UP Board Solutions for Class 6 Maths
अध्याय 13: सममिति
Exercise 13.1
01. अपने घर अथवा विधालय की ऐसी चार वस्तुओं की सूची बनाइए जो सममिति हों |
हल : हमारे आस-पास बहुत सी वस्तुएँ सममित होती हैं। चार उदाहरण इस प्रकार हैं:
- नोटबुक
- ब्लैकबोर्ड
- आयताकार दर्पण
- स्याही का डिब्बा
इन सभी वस्तुओं को एक रेखा के साथ मोड़ने पर उनके दोनों भाग एक-दूसरे से पूरी तरह मिल जाते हैं।
02. दी गई आकृति में कौन सी दर्पण रेखा अर्थात् सममिति रेखा है |; या |2?
(यहाँ एक आयत बनाया गया है जिसमें दो रेखाएँ, l1 (ऊर्ध्वाधर) और l2 (क्षैतिज) खींची गई हैं।)
हल : दी गई आकृति एक आयत है। आयत में दो सममिति रेखाएँ होती हैं - एक क्षैतिज और एक ऊर्ध्वाधर। इसलिए, इस आकृति में दोनों रेखाएँ l1 और l2 सममिति रेखाएँ हैं।
03. नीचे दी गई आकृतियों की पहचान कीजिए | जाँच कीजिए कि क्या ये आकृतियाँ सममिति हैं या नहीं | उनकी सममिति की रेखा भी खींचिए |
(यहाँ विभिन्न आकृतियों के चित्र दिए गए हैं।)
हल :
- आकृति (a): यह एक समबाहु त्रिभुज है। यह सममित है। इसकी तीन सममिति रेखाएँ होती हैं जो प्रत्येक शीर्ष से विपरीत भुजा के मध्य बिंदु तक जाती हैं।
- आकृति (b): यह एक वर्ग है। यह सममित है। इसकी चार सममिति रेखाएँ होती हैं - दो विकर्ण और दो रेखाएँ जो सम्मुख भुजाओं के मध्य बिंदुओं से गुजरती हैं।
- आकृति (c): यह एक विषमबाहु त्रिभुज है (सभी भुजाएँ अलग-अलग लंबाई की हैं)। यह सममित नहीं है क्योंकि इसमें कोई ऐसी रेखा नहीं है जिसके दोनों ओर के भाग बिल्कुल समान हों।
- आकृति (d): यह एक समद्विबाहु त्रिभुज है। यह सममित है। इसकी केवल एक सममिति रेखा होती है जो शीर्ष से आधार के मध्य बिंदु तक जाती है।
- आकृति (e): यह एक वृत्त है। यह सममित है। वृत्त में अनंत सममिति रेखाएँ होती हैं, क्योंकि केंद्र से गुजरने वाली हर रेखा इसे दो समान भागों में बाँटती है।
- आकृति (f): यह एक समचतुर्भुज है। यह सममित है। इसकी दो सममिति रेखाएँ होती हैं - दोनों विकर्ण।
04. नीचे दी गई आकृतियों को वर्गीकृत पेपर पर बनाइए | आपने वर्गीकृत पेपर का प्रयोग अपनी पिछली कक्षाओं में अंकगणित नोट बुक में किया होगा | इन आकृतियों को इस तरह पूरा कीजिए कि बिंदुकित रेखा ही सममिति रेखा हो |
(यहाँ आधी बनी हुई आकृतियाँ (a) से (e) तक दी गई हैं, जिनमें बिंदुकित रेखा सममिति रेखा है।)
हल : छात्रों को दी गई बिंदुकित रेखा (सममिति रेखा) का उपयोग करके आकृतियों को पूरा करना है। इसके लिए, सममिति रेखा के एक तरफ के प्रत्येक बिंदु से, रेखा से समान दूरी पर दूसरी तरफ एक बिंदु लगाएँ और फिर उन बिंदुओं को मिलाकर आकृति पूरी करें। पूरी की गई आकृतियाँ कुछ इस प्रकार दिखेंगी:
(a) एक पूरा तितली का डिज़ाइन।
(b) एक पूरा हृदय का आकार।
(c) एक सममित ज्यामितीय पैटर्न।
(d) एक पूरा पत्ते का आकार।
(e) एक सममित तीर का निशान।
05. नीचे सममिति की रेखा l दी गई है | l सममिति की रेखा है | इस आकृति को पूरा कीजिए जिससे यह सममित हो जाए |
