UP Board Book Logo

UPBoardBook Desktop Banner UPBoardBook Mobile Banner

UP Board Class 8 Science (9. जंतुओं में जनन) solution PDF

UP Board Class 8 Science 9. जंतुओं में जनन is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 8 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.

UP Board Class 8 Science (9. जंतुओं में जनन) solution

UP Board Class 8 Science 9. जंतुओं में जनन Hindi Medium Solutions - PDF

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Click Here to

UP Board Solution Class 8 Science 9. जंतुओं में जनन Image 1
UP Board Solution Class 8 Science 9. जंतुओं में जनन Image 2
UP Board Solution Class 8 Science 9. जंतुओं में जनन Image 3
UP Board Solution Class 8 Science 9. जंतुओं में जनन Image 4
UP Board Solution Class 8 Science 9. जंतुओं में जनन Image 5

UP Board Solutions for Class 8 Science

अध्याय 9: जंतुओं में जनन


इस अध्याय में हम जंतुओं में जनन की विभिन्न विधियों, निषेचन के प्रकार और विकास की प्रक्रिया के बारे में पढ़ेंगे। नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर सरल और स्पष्ट भाषा में दिए गए हैं।

प्रश्न - जनन क्या है ? यह क्यों जरूरी हैं ?

उत्तर - जनन वह जैविक प्रक्रिया है जिसमें कोई जीव अपने ही समान नये शिशु या संतति को उत्पन्न करता है। यह प्रक्रिया किसी भी जाति (स्पीशीज) के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। जनन के बिना, जीवों की नस्लें समय के साथ खत्म हो जातीं और पृथ्वी पर जीवन की निरंतरता टूट जाती।

प्रश्न - निषेचन कितने प्रकार का होता है ?

उत्तर - निषेचन मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है:

  1. बाह्य निषेचन: यह निषेचन मादा जीव के शरीर के बाहर होता है, जैसे पानी में। उदाहरण: मेंढक, मछली।
  2. आंतरिक निषेचन: यह निषेचन मादा जीव के शरीर के अंदर होता है। उदाहरण: मनुष्य, गाय, कुत्ता।

प्रश्न - युग्मनज किसे कहते है ?

उत्तर - जब नर युग्मक (शुक्राणु) और मादा युग्मक (अंडाणु) आपस में मिलते हैं, तो इस संलयन की प्रक्रिया को निषेचन कहते हैं। निषेचन के बाद जो एकल कोशिका बनती है, उसे ही युग्मनज कहा जाता है। यह युग्मनज ही बाद में विभाजित होकर एक नए जीव के रूप में विकसित होता है।

प्रश्न - परखनली शिशु क्या है ?

उत्तर - कुछ महिलाओं में फैलोपियन ट्यूब (अंडवाहिनी) में रुकावट होने के कारण प्राकृतिक रूप से गर्भधारण नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में, डॉक्टर प्रयोगशाला में मादा के अंडाणु और नर के शुक्राणु को एक विशेष पोषक माध्यम में एकत्र करते हैं और कुछ घंटों तक रखते हैं ताकि निषेचन हो सके। इस विधि को आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) या परखनली निषेचन कहते हैं। निषेचन के बाद बने युग्मनज को कुछ दिनों तक विकसित किया जाता है और फिर उसे माता के गर्भाशय में स्थापित कर दिया जाता है। इस प्रकार जन्म लेने वाले शिशु को ही परखनली शिशु (टेस्ट ट्यूब बेबी) कहा जाता है।

प्रश्न - शुक्राणु में पूँछ किस काम आती है ?

उत्तर - शुक्राणु की पूँछ एक लंबी, चाबुक जैसी संरचना होती है जो उसे तैरने में मदद करती है। यह पूँछ लहरदार गति करके शुक्राणु को अंडाणु की ओर तेजी से आगे बढ़ने की क्षमता प्रदान करती है, जिससे निषेचन की प्रक्रिया सफल हो पाती है।

प्रश्न - आंतरिक निषेचन किसे कहते है ?

उत्तर - वह निषेचन जो मादा जीव के शरीर के अंदर होता है, आंतरिक निषेचन कहलाता है। इस प्रक्रिया में, नर युग्मक (शुक्राणु) मादा के जनन तंत्र में प्रवेश करते हैं और वहीं पर अंडाणु से मिलकर निषेचन करते हैं। यह विधि स्थलीय जंतुओं में अधिक पाई जाती है, जैसे – मनुष्य, गाय, कुत्ता, बिल्ली, चिड़िया आदि।

प्रश्न - बाह्य निषेचन क्या है ?

