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UP Board class 11 Chemistry (5. द्रव्य की अवस्थाएं) solution PDF

UP Board class 11 Chemistry 5. द्रव्य की अवस्थाएं is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 11 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.

UP Board class 11 Chemistry (5. द्रव्य की अवस्थाएं) solution

UP Board class 11 Chemistry 5. द्रव्य की अवस्थाएं Hindi Medium Solutions - PDF

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Chapter-5: द्रव्य की अवस्थाएं (States of Matter)


UP Board पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 5.1

30°C तथा 1 bar दाब पर वायु के 500 mL आयतन को 200 mL तक संपीड़ित करने के लिए कितने न्यूनतम दाब की आवश्यकता होगी?

हल:
दिया है: P1 = 1 bar, V1 = 500 mL, V2 = 200 mL, P2 = ?
ताप स्थिर (30°C) है, अतः बॉयल के नियम के अनुसार:
P1V1 = P2V2
1 × 500 = P2 × 200
P2 = 500 / 200 = 2.5 bar
उत्तर: अभीष्ट न्यूनतम दाब 2.5 bar होगा।

प्रश्न 5.2

35°C ताप तथा 1.2 bar दाब पर 120 mL धारिता वाले पात्र में गैस की निश्चित मात्रा भरी है। यदि 35°C पर गैस को 180 mL धारिता वाले फ्लास्क में स्थानांतरित किया जाता है, तो गैस का दाब क्या होगा?

हल:
दिया है: P1 = 1.2 bar, V1 = 120 mL, V2 = 180 mL, P2 = ?
ताप स्थिर (35°C) है, अतः बॉयल के नियम के अनुसार:
P1V1 = P2V2
1.2 × 120 = P2 × 180
P2 = (1.2 × 120) / 180 = 144 / 180 = 0.8 bar
उत्तर: गैस का दाब 0.8 bar होगा।

प्रश्न 5.3

अवस्था समीकरण का उपयोग करते हुए स्पष्ट कीजिए कि दिए गए ताप पर गैस का घनत्व गैस के दाब के समानुपाती होता है।

हल:
आदर्श गैस समीकरण से: PV = nRT
हम जानते हैं, मोलों की संख्या (n) = गैस का द्रव्यमान (w) / मोलर द्रव्यमान (M)
अतः, PV = (w/M) RT
इससे, P = (w / VM) RT
चूँकि घनत्व (d) = w/V, इसलिए P = (d / M) RT
या, d = (PM) / (RT)
दिए गए ताप (T) और गैस (स्थिर M) के लिए, d ∝ P
निष्कर्ष: अतः, स्थिर ताप पर किसी गैस का घनत्व उसके दाब के समानुपाती होता है।

प्रश्न 5.4

0°C पर तथा 2 bar दाब पर किसी गैस के ऑक्साइड का घनत्व 5 bar दाब पर डाइनाइट्रोजन के घनत्व के समान है, तो ऑक्साइड का अणुभार क्या है?

हल:
हम जानते हैं: d = PM/RT
नाइट्रोजन (N2) के लिए: M = 28 g/mol, P = 5 bar, T = 273 K (0°C)
गैसीय ऑक्साइड के लिए: M = ? (माना x), P = 2 bar, T = 273 K
चूँकि दोनों का घनत्व समान है, इसलिए:
(5 × 28) / (R × 273) = (2 × x) / (R × 273)
R और 273 कट जाते हैं: 5 × 28 = 2 × x
x = (5 × 28) / 2 = 70 g/mol
उत्तर: ऑक्साइड का अणुभार 70 g/mol है।

प्रश्न 5.5

27°C पर एक ग्राम आदर्श गैस A का दाब 2 bar है। जब समान ताप एवं दाब पर इसमें दो ग्राम आदर्श गैस B मिलाई जाती है, तो दाब 3 bar हो जाता है। इन गैसों के अणुभार में सम्बन्ध स्थापित कीजिए।

हल:
माना गैस A का मोलर द्रव्यमान = MA, गैस B का मोलर द्रव्यमान = MB
गैस A के 1g के लिए: मोल (nA) = 1/MA
गैस B के 2g के लिए: मोल (nB) = 2/MB
मिश्रण से पहले केवल A है: PAV = (1/MA)RT ...(1) (जहाँ PA = 2 bar)
मिश्रण के बाद: Pमिश्रणV = (1/MA + 2/MB)RT ...(2) (जहाँ Pमिश्रण = 3 bar)
समीकरण (2) को (1) से भाग देने पर:
3/2 = [1/MA + 2/MB] / [1/MA]
3/2 = 1 + (2MA/MB)
3/2 - 1 = 2MA/MB
1/2 = 2MA/MB
MB = 4MA
उत्तर: गैस B का अणुभार, गैस A के अणुभार का चार गुना है (MB = 4MA).