(यहाँ एक बिंदुकित ऊर्ध्वाधर रेखा 'l' है और उसके दाईं ओर एक अर्ध-वृत्त और एक रेखाखंड बना हुआ है।)
हल : रेखा 'l' सममिति रेखा है। हमें इस रेखा के बाईं ओर दाईं ओर वाली आकृति का प्रतिबिंब बनाना है। दाईं ओर एक अर्धवृत्त और एक सीधी रेखा है। रेखा 'l' से समान दूरी पर बाईं ओर भी एक समान अर्धवृत्त और रेखाखंड बनाने पर पूरी आकृति एक पूरा वृत्त और उसके अंदर एक रेखा जैसी दिखेगी, जो रेखा 'l' के दोनों ओर सममित होगी।
06. आकृति में, l सममिति की रेखा है | त्रिभुज का प्रतिबिंब खींचिए और इस आकृति को पूरा कीजिए जिससे यह सममिति हो जाए |
(यहाँ एक बिंदुकित ऊर्ध्वाधर रेखा 'l' है और उसके बाईं ओर एक समद्विबाहु त्रिभुज बना हुआ है।)
हल : रेखा 'l' के बाईं ओर एक त्रिभुज दिया गया है। इसे सममित बनाने के लिए, हमें रेखा 'l' के दाईं ओर इस त्रिभुज का दर्पण प्रतिबिंब बनाना होगा। त्रिभुज के प्रत्येक शीर्ष से रेखा 'l' तक लंबवत दूरी नापें और रेखा 'l' से उतनी ही दूरी पर दूसरी ओर बिंदु अंकित करें। इन नए बिंदुओं को मिलाकर दूसरा त्रिभुज बनाएँ। पूरी की गई आकृति एक विशालकाय 'V' आकार या एक तितली के पंख जैसी दिखेगी, जो रेखा 'l' के दोनों ओर बिल्कुल समान होगी।
Exercise 13.2
01. नीचे दी गई आकृतियों में प्रत्येक की सममिति रेखाओं की संख्या ज्ञात कीजिए |
(यहाँ विभिन्न आकृतियों के चित्र दिए गए हैं: (a) एक समबाहु त्रिभुज, (b) एक वर्ग, (c) एक समद्विबाहु त्रिभुज, (d) एक आयत, (e) एक समचतुर्भुज, (f) एक वृत्त।)
हल :
- समबाहु त्रिभुज: 3 सममिति रेखाएँ।
- वर्ग: 4 सममिति रेखाएँ।
- समद्विबाहु त्रिभुज: 1 सममिति रेखा।
- आयत: 2 सममिति रेखाएँ।
- समचतुर्भुज: 2 सममिति रेखाएँ।
- वृत्त: अनंत सममिति रेखाएँ।
02. नीचे दी गई प्रत्येक आकृति में त्रिभुज को एक वर्गीकृत पेपर पर बनाइए | प्रत्येक में सममिति की रेखा (रेखाओं) को यदि है तो उन्हें खींचिए और त्रिभुज के प्रकार को पहचानिए |
(यहाँ चार त्रिभुजों के चित्र (a), (b), (c), (d) दिए गए हैं।)
हल :
- आकृति (a): इस त्रिभुज की कोई सममिति रेखा नहीं है क्योंकि सभी भुजाएँ अलग-अलग लंबाई की प्रतीत होती हैं। यह एक विषमबाहु त्रिभुज है।
- आकृति (b): इस त्रिभुज में एक सममिति रेखा है जो शीर्ष से आधार के मध्य बिंदु तक जाती है। यह एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
- आकृति (c): इस त्रिभुज में तीन सममिति रेखाएँ हैं। यह एक समबाहु त्रिभुज है।
- आकृति (d): इस त्रिभुज में एक सममिति रेखा है जो शीर्ष से आधार के मध्य बिंदु तक जाती है। यह एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
03. निम्न तालिका को पूरा कीजिए :
| आकार |
सममिति की रेखाओं की संख्या |
| समबाहु त्रिभुज |
3 |
| वर्ग |
4 |
| समद्विबाहु त्रिभुज |
1 |
| आयत |
2 |
| समचतुर्भुज |
2 |
| वृत्त |
अनंत |
हल : तालिका ऊपर पूरी कर दी गई है।
04. क्या आप एक ऐसा त्रिभुज बना सकते हो जिसमें
(a) केवल एक ही सममिति रेखा हो ?
(b) केवल दो ही सममिति रेखाएँ हों ?
(c) केवल तीन ही सममिति रेखाएँ हों ?
(d) कोई सममिति रेखा न हो ?