उत्तर - वह निषेचन जिसमें नर और मादा युग्मकों (शुक्राणु और अंडाणु) का संलयन मादा के शरीर के बाहर होता है, बाह्य निषेचन कहलाता है। यह प्रक्रिया आमतौर पर जलीय वातावरण में होती है, जहाँ मादा पानी में अंडे देती है और नर उन पर शुक्राणु छोड़ता है। उदाहरण: मेंढक, अधिकांश मछलियाँ, समुद्री एनीमोन आदि।

प्रश्न - भ्रूण किसे कहते है।

उत्तर - निषेचन के बाद बना युग्मनज बार-बार विभाजित होता रहता है और कोशिकाओं का एक समूह बन जाता है। यह समूह धीरे-धीरे विभिन्न प्रकार के ऊतकों और अंगों में विकसित होने लगता है। विकास की इस प्रारंभिक अवस्था में, जब शिशु के विभिन्न अंग बनने शुरू होते हैं लेकिन पूरी तरह से विकसित नहीं होते, तो उसे भ्रूण कहते हैं।

प्रश्न - भ्रूण कहाँ रोपित होता है ?

उत्तर - मनुष्य और अन्य स्तनधारी जंतुओं में, निषेचन के बाद बना भ्रूण मादा के गर्भाशय की मोटी और रक्तवाहिकाओं से भरपूर दीवार में रोपित (स्थापित) हो जाता है। यहीं पर वह पोषण प्राप्त करता हुआ विकसित होता रहता है।

प्रश्न - गर्भ किसे कहते है?

उत्तर - जब भ्रूण का विकास आगे बढ़ता है और उसमें सभी प्रमुख शारीरिक अंग जैसे सिर, हाथ, पैर, आँख, कान आदि स्पष्ट रूप से पहचाने जा सकने लगते हैं, तो विकास की इस अवस्था को गर्भ कहा जाता है। गर्भ ही आगे चलकर पूर्ण विकसित शिशु बनता है।

प्रश्न - जरायु जंतु एवं अंडप्रजक जंतु में एक अंतर लिखिए।

उत्तर -

  • जरायु जंतु: ये वे जंतु हैं जो सीधे शिशु को जन्म देते हैं। इनमें भ्रूण का विकास माँ के गर्भाशय के अंदर होता है और वहीं से पोषण प्राप्त करता है। जैसे – मनुष्य, गाय, व्हेल।
  • अंडप्रजक जंतु: ये वे जंतु हैं जो अंडे देते हैं। इनमें भ्रूण का विकास माँ के शरीर के बाहर, अंडे के अंदर होता है और वह अंडे की जर्दी से पोषण प्राप्त करता है। जैसे – मुर्गी, मेंढक, छिपकली।

प्रश्न - युग्मनज और गर्भ में दो विभिन्नताएँ दीजिए।

उत्तर -

युग्मनज गर्भ
1. यह निषेचन के तुरंत बाद बनने वाली एक कोशिका होती है। 1. यह भ्रूण के विकसित होने की एक बाद की अवस्था है।
2. इसमें शारीरिक अंगों की कोई पहचान नहीं होती; यह सिर्फ एक कोशिका का समूह होता है। 2. इसमें शिशु के सभी प्रमुख शारीरिक अंग जैसे सिर, धड़, हाथ-पैर स्पष्ट दिखाई देने लगते हैं।

प्रश्न - मुर्गी के अंडे को चूजा बनने में कितना समय लगता है ?

उत्तर - मुर्गी द्वारा दिए गए अंडे से चूजा बनने की प्रक्रिया, जिसे गर्भकाल कहते हैं, में लगभग 21 दिन (3 सप्ताह) का समय लगता है। इस दौरान अंडे को निश्चित तापमान पर सेने (इनक्यूबेट) की आवश्यकता होती है।

प्रश्न - मुकुल किसे कहते है ?

उत्तर - हाइड्रा जैसे सरल जंतुओं में, शरीर की दीवार पर कभी-कभी एक छोटा सा उभार या कली जैसा हिस्सा निकल आता है। इस उभार को ही मुकुल कहते हैं। यह मुकुल धीरे-धीरे विकसित होकर एक नए हाइड्रा का रूप ले लेता है।

प्रश्न - मुकुलन किसे कहते है ?

