UP Board class 11 Chemistry 1. रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएं is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 11 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
(Some Basic Concepts of Chemistry)
हल :
(i) H2O का आण्विक द्रव्यमान:
= (2 × H का परमाणु द्रव्यमान) + (1 × O का परमाणु द्रव्यमान)
= (2 × 1 amu) + (1 × 16 amu)
= 2 amu + 16 amu
= 18 amu
अतः H2O का आण्विक द्रव्यमान = 18 amu
(ii) CO2 का आण्विक द्रव्यमान:
= C का परमाणु द्रव्यमान + (2 × O का परमाणु द्रव्यमान)
= 12 amu + (2 × 16 amu)
= 12 amu + 32 amu
= 44 amu
अतः CO2 का आण्विक द्रव्यमान = 44 amu
(iii) CH4 का आण्विक द्रव्यमान:
= C का परमाणु द्रव्यमान + (4 × H का परमाणु द्रव्यमान)
= 12 amu + (4 × 1 amu)
= 12 amu + 4 amu
= 16 amu
अतः CH4 का आण्विक द्रव्यमान = 16 amu
हल :
Na2SO4 का आण्विक द्रव्यमान:
= (2 × Na का परमाणु द्रव्यमान) + S का परमाणु द्रव्यमान + (4 × O का परमाणु द्रव्यमान)
= (2 × 23) + 32 + (4 × 16)
= 46 + 32 + 64
= 142 g/mol
Na का द्रव्यमान प्रतिशत:
= (Na का कुल द्रव्यमान / आण्विक द्रव्यमान) × 100
= (46 / 142) × 100
= 32.39%
S का द्रव्यमान प्रतिशत:
= (32 / 142) × 100
= 22.54%
O का द्रव्यमान प्रतिशत:
= (64 / 142) × 100
= 45.07%
अतः Na, S तथा O के द्रव्यमान प्रतिशत क्रमशः 32.39%, 22.54% तथा 45.07% हैं।
हल :
| तत्त्व | प्रतिशतता | परमाणु द्रव्यमान | मोलों की संख्या (प्रतिशत/परमाणु द्रव्यमान) |
सरल अनुपात |
|---|---|---|---|---|
| Fe | 69.9 | 56 | 69.9 / 56 = 1.248 | 1.248 / 1.248 = 1 |
| O | 30.1 | 16 | 30.1 / 16 = 1.881 | 1.881 / 1.248 = 1.5 |
Fe और O में अनुपात = 1 : 1.5 = 2 : 3
अतः मूलानुपाती सूत्र = Fe2O3
हल :
अभिक्रिया: C + O2 → CO2
1 मोल 1 मोल 1 मोल
12 g 32 g 44 g
(i) जब 1 मोल C को हवा (अपरिमित O2) में जलाया जाता है:
12 g कार्बन से प्राप्त CO2 = 44 g
अतः प्राप्त कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा = 44 g
(ii) जब 1 मोल C को 16 g ऑक्सीजन में जलाया जाता है:
32 g O2 से प्राप्त CO2 = 44 g
1 g O2 से प्राप्त CO2 = 44 / 32 g
16 g O2 से प्राप्त CO2 = (44 / 32) × 16 = 22 g
यहाँ ऑक्सीजन सीमित अभिकर्मक है।
अतः प्राप्त कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा = 22 g
हल :
मोलरता (M) = (विलेय के मोल) / (विलयन का आयतन लीटर में)
0.375 M का अर्थ: 1 लीटर विलयन में 0.375 मोल CH3COONa है।
500 mL (0.5 L) विलयन में आवश्यक मोल = 0.375 × 0.5 = 0.1875 मोल
