीच की दूरी = 1 km = 1000 m
कार C द्वारा (AC = 1000 m) दूरी तय करने में लगा समय = दूरी / सापेक्ष चाल = 1000 / 25 = 40 s
माना कार B त्वरण a से त्वरित होती है, तब गति के समीकरण से:
s = ut + (1/2)at²
1000 = 5 × 40 + (1/2) × a × (40)²
1000 = 200 + 800a
800a = 800
a = 1 m/s²
अत: कार B को 1 m/s² के त्वरण से त्वरित होना चाहिए।
माना प्रत्येक बस की चाल = v_b km/h
साइकिल सवार की चाल v_s = 20 km/h
(a) जब बस साइकिल सवार की गति की दिशा में गुजरती है (A से B की ओर)
बस की साइकिल सवार के सापेक्ष चाल = (v_b – 20) km/h
बस साइकिल सवार को प्रत्येक 18 min में मिलती है।
इस समयांतराल में बस द्वारा साइकिल सवार के सापेक्ष तय की गई दूरी = (v_b – 20) × (18/60) km ...(i)
प्रत्येक दिशा से बस T min बाद चलती है।
बस द्वारा T min में तय की गई दूरी = v_b × (T/60) km ...(ii)
समी (i) तथा (ii) से,
(v_b – 20) × (18/60) = v_b × (T/60)
v_b – 20 = (v_b × T) / 18 ...(iii)
(b) जब बस साइकिल सवार की गति के विपरीत दिशा में गुजरती है (B से A की ओर)
बस की साइकिल सवार के सापेक्ष चाल = (v_b + 20) km/h
बस प्रत्येक 6 min में साइकिल सवार से होकर गुजरती है।
इस समयांतराल में बस द्वारा साइकिल सवार के सापेक्ष तय की गई दूरी = (v_b + 20) × (6/60) km ...(iv)
बस द्वारा T min में तय की गई दूरी = v_b × (T/60) km ...(v)
समी (iv) व (v) से,
(v_b + 20) × (6/60) = v_b × (T/60)
v_b + 20 = (v_b × T) / 6 ...(vi)
समी (vi) को समी (iii) से भाग करने पर,
(v_b + 20) / (v_b – 20) = 18/6 = 3
v_b + 20 = 3v_b – 60
2v_b = 80
v_b = 40 km/h
v_b का मान समीकरण (vi) में रखने पर,
40 + 20 = (40 × T) / 6
60 × 6 = 40 × T
T = 360 / 40 = 9 min
अतः बस सेवाकाल T = 9 min तथा बस की चाल = 40 km/h
(a) गेंद गुरुत्व के अंतर्गत गति कर रही है, अतः त्वरण की दिशा ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर, गुरुत्वीय त्वरण की दिशा में है।
(b) गति के उच्चतम बिन्दु पर वेग शून्य है तथा त्वरण, गुरुत्वीय त्वरण (9.8 m/s²) के बराबर ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर है।
(c) यदि उच्चतम बिन्दु पर स्थिति व समय को x = 0 m तथा t = 0 s चुने तथा ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर की दिशा को x-अक्ष की धनात्मक दिशा चुने तब:
ऊपर की ओर गति के समय: स्थिति धनात्मक, वेग ऋणात्मक, त्वरण धनात्मक।
नीचे की ओर गति के समय: स्थिति धनात्मक, वेग धनात्मक, त्वरण धनात्मक।
(d) माना गेंद h अधिकतम ऊँचाई तक ऊपर जाती है।
गेंद का प्रारम्भिक वेग (u) = 29.4 m/s, g = 9.8 m/s², अन्तिम वेग (v) = 0
गति के समीकरण से, v² – u² = 2gh
0 = (29.4)² – 2 × 9.8 × h
h = (29.4 × 29.4) / (2 × 9.8) = 44.1 m
पुनः गति के समीकरण से, v = u – gt
0 = 29.4 – 9.8 × t
t = 29.4 / 9.8 = 3 s (ऊपर जाने में लगा समय)
गेंद के ऊपर जाने में लगा समय ठीक उसके नीचे आने में लगे समय के बराबर होता है।
गेंद के खिलाड़ी के वापस हाथ में आने में लगा समय = 2t = 2 × 3 = 6 s
(a) किसी क्षण चाल शून्य होने पर भी उसका त्वरण अशून्य हो सकता है।
(b) चाल शून्य होने पर भी उसका वेग अशून्य हो सकता है।
(c) चाल स्थिर हो तो त्वरण अवश्य ही शून्य होना चाहिए।
(d) चाल अवश्य ही बढ़ती रहेगी, यदि उसका त्वरण धनात्मक हो।
(a) सत्य: यदि किसी वस्तु को ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंका जाता है तो अधिकतम ऊँचाई के बिंदु पर इसकी चाल शून्य हो जाती है, परन्तु गुरुत्व के कारण उसका त्वरण, गुरुत्वीय त्वरण के बराबर ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर होता है।
(b) असत्य: क्योंकि वेग को किसी निश्चित दिशा में चाल के रूप में परिभाषित करते हैं। यदि चाल शून्य है तो वेग का परिमाण शून्य होगा, अतः वेग भी शून्य होगा।
(c) सत्य: यदि एक कण एक सरल रेखा में नियत चाल से गति कर रहा है तब इसका वेग भी नियत होगा जिसके परिणामस्वरूप उसका त्वरण शून्य होगा।
(d) असत्य: यदि ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर धनात्मक दिशा लें तब ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंक
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