प्रश्न 5.6

नाली साफ करने वाले ड्रेनेक्स में सूक्ष्म मात्रा में ऐलुमीनियम होता है। यह कास्टिक सोडा से क्रिया पर डाइहाइड्रोजन गैस देता है। यदि 1 bar तथा 20°C ताप पर 0.15 g ऐलुमीनियम अभिक्रिया करेगा, तो निर्गमित डाइहाइड्रोजन का आयतन क्या होगा?

हल:
अभिक्रिया: 2Al + 2NaOH + 2H2O → 2NaAlO2 + 3H2
2 × 27 = 54g Al देता है → 3 × 22.4 L H2 (STP पर)
0.15g Al देगा → (3 × 22.4 × 0.15) / 54 L = 0.1867 L H2 (STP पर)
अब, STP (P1=1 atm, T1=273 K, V1=0.1867 L) से दी गई परिस्थितियों (P2=1 bar ≈ 0.987 atm, T2=293 K) में लाने पर:
(P1V1)/T1 = (P2V2)/T2
(1 × 0.1867)/273 = (0.987 × V2)/293
V2 = (0.1867 × 293) / (273 × 0.987) ≈ 0.203 L = 203 mL
उत्तर: निर्गमित हाइड्रोजन का आयतन लगभग 203 mL होगा।

प्रश्न 5.7

यदि 27°C पर 9 dm³ धारिता वाले फ्लास्क में 3.2 g मेथेन तथा 4.4 g कार्बन डाइऑक्साइड का मिश्रण हो, तो इसका दाब क्या होगा?

हल:
CH4 का मोलर द्रव्यमान = 16 g/mol, CO2 का मोलर द्रव्यमान = 44 g/mol
CH4 के मोल (n1) = 3.2/16 = 0.2 mol
CO2 के मोल (n2) = 4.4/44 = 0.1 mol
कुल मोल (n) = 0.2 + 0.1 = 0.3 mol
V = 9 dm³ = 9 × 10-3 m³, T = 300 K, R = 8.314 J mol⁻¹ K⁻¹
आदर्श गैस समीकरण से: PV = nRT
P = (nRT) / V = (0.3 × 8.314 × 300) / (9 × 10-3) Pa
P = (748.26) / (0.009) Pa = 83140 Pa = 8.314 × 10⁴ Pa
उत्तर: मिश्रण का कुल दाब 8.314 × 10⁴ Pa होगा।

प्रश्न 5.8

27°C ताप पर जब 1 L के फ्लास्क में 0.7 bar पर 2.0 L डाइऑक्सीजन तथा 0.8 bar पर 0.5 L डाइहाइड्रोजन को भरा जाता है, तो गैसीय मिश्रण का दाब क्या होगा?

हल:
डाल्टन के आंशिक दाब के नियम का प्रयोग करेंगे। पहले प्रत्येक गैस का 1L फ्लास्क में आंशिक दाब ज्ञात करते हैं।
हाइड्रोजन (H2) के लिए: P1=0.8 bar, V1=0.5L, V2=1L, P2=?
बॉयल के नियम से: P1V1 = P2V2
0.8 × 0.5 = P2 × 1 => PH2 = 0.4 bar
ऑक्सीजन (O2) के लिए: P1=0.7 bar, V1=2.0L, V2=1L, P2=?
0.7 × 2.0 = P2 × 1 => PO2 = 1.4 bar
मिश्रण का कुल दाब (डाल्टन का नियम): Pकुल = PH2 + PO2
Pकुल = 0.4 + 1.4 = 1.8 bar
उत्तर: गैसीय मिश्रण का दाब 1.8 bar होगा।

प्रश्न 5.9

यदि 27°C ताप तथा 2 bar दाब पर एक गैस का घनत्व 5.46 g/dm³ है, तो STP पर इसका घनत्व क्या होगा?

हल:
हम जानते हैं: d = PM/RT. चूँकि गैस समान है, M स्थिर है।
अतः, d ∝ P/T
दशा 1: T1 = 300 K, P1 = 2 bar, d1 = 5.46 g/dm³
दशा 2 (STP): T2 = 273 K, P2 = 1 bar, d2 = ?
(d1 / d2) = (P1/P2) × (T2/T1)
5.46 / d2 = (2/1) × (273/300)
5.46 / d2 = 2 × 0.91 = 1.82
d2 = 5.46 / 1.82 = 3 g/dm³
उत्तर: STP पर गैस का घनत्व 3 g/dm³ होगा।

प्रश्न 5.10

यदि 546°C तथा 0.1 bar दाब पर 34.05 mL फॉस्फोरस वाष्प का भार 0.0625 g है, तो फॉस्फोरस का मोलर द्रव्यमान क्या होगा?