उत्तर - जनन की वह विधि जिसमें जंतु के शरीर पर एक मुकुल (कली) बनती है और यह मुकुल बढ़कर अलग होकर एक नया जीव बन जाता है, मुकुलन कहलाती है। यह अलैंगिक जनन का एक प्रकार है और हाइड्रा तथा यीस्ट में पाया जाता है।

प्रश्न - मेढक का जीवन चक्र का वर्णन करो |

उत्तर - मेंढक का जीवन चक्र निम्नलिखित चरणों से गुजरता है:

  1. अंडा: मादा मेंढक पानी में अंडे देती है।
  2. बाह्य निषेचन: नर मेंढक इन अंडों पर शुक्राणु छोड़ता है, जिससे निषेचन होता है।
  3. टैडपोल (लार्वा): निषेचित अंडा विकसित होकर एक छोटा टैडपोल बनता है, जो मछली की तरह गलफड़ों से साँस लेता है और पानी में तैरता है।
  4. कायांतरण: टैडपोल धीरे-धीरे परिवर्तन से गुजरता है – पूँछ छोटी होती है, पैर निकल आते हैं, गलफड़े गायब हो जाते हैं और फेफड़े विकसित हो जाते हैं।
  5. वयस्क मेंढक: अंत में, यह परिवर्तन पूरा होने पर टैडपोल एक वयस्क मेंढक बन जाता है जो जमीन पर रह सकता है और फेफड़ों से साँस लेता है।

प्रश्न - द्विखंडन किसे कहते है ? किस जीव में जनन द्विखंडन के द्वारा होता है ?

उत्तर - द्विखंडन अलैंगिक जनन की एक सरल विधि है। इसमें एक एकल-कोशिकीय जीव (जैसे अमीबा) अपने केन्द्रक सहित पहले लंबाई में बढ़ता है, फिर बीच से दो भागों में बँट जाता है। इस प्रकार एक जनक से दो नए, पूर्णतः समान जीव बन जाते हैं। यह प्रक्रिया अमीबा, पैरामीशियम और लेश्मानिया जैसे एककोशिकीय जीवों में पाई जाती है।

प्रश्न - सजीवों के लिए जनन क्यों महत्वपूर्ण है? समझाइए।

उत्तर - जनन सजीवों के लिए निम्नलिखित कारणों से अत्यंत महत्वपूर्ण है:

  • जाति की निरंतरता: जनन के द्वारा ही किसी जीव की जाति (स्पीशीज) एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक चलती रहती है।
  • उत्तरजीविता: बिना जनन के, बूढ़े होकर मरने वाले जीवों की जगह कोई नया जीव नहीं ले पाता और वह जाति विलुप्त हो जाएगी।
  • आनुवंशिक विविधता: लैंगिक जनन से नए जीवों में आनुवंशिक विविधता आती है, जो उन्हें बदलते पर्यावरण के अनुकूल ढलने और बीमारियों से लड़ने की क्षमता देती है।

प्रश्न - मनुष्य में निषेचन प्रक्रम को समझाइए।

उत्तर - मनुष्य में निषेचन एक जटिल लेकिन सुव्यवस्थित प्रक्रिया है:

  1. मादा के अंडाशय से मासिक चक्र के दौरान एक परिपक्व अंडाणु निकलता है, जो फैलोपियन ट्यूब में प्रवेश करता है।
  2. नर के शुक्राणु मादा के जनन मार्ग में प्रवेश करते हैं और फैलोपियन ट्यूब की ओर तैरते हैं।
  3. फैलोपियन ट्यूब में, लाखों शुक्राणुओं में से केवल एक शुक्राणु अंडाणु की बाहरी परत को भेदकर उसके अंदर प्रवेश कर पाता है।
  4. शुक्राणु और अंडाणु के केन्द्रकों के इस संलयन को ही निषेचन कहते हैं।
  5. निषेचन के परिणामस्वरूप एक नई कोशिका बनती है, जिसे युग्मनज कहा जाता है। यही युग्मनज भ्रूण और फिर शिशु में विकसित होता है।

प्रश्न - मादा के किस जनन अंग में भ्रूण का रोपण होता है?

उत्तर - मादा के गर्भाशय (यूटरस) की आंतरिक दीवार में भ्रूण का रोपण होता है। गर्भाशय एक मांसल और लचीली थैली जैसा अंग है जहाँ भ्रूण सुरक्षित रहकर पोषण प्राप्त करता है और पूरे गर्भकाल तक विकसित होता रहता है।

प्रश्न - कायांतरण किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।

उत्तर - कुछ जंतुओं के जीवन चक्र में, लार्वा (शिशु अवस्था) कुछ तेज और स्पष्ट परिवर्तनों से गुजरकर वयस्क जंतु में बदल जाता है। इस प्रक्रिया को कायांतरण कहते हैं।
उदाहरण:

  • मेंढक: टैडपोल (लार्वा) कायांतरण के द्वारा वयस्क मेंढक में बदल जाता है।
  • तितली: इल्ली (कैटरपिलर) प्यूपा अवस्था से गुजरकर सुंदर तितली में परिवर्तित हो जाती है।

प्रश्न - अलैंगिक जनन की परिभाषा लिखिए। जंतुओं में अलैंगिक जनन की दो विधियों का वर्णन कीजिए।