प्रत्येक में आकृति की रूपरेखा (खाका) बनाइए |
हल : हाँ, ऐसे त्रिभुज बनाए जा सकते हैं।
- केवल एक सममिति रेखा: समद्विबाहु त्रिभुज। इसकी केवल एक ही सममिति रेखा होती है जो शीर्ष से आधार के मध्य बिंदु तक जाती है।
- केवल दो सममिति रेखाएँ: कोई त्रिभुज दो सममिति रेखाओं वाला नहीं हो सकता। एक त्रिभुज में या तो शून्य, या एक, या तीन सममिति रेखाएँ हो सकती हैं।
- केवल तीन सममिति रेखाएँ: समबाहु त्रिभुज। इसकी तीन सममिति रेखाएँ होती हैं, प्रत्येक शीर्ष से विपरीत भुजा के मध्य बिंदु तक।
- कोई सममिति रेखा नहीं: विषमबाहु त्रिभुज (जिसकी तीनों भुजाएँ अलग-अलग लंबाई की हों)। इसमें कोई भी रेखा त्रिभुज को दो समान भागों में नहीं बाँट सकती।
05. एक वर्गीकृत पेपर पर निम्न की रूपरेखा बनाइए :
(a) एक त्रिभुज जिसमें क्षैतिज सममिति रेखा तो हों परन्तु ऊर्ध्वाधर सममिति रेखा न हो |
(b) एक चतुर्भुज जिसमें क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों ही सममिति की रेखा हों |
(c) एक चतुर्भुज जिसमें क्षैतिज सममिति रेखा तो हो परन्तु ऊर्ध्वाधर सममिति रेखा न हो |
(d) एक षट्भुज जिसमें केवल दो ही सममिति रेखाएँ हों |
(e) एक षट्भुज जिसमें 6 सममिति रेखाएँ हों |
हल : छात्रों को वर्गीकृत पेपर पर निम्नलिखित आकृतियों के रेखाचित्र बनाने हैं:
- त्रिभुज: एक समद्विबाहु त्रिभुज जिसका आधार क्षैतिज हो। इसकी केवल एक क्षैतिज सममिति रेखा नहीं होगी, बल्कि एक ऊर्ध्वाधर सममिति रेखा होगी जो शीर्ष से आधार के मध्य बिंदु तक जाती है। क्षैतिज सममिति रेखा वाला त्रिभुज बनाने के लिए, एक विशेष प्रकार का समद्विबाहु त्रिभुज बनाएँ जिसका शीर्ष नीचे की ओर हो और आधार ऊपर की ओर। इसकी सममिति रेखा क्षैतिज होगी।
- चतुर्भुज: एक वर्ग या एक आयत। इनमें क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की सममिति रेखाएँ होती हैं।
- चतुर्भुज: एक समचतुर्भुज जिसका एक विकर्ण क्षैतिज हो। इसमें क्षैतिज सममिति रेखा (वह विकर्ण) तो होगी, लेकिन ऊर्ध्वाधर सममिति रेखा नहीं होगी।
- षट्भुज: एक सम षट्भुज नहीं, बल्कि एक ऐसा षट्भुज जिसमें केवल दो सममिति रेखाएँ हों, जैसे एक लंबा षट्भुज जो दो विपरीत भुजाओं के साथ फैला हुआ हो।
- षट्भुज: एक नियमित षट्भुज (सम षट्भुज)। इसमें 6 सममिति रेखाएँ होती हैं - तीन शीर्षों से गुजरने वाली और तीन भुजाओं के मध्य बिंदुओं से गुजरने वाली।
06. प्रत्येक आकृति का अनुरेखण (ट्रेस) कीजिए और सममिति की रेखाओं (सममिति रेखा) को खींचिए |
(यहाँ विभिन्न ज्यामितीय पैटर्न और डिज़ाइन (a) से (f) तक दिए गए हैं।)
हल : छात्रों को दी गई प्रत्येक आकृति का ट्रेस करना है और उनमें जितनी भी सममिति रेखाएँ हो सकती हैं, उन्हें खींचना है। उदाहरण के लिए:
- एक डिज़ाइन जिसमें 4 सममिति रेखाएँ (क्षैतिज, ऊर्ध्वाधर और दो विकर्ण) हो सकती हैं।
- एक डिज़ाइन जिसमें 2 सममिति रेखाएँ (क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर) हो सकती हैं।
- एक डिज़ाइन जिसमें केवल 1 सममिति रेखा (ऊर्ध्वाधर) हो सकती है।
- एक डिज़ाइन जिसमें 2 सममिति रेखाएँ (क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर) हो सकती हैं।
- एक डिज़ाइन जिसमें 4 सममिति रेखाएँ हो सकती हैं।
- एक डिज़ाइन जिसमें कोई सममिति रेखा नहीं हो सकती है।
(नोट: वास्तविक उत्तर दी गई विशिष्ट आकृतियों पर निर्भर करेगा।)