आवश्यक द्रव्यमान = मोल × मोलर द्रव्यमान
= 0.1875 × 82.0245 g
= 15.38 g (लगभग)
अतः आवश्यक द्रव्यमान = 15.38 g
हल :
HNO3 का द्रव्यमान प्रतिशत = 69%
अर्थात, 100 g विलयन में 69 g HNO3 है।
विलयन का आयतन = द्रव्यमान / घनत्व = 100 g / 1.41 g/mL = 70.92 mL
HNO3 का मोलर द्रव्यमान = 63 g/mol
69 g HNO3 में मोल = 69 / 63 = 1.095 मोल
ये मोल 70.92 mL विलयन में हैं।
1000 mL (1 L) विलयन में मोल = (1.095 / 70.92) × 1000
= 14.1 mol/L (लगभग)
अतः सांद्रता = 14.1 M
हल :
CuSO4 का मोलर द्रव्यमान = 63.5 + 32 + (4×16) = 159.5 g/mol
159.5 g CuSO4 में Cu का द्रव्यमान = 63.5 g
1 g CuSO4 में Cu = 63.5 / 159.5 g
100 g CuSO4 में Cu = (63.5 / 159.5) × 100 = 39.8 g (लगभग)
अतः प्राप्त कॉपर = 39.8 g
हल :
प्रश्न 1.3 से, मूलानुपाती सूत्र = Fe2O3
मूलानुपाती सूत्र द्रव्यमान = (2×56) + (3×16) = 112 + 48 = 160 g/mol
चूँकि आण्विक द्रव्यमान (160 g/mol) मूलानुपाती सूत्र द्रव्यमान के बराबर है।
अतः आण्विक सूत्र = मूलानुपाती सूत्र = Fe2O3
| समस्थानिक | प्राकृतिक प्रचुरता (%) | मोलर द्रव्यमान |
|---|---|---|
| 35Cl | 75.77 | 34.9689 |
| 37Cl | 24.23 | 36.9659 |
हल :
औसत परमाणु द्रव्यमान = Σ (प्रचुरता × द्रव्यमान) / 100
= [(75.77 × 34.9689) + (24.23 × 36.9659)] / 100
= (2649.59 + 895.68) / 100
= 3545.27 / 100
= 35.45 g/mol (लगभग)
अतः क्लोरीन का औसत परमाणु द्रव्यमान = 35.45 u
हल :
(i) कार्बन परमाणु:
1 मोल C2H6 में कार्बन परमाणुओं के मोल = 2
3 मोल C2H6 में कार्बन परमाणुओं के मोल = 3 × 2 = 6 मोल
(ii) हाइड्रोजन परमाणु:
1 मोल C2H6 में हाइड्रोजन परमाणुओं के मोल = 6
3 मोल C2H6 में हाइड्रोजन परमाणुओं के मोल = 3 × 6 = 18 मोल
(iii) ऐथेन के अणु:
1 मोल में अणुओं की संख्या = 6.022 × 1023
3 मोल में अणुओं की संख्या = 3 × 6.022 × 1023 = 1.807 × 1024
हल :
चीनी (C12H22O11) का मोलर द्रव्यमान:
= (12×12) + (22×1) + (11×16) = 144 + 22 + 176 = 342 g/mol
20 g चीनी में मोल = 20 / 342 = 0.0585 मोल
विलयन का आयतन = 2 L
सांद्रता (मोलरता) = मोल / आयतन (L में) = 0.0585 / 2 = 0.02925 M
अतः विलयन की सांद्रता ≈ 0.029 M
हल :
मेथेनॉल (CH3OH) का मोलर द्रव्यमान = 12 + (4×1) + 16 = 32 g/mol
0.25 M के 2.5 L विलयन में मेथेनॉल के मोल = मोलरता × आयतन = 0.25 × 2.5 = 0.625 मोल
आवश्यक द्रव्यमान = मोल × मोलर द्रव्यमान = 0.625 × 32 = 20 g
घनत्व = 0.793 kg/L = 793 g/L
आवश्यक आयतन = द्रव्यमान / घनत्व = 20 g / 793 g/L = 0.0252 L (लगभग)