हल:
आदर्श गैस समीकरण: PV = nRT = (w/M)RT
P = 0.1 bar, V = 0.03405 L, w = 0.0625 g, R = 0.0831 bar L K⁻¹ mol⁻¹, T = 819 K (546+273)
M = (wRT) / (PV)
M = (0.0625 × 0.0831 × 819) / (0.1 × 0.03405)
M = (4.254) / (0.003405) ≈ 125 g/mol
उत्तर: फॉस्फोरस का मोलर द्रव्यमान 125 g/mol है। यह फॉस्फोरस के P4 अणु (परमाणु भार 31) के अनुरूप है।

प्रश्न 5.11

एक विद्यार्थी 27°C पर गोल पेंदे के फ्लास्क में अभिक्रिया-मिश्रण डालना भूल गया तथा उस फ्लास्क को ज्वाला पर रख दिया। कुछ समय पश्चात् उसे अपनी भूल का अहसास हुआ। उसने उत्तापमापी की सहायता से फ्लास्क का ताप 477°C पाया। आप बताइए कि वायु का कितना भाग फ्लास्क से बाहर निकला।

हल:
माना फ्लास्क का आयतन V है।
प्रारंभिक अवस्था: T1 = 300 K (27°C), आयतन = V, माना गैस की मात्रा n1
अंतिम अवस्था: T2 = 750 K (477°C), आयतन = V (फ्लास्क समान), माना गैस की मात्रा n2
दाब स्थिर मानते हुए (फ्लास्क खुला हो सकता है), चार्ल्स के नियम के सिद्धांत से:
V ∝ T (n स्थिर पर), लेकिन यहाँ n बदल रहा है। आयतन स्थिर है, अतः n ∝ 1/T (P स्थिर पर)।
n2/n1 = T1/T2 = 300/750 = 2/5
यानी अंत में फ्लास्क में गैस की मात्रा प्रारंभिक मात्रा का 2/5 भाग रह गई।
बाहर निकला भाग = 1 - (2/5) = 3/5
उत्तर: वायु का 3/5 भाग फ्लास्क से बाहर निकल गया।

प्रश्न 5.12

3.32 bar पर 5 dm³ आयतन घेरने वाली 4.0 mol गैस के ताप की गणना कीजिए। (R = 0.083 bar dm³ K⁻¹ mol⁻¹)

हल:
PV = nRT
T = PV / (nR)
T = (3.32 bar × 5 dm³) / (4.0 mol × 0.083 bar dm³ K⁻¹ mol⁻¹)
T = 16.6 / 0.332 = 50 K
उत्तर: गैस का ताप 50 K है।

प्रश्न 5.13

1.4 g डाइनाइट्रोजन गैस में उपस्थित कुल इलेक्ट्रॉनों की संख्या की गणना कीजिए।

हल:
N2 का मोलर द्रव्यमान = 28 g/mol
1.4 g N2 में मोल = 1.4/28 = 0.05 mol
1 अणु N2 में इलेक्ट्रॉन = 7 + 7 = 14 इलेक्ट्रॉन
1 mol N2 में इलेक्ट्रॉन = 14 × 6.022 × 10²³
0.05 mol N2 में इलेक्ट्रॉन = 0.05 × 14 × 6.022 × 10²³
= 0.7 × 6.022 × 10²³ = 4.2154 × 10²³ इलेक्ट्रॉन
उत्तर: कुल इलेक्ट्रॉनों की संख्या लगभग 4.215 × 10²³ है।

प्रश्न 5.14

यदि एक सेकण्ड में 10¹⁰ गेहूँ के दाने वितरित किए जाएँ, तो आवोगाद्रो संख्या के बराबर दाने वितरित करने में कितना समय लगेगा?

हल:
आवोगाद्रो संख्या NA = 6.022 × 10²³
1 सेकंड में वितरित दाने = 10¹⁰
कुल समय = (6.022 × 10²³) / (10¹⁰) सेकंड
= 6.022 × 10¹³ सेकंड
वर्षों में = (6.022 × 10¹³) / (365 × 24 × 60 × 60)
= (6.022 × 10¹³) / (3.1536 × 10⁷) ≈ 1.91 × 10⁶ वर्ष
उत्तर: लगभग 1.9 मिलियन वर्ष लगेंगे।

प्रश्न 5.15

27°C ताप पर 1 dm³ आयतन वाले फ्लास्क में 8g डाइऑक्सीजन तथा 4g डाइहाइड्रोजन के मिश्रण का कुल दाब कितना होगा?

