UP Board Class 8 Science 12. घर्षण is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 8 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
(क) पघर्षण एक दूसरे के सम्पर्क में रखी दो वस्तुओं के पृष्ठों के बीच ............. का विरोध करता है।
(ख) घर्षण पृष्ठों के ............. पर निर्भर करता है।
(ग) घर्षण से ............. उत्पनत होती है।
(3) oem बोर्ड पर पाउडर छिड़कने से घर्षण ............. हो जाता है।
(डः) सर्पी घर्षण स्थैतिक घर्षण से ............. होता है।
उत्तर:
(क) सापेक्ष गति
(ख) चिकनेपन या रूक्षता
(ग) ऊष्मा
(घ) कम
(ङ) कम
उत्तर: (ग) स्थैतिक, सर्पी, लोटनिक
व्याख्या: किसी वस्तु को स्थिर अवस्था से गति में लाने के लिए आवश्यक बल (स्थैतिक घर्षण) सबसे अधिक होता है। एक बार गति शुरू होने पर उसे बनाए रखने के लिए आवश्यक बल (सर्पी घर्षण) कम हो जाता है। जब वस्तु लुढ़कती है, तो उस पर लगने वाला लोटनिक घर्षण सबसे कम होता है।
उत्तर: (क) संगमरमर का गीला फर्श, संगमरमर का सूखा फर्श, समाचार पत्र, तौलिया
व्याख्या: घर्षण बल सतह के रूक्ष होने पर बढ़ता है। संगमरमर का गीला फर्श सबसे चिकना (कम घर्षण) होगा। सूखा संगमरमर उससे थोड़ा रूक्ष है। समाचार पत्र की सतह और अधिक रूक्ष है, जबकि तौलिया की रुईदार और खुरदरी सतह सबसे अधिक घर्षण प्रदान करेगी।
उत्तर: जब झुके हुए डेस्क पर रखी पुस्तक नीचे की ओर सरकने लगती है, तो उस पर लगने वाला घर्षण बल सदैव गति का विरोध करता है। चूँकि पुस्तक की गति की दिशा नीचे की ओर है, इसलिए घर्षण बल की दिशा ऊपर की ओर (डेस्क के तल के समानांतर) होगी।
(कल्पना कीजिए कि घर्षण बल पुस्तक को ऊपर की ओर खींच रहा है ताकि उसकी गति धीमी हो सके।)
उत्तर: इस स्थिति में चलना कठिन और खतरनाक होगा।
कारण: साबुन का पानी एक स्नेहक (लुब्रिकेंट) का काम करता है। यह संगमरमर के फर्श और जूते के तले के बीच की अनियमितताओं (रूक्षता) को भर देता है, जिससे दोनों सतहों के बीच का संपर्क कम हो जाता है। परिणामस्वरूप, घर्षण बल बहुत कम हो जाता है। कम घर्षण के कारण पैर फर्श पर पकड़ नहीं बना पाते और फिसलने की संभावना बहुत बढ़ जाती है।
उत्तर: खिलाड़ी कीलदार जूते (स्पाइक्स) निम्नलिखित कारणों से पहनते हैं:
1. घर्षण बढ़ाने के लिए: जूतों की तली में लगी नुकीली कीलें मैदान की मिट्टी या घास में धंस जाती हैं, जिससे पकड़ (ग्रिप) मजबूत होती है और खिलाड़ी दौड़ते, मुड़ते या रुकते समय फिसलता नहीं है।
2. संतुलन और धक्का देने की क्षमता: अच्छी पकड़ होने से खिलाड़ी जमीन को मजबूती से धक्का देकर तेज दौड़ सकता है और अचानक मोड़ लेने में भी संतुलन बनाए रख सकता है।
3. जूतों की सुरक्षा: ये कीलें जूते के तले को सीधे जमीन के संपर्क में आने से बचाती हैं, जिससे जूते कम घिसते हैं।
उत्तर: सीमा अधिक घर्षण बल का अनुभव करेगी।
कारण: घर्षण बल दो सतहों के बीच लगने वाले दाब (भार के कारण) पर निर्भर करता है। भारी पेटिका का द्रव्यमान अधिक होता है, इसलिए वह फर्श पर अधिक बल (भार) से दबाव डालती है। इस अधिक दबाव के कारण दोनों सतहों (पेटिके का तला और फर्श) की अनियमितताएँ एक-दूसरे में गहराई तक फँसती हैं, जिससे घर्षण बल बढ़ जाता है। हल्की पेटिका कम दबाव डालती है, इसलिए उस पर कार्यरत घर्षण बल भी कम होगा।
उत्तर: सर्पी घर्षण, स्थैतिक घर्षण से कम होता है, क्योंकि दोनों स्थितियों में सतहों के बीच संपर्क अलग-अलग होता है।
- स्थैतिक घर्षण: जब वस्तु स्थिर होती है, तो उसका पृष्ठ दूसरे पृष्ठ (जैसे फर्श) के संपर्क में पूरी तरह से और लगातार रहता है। दोनों सतहों की अनियमितताएँ (छोटे-छोटे उभार) एक-दूसरे में अच्छी तरह फँसी रहती हैं। इन अनियमितताओं को तोड़कर गति शुरू करने के लिए अधिक बल (स्थैतिक घर्षण) चाहिए।
- सर्पी घर्षण: एक बार वस्तु गति में आ जाने के बाद, सतहों के बीच का निरंतर संपर्क टूट जाता है। अनियमितताएँ एक-दूसरे में उतनी गहराई से नहीं धँस पातीं। इसलिए, गति को जारी रखने के लिए आवश्यक विरोधी बल (सर्पी घर्षण) कम हो जाता है। यही कारण है कि किसी भारी बक्से को धकेलकर चलाना शुरू करना मुश्किल होता है, लेकिन एक बार चल पड़ने पर उसे चलाए रखना अपेक्षाकृत आसान होता है।
उत्तर: घर्षण एक ऐसी भौतिक घटना है जो हमारे जीवन में लाभ और हानि दोनों प्रदान करती है, इसलिए इसे मित्र और शत्रु दोनों कहा जा सकता है।
घर्षण एक मित्र के रूप में:
घर्षण एक शत्रु के रूप में:
उत्तर: तरल (द्रव या गैस) में गति करने वाली वस्तुओं, जैसे जहाज, पनडुब्बी, हवाई जहाज या मछली की विशेष आकृति (धारारेखित आकृति) बनाने का मुख्य उद्देश्य घर्षण या प्रतिरोध को कम करना है।
- जब कोई वस्तु तरल में गति करती है, तो तरल के अणु उससे टकराते हैं और एक प्रतिरोधक बल (द्रवीय घर्षण) उत्पन्न करते हैं।
- धारारेखित आकृति (आगे से नुकीली और पीछे की ओर संकरी) तरल के अणुओं को वस्तु के चारों ओर सरलता से और बिना अधिक अवरोध के बहने में मदद करती है।
- इससे वस्तु और तरल के बीच होने वाला घर्षण न्यूनतम हो जाता है।
- कम घर्षण का मतलब है कम ऊर्जा व्यय। इसलिए, ऐसी आकृति वाली वस्तुएँ तेज गति से चल सकती हैं और ईंधन की बचत कर सकती हैं। यही कारण है कि रेसिंग कार, बुलेट ट्रेन और यहाँ तक कि साइकिल चालक भी इसी सिद्धांत का उपयोग करते हैं।
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