अतः आवश्यक आयतन ≈ 25.2 mL
हल :
द्रव्यमान प्रति इकाई क्षेत्रफल = 1034 g cm–2
= 1034 × 10-3 kg / (10-2 m)2
= 1.034 kg / 10-4 m2
= 1.034 × 104 kg m–2
यह द्रव्यमान, गुरुत्वीय बल उत्पन्न करता है।
बल (F) = द्रव्यमान × गुरुत्वीय त्वरण (g)
F = (1.034 × 104 kg m–2) × 9.8 m s–2 = 1.01332 × 105 N m–2
दाब (P) = बल / क्षेत्रफल = 1.01332 × 105 N m–2
= 1.013 × 105 Pa
अतः दाब ≈ 1.01 × 105 Pa
उत्तर: द्रव्यमान का SI मात्रक किलोग्राम (kg) है। इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पेरिस में रखे प्लेटिनम-इरीडियम मिश्र धातु के एक विशेष बेलन (अंतर्राष्ट्रीय मानक किलोग्राम) के द्रव्यमान के बराबर परिभाषित किया गया है।
उत्तर:
(i) माइक्रो – 10-6
(ii) डेका – 101
(iii) मेगा – 106
(iv) गिगा – 109
(v) फेम्टो – 10-15
उत्तर: सार्थक अंक वे अर्थपूर्ण अंक होते हैं जो किसी मापन में निश्चित रूप से ज्ञात होते हैं और जिनमें एक अनिश्चित अंक (अनुमानित) भी शामिल होता है। ये मापन की परिशुद्धता को दर्शाते हैं।
उदाहरण: 80.4590 g में 6 सार्थक अंक हैं। 0.0025 में 2 सार्थक अंक हैं।
हल :
(i) द्रव्यमान प्रतिशत:
15 ppm का अर्थ: 106 g (1 मिलियन ग्राम) विलयन में 15 g CHCl3
द्रव्यमान प्रतिशत = (15 / 106) × 100 = 1.5 × 10-3 %
(ii) मोललता (m):
मान लें विलयन का कुल द्रव्यमान = 106 g = 1000000 g
विलेय (CHCl3) का द्रव्यमान = 15 g
विलायक (जल) का द्रव्यमान = 1000000 g – 15 g = 999985 g = 999.985 kg
CHCl3 का मोलर द्रव्यमान = 12 + 1 + (3×35.5) = 119.5 g/mol
CHCl3 के मोल = 15 / 119.5 = 0.1255 मोल
मोललता (m) = विलेय के मोल / विलायक का द्रव्यमान (kg में)
= 0.1255 / 999.985 × 10-3 (क्योंकि 999985 g = 999.985 kg)
गणना सरल करने पर: m ≈ 0.1255 / 1000 kg? सही गणना:
m = (0.1255 मोल) / (999.985 × 10-3 kg) = 0.1255 / 0.999985 ≈ 0.1255 m
वास्तव में, चूंकि विलायक का द्रव्यमान लगभग 1000 kg है, मोललता लगभग 0.1255 × 10-3 m या 1.255 × 10-4 m होगी। सटीक गणना:
m = (15/119.5) / (999985/1000) = (0.1255) / (999.985) ≈ 1.255 × 10-4 m
हल:
(i) 0.0048 = 4.8 × 10-3
(ii) 234000 = 2.34 × 105
(iii) 8008 = 8.008 × 103
(iv) 500.0 = 5.000 × 102
(v) 6.0012 = 6.0012 × 100
हल:
(i) 0.0025 → 2 सार्थक अंक
(ii) 208 → 3 सार्थक अंक
(iii) 5005 → 4 सार्थक अंक
(iv) 126000 → 3 सार्थक अंक (यदि दशमलव नहीं है)
(v) 500.00 → 5 सार्थक अंक
(vi) 2.0034 → 5 सार्थक अंक
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