07. अंग्रेजी वर्णमाला के A से Z तक के सभी अक्षरों पर विचार कीजिए | इनमे से उन अक्षरों की सूची बनाइए जिनमें
(a) ऊर्ध्वाधर सममिति की रेखाएँ हों (जैसा कि A)
(b) क्षैतिज सममिति की रेखाएँ हों (जैसा कि B)
(c) सममिति की रेखाएँ न हों (जैसा की Q)
हल : बड़े अक्षरों (कैपिटल लेटर्स) के आधार पर:
- ऊर्ध्वाधर सममिति रेखा वाले अक्षर: A, H, I, M, O, T, U, V, W, X, Y
(नोट: O और X में ऊर्ध्वाधर के अलावा क्षैतिज और विकर्ण सममिति भी है।)
- क्षैतिज सममिति रेखा वाले अक्षर: B, C, D, E, H, I, K, O, X
(नोट: H, I, O, X में क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों हैं।)
- कोई सममिति रेखा न होने वाले अक्षर: F, G, J, L, N, P, Q, R, S, Z
08. यहाँ पर कुछ मुड़ी हुई शीट की आकृतियाँ दी गई हैं जिनकी तह पर आकृतियाँ बने गई हैं | प्रत्येक में पूर्ण आकृति की रूप रेखा खींचिए जो डिज़ाइन के काटने के बाद दिखाई देगी |
(यहाँ कागज को मोड़कर और काटकर बनाई गई विभिन्न डिज़ाइनों के आधे हिस्से दिखाए गए हैं।)
हल : छात्रों को दी गई मुड़ी हुई आकृतियों को खोलकर पूरा डिज़ाइन कल्पना करना है और उसकी रूपरेखा खींचनी है। मोड़ की रेखा सममिति रेखा होगी। उदाहरण के लिए:
- यदि मोड़ के साथ एक अर्ध-हृदय काटा गया है, तो खोलने पर एक पूरा हृदय बनेगा।
- यदि मोड़ के साथ एक अर्ध-तितली काटी गई है, तो खोलने पर एक पूरी तितली बनेगी।
- यदि मोड़ के कोने से एक त्रिकोण काटा गया है, तो खोलने पर एक समचतुर्भुज या हीरे का आकार बनेगा।
Exercise 13.3
01. नीचे दी गई आकृतियों में सममिति की रेखाओं की संख्या ज्ञात कीजिए | आप अपने उत्तर की जाँच कैसे करेंगे ?
(यहाँ विभिन्न ज्यामितीय आकृतियाँ (a) से (f) तक दी गई हैं।)
हल :
- आकृति (a): यह एक वर्ग है। सममिति रेखाओं की संख्या = 4।
- आकृति (b): यह एक समद्विबाहु त्रिभुज है। सममिति रेखाओं की संख्या = 1।
- आकृति (c): यह एक समचतुर्भुज है। सममिति रेखाओं की संख्या = 2।
- आकृति (d): यह एक वृत्त है। सममिति रेखाओं की संख्या = अनंत (लेकिन आरेखण में केवल दो दिखाई गई हैं, इसलिए प्रश्न के संदर्भ में 2 भी स्वीकार्य है)।
- आकृति (e): यह एक पतंग (Kite) का आकार है। सममिति रेखाओं की संख्या = 1।
- आकृति (f): यह एक सम षट्भुज है। सममिति रेखाओं की संख्या = 6।
जाँच की विधि: हम कल्पना कर सकते हैं कि आकृति को एक रेखा के साथ मोड़ा जाए। यदि मोड़ने पर आकृति के दोनों भाग पूरी तरह से ओवरलैप हो जाते हैं (एक-दूसरे पर बिल्कुल मिल जाते हैं), तो वह रेखा एक सममिति रेखा है। इस प्रकार सभी संभावित रेखाओं के लिए जाँच करके हम उनकी संख्या गिन सकते हैं।
02. नीचे दी गई आरेखण को वर्गीकृत पेपर पर बनाइए | प्रत्येक को पूरा कीजिए जिससे प्राप्त आकृति में दो बिंदुकित रेखाएँ दो सममिति की रेखाओं के रूप में हों :
आपने इस आकृति को कैसे पूरा किया ?
(यहाँ आधी बनी हुई आकृतियाँ (a) से (f) तक दी गई हैं, जिनमें दो बिंदुकित रेखाएँ (एक क्षैतिज और एक ऊर्ध्वाधर) सममिति रेखाएँ हैं।)
हल : छात्रों को दी गई दोनों बिंदुकित रेखाओं (क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर) को सममिति रेखा मानकर आकृति को पूरा करना है। इसका मतलब है कि आकृति इन दोनों रेखाओं के प्रति सममित होगी। पूरा करने की विधि:
- पहले एक रेखा (मान लीजिए ऊर्ध्वाधर) के सापेक्ष दर्पण प्रतिबिंब बनाएँ।
- फिर इस नई बनी पूरी आकृति को दूसरी रेखा (क्षैतिज)