उत्तर - अलैंगिक जनन वह प्रक्रिया है जिसमें केवल एक ही जनक की आवश्यकता होती है और नए जीव का निर्माण बिना युग्मकों (शुक्राणु/अंडाणु) के संलयन के होता है। इससे उत्पन्न संतति जनक के आनुवंशिक रूप से समान होती है।

जंतुओं में अलैंगिक जनन की दो प्रमुख विधियाँ:

  1. मुकुलन: इसमें जनक के शरीर पर एक छोटा उभार (मुकुल) निकलता है जो बढ़कर एक नया जीव बन जाता है और अलग हो सकता है या जुड़ा रह सकता है। उदाहरण: हाइड्रा, यीस्ट।
  2. द्विखंडन: यह एककोशिकीय जंतुओं में पाई जाने वाली विधि है। इसमें जनक कोशिका पहले अपने केन्द्रक और कोशिकाद्रव्य को दो भागों में बाँट लेती है और फिर दो नई कोशिकाओं में विभाजित हो जाती है। उदाहरण: अमीबा, पैरामीशियम।

प्रश्न - आंतरिक निषेचन एवं बाह्य निषेचन में भेद कीजिए।

उत्तर -

आंतरिक निषेचन बाह्य निषेचन
स्थान: यह मादा जीव के शरीर के अंदर होता है। स्थान: यह मादा जीव के शरीर के बाहर (आमतौर पर जल में) होता है।
सुरक्षा: भ्रूण को मादा के शरीर के अंदर बेहतर सुरक्षा और पोषण मिलता है। सुरक्षा: अंडे और भ्रूण को बाहरी खतरों (शिकारी, मौसम) का जोखिम अधिक होता है।
उदाहरण: मनुष्य, कुत्ता, बिल्ली, चिड़िया, साँप। उदाहरण: मेंढक, अधिकांश मछलियाँ, स्टारफिश।
युग्मकों की संख्या: कम संख्या में युग्मक पर्याप्त होते हैं क्योंकि निषेचन की संभावना अधिक होती है। युग्मकों की संख्या: बहुत अधिक संख्या में अंडे और शुक्राणु छोड़े जाते हैं ताकि कुछ का निषेचन हो सके।


इन UP Board Solutions से आप अध्याय 9 के सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों को आसानी से समझ और याद कर सकते हैं।

Get UP Board Class 8 Science 9. जंतुओं में जनन Solution in Hindi Medium

UP Board Class 8 Science 9. जंतुओं में जनन Solution is available at our platform https://upboardSolution.com in hindi medium for free of cost. Content provided on our website is free of cost and in PDF format which is easily available for download. Getting the UP Board Solutions for Class 8 will help student to achieve good learning experience so that they can study effectively. UP board holds examination of more than 3 million students every year and majority of the question of exams are from their UP Board Solutions. That’s why it is important to study using the textSolution issued by UP Board.

Importance of UP Board Class 8 Science 9. जंतुओं में जनन Text Solutions

It is essential to know the importance of UP Board Class 8 Science 9. जंतुओं में जनन textSolution issued by UP Board because students completely rely on these Solutions for their study and syllabus offered by UP Board is so balanced that each student should be aware about the importance of it. Below is the list of Importance of UP Board Class 8 Science 9. जंतुओं में जनन :

  • These TextSolutions are very clear and accurate which helps student to understand concept with ease.
  • It is also to mention that these text Solutions are prepared by the content experts of subject, thus these Solutions helps student in clearing their doubts and understand the core concept easily.
  • It is considered to be the best study material for competitive exam preparation.

Features of UP Board Class 8 textSolutions

There are various features of UP Board Class 8 TextSolutions, some of them are mentioned below so that you student can understand the value and usability of the contend and understand why Uttarpradesh board has prescribed these Solutions.

  • Best feature of these textSolutions is free availability of content in PDF format
  • Second feature that content generated and written is clear and easy to read.
  • There are various illustration and images are shown in the Solution so that student can easily understand the concept and should be more appealing to the student.
  • Each chapter is explained thoroughly
Uttar Pradesh Solutions are very helpful and handy. Specially subjects like UP Board Class 8 Physics Part - II Solutions are very interesting to study.

Other Chapters of Class 8 Science
1. फ़सल उत्पादन एवं प्रबंध
2. सूक्ष्मजीव मित्र एवं शत्रु
3. संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक
4. पदार्थ- धातु और अधातु
5. कोयला और पेट्रोलियम
6. दहन और ज्वाला
7. पौधे एवं जंतुओं का संरक्षण
8. कोशिका - संरचना एवं प्रकार्य
9. जंतुओं में जनन
10. किशोरावस्था की ओर
11. बल तथा दाब
12. घर्षण
13.ध्वनि
14. विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव
15. कुछ प्राकृतिक परिघटनाएँ
16. प्रकाश
17. तारे एवं सौर परिवार
18. वायु तथा जल का प्रदूषण
;