हल:
O2 के मोल = 8/32 = 0.25 mol
H2 के मोल = 4/2 = 2 mol
कुल मोल (n) = 2.25 mol
V = 1 dm³ = 1 L, T = 300 K, R = 0.083 bar L K⁻¹ mol⁻¹ (मान लेते हैं)
PV = nRT
P = (2.25 × 0.083 × 300) / 1 = 56.025 bar
उत्तर: मिश्रण का कुल दाब लगभग 56.03 bar होगा।

प्रश्न 5.16

गुब्बारे के भार तथा विस्थापित वायु के भार के अन्तर को पेलोड कहते हैं। यदि 27°C पर 10 m त्रिज्या वाले गुब्बारे में 1.66 bar पर 100 kg हीलियम भरी जाए, तो पेलोड की गणना कीजिए। (वायु का घनत्व = 1.2 kg m⁻³, R = 0.083 bar dm³ K⁻¹ mol⁻¹)

हल:
चरण 1: गुब्बारे का आयतन
त्रिज्या r = 10 m
आयतन V = (4/3)πr³ = (4/3) × 3.14 × (10)³ ≈ 4186.67 m³
चरण 2: विस्थापित वायु का भार
वायु का भार = आयतन × घनत्व = 4186.67 × 1.2 ≈ 5024 kg
चरण 3: हीलियम का भार (गुब्बारे का कुल भार)
हीलियम का द्रव्यमान = 100 kg (दिया है)
हीलियम का मोलर द्रव्यमान = 4 g/mol = 0.004 kg/mol
हीलियम के मोल n = (100 kg) / (0.004 kg/mol) = 25000 mol
गुब्बारे का कुल भार = हीलियम का भार + गुब्बारे के खोल आदि का भार। चूँकि खोल का भार नहीं दिया है, हम मानते हैं कि 100 kg हीलियम का भार ही गुब्बारे का कुल भार है।
चरण 4: पेलोड
पेलोड = विस्थापित वायु का भार - गुब्बारे का कुल भार
पेलोड = 5024 kg - 100 kg = 4924 kg
उत्तर: पेलोड लगभग 4924 kg है।

प्रश्न 5.17

31.1°C तथा 1 bar दाब पर 8.8 g CO₂ द्वारा घेरे गए आयतन की गणना कीजिए। (R = 0.083 bar L K⁻¹ mol⁻¹)

हल:
CO₂ का मोलर द्रव्यमान = 44 g/mol
मोल n = 8.8/44 = 0.2 mol
T = 304.1 K (31.1 + 273), P = 1 bar
PV = nRT
V = nRT / P = (0.2 × 0.083 × 304.1) / 1
V = (0.2 × 25.2403) ≈ 5.048 L
उत्तर: CO₂ द्वारा घेरा गया आयतन लगभग 5.05 L है।

प्रश्न 5.18

समान दाब पर किसी गैस के 2.9 g द्रव्यमान का 95°C तथा 0.184 g डाइहाइड्रोजन का 17°C पर आयतन समान है। बताइए कि गैस का मोलर द्रव्यमान क्या होगा?

हल:
माना अज्ञात गैस का मोलर द्रव्यमान = M g/mol
दोनों स्थितियों में दाब (P) और आयतन (V) समान हैं।
अज्ञात गैस के लिए: PV = (2.9/M) × R × T₁ (जहाँ T₁ = 368 K)
हाइड्रोजन के लिए: PV = (0.184/2) × R × T₂ (जहाँ T₂ = 290 K)
चूँकि बायाँ पक्ष समान है, दायाँ पक्ष भी समान होगा:
(2.9/M) × R × 368 = (0.184/2) × R × 290
R कट जाता है: (2.9 × 368) / M = (0.092) × 290
1067.2 / M = 26.68
M = 1067.2 / 26.68 ≈ 40 g/mol
उत्तर: गैस का मोलर द्रव्यमान 40 g/mol है। (यह आर्गन गैस हो सकती है)।

प्रश्न 5.19

एक 1 bar दाब का डाइहाइड्रोजन तथा डाइऑक्सीजन के मिश्रण में 20% डाइहाइड्रोजन (भार से) रखा जाता है, तो डाइहाइड्रोजन का आंशिक दाब क्या होगा?

हल:

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Other Chapters of class 11 Chemistry
1. रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएं
2. परमाणु की संरचना
3. तत्वों का वर्गीकरण तथा गुणधर्मो में आवर्तिता
4. रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना
5. द्रव्य की अवस्थाएं
6. ऊष्मागतिकी
7. साम्यावस्था
8. अपचयोपचय अभिक्रियाएँ
9. हाइड्रोजन
10. S - ब्लॉक के तत्व
11. P - ब्लॉक के तत्व
12. कार्बनिक रसायन - कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें
13. हाइड्रोकार्बन
14. पर्यावरणीय रसायन
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