प्रायोगिक ज्यामिति
सोचिए चर्चा कीजिए और लिखिए
प्रश्न 1. उपरोक्त रचना में। क्या आप 4 से होकर जाती हुई अन्य रेखा खींच सकते हैं जो / के समान्तर हो।
उत्तर- नहीं, हम बिंदु 4 से होकर जाने वाली कोई दूसरी रेखा नहीं खींच सकते जो रेखा / के समान्तर हो। ऐसा इसलिए है क्योंकि किसी दिए गए बिंदु से, किसी दी गई रेखा के समान्तर केवल एक ही रेखा खींची जा सकती है।
प्रश्न 2. व्यू आप ३8 oi AAT का परिवर्तन भर सकने हैं कि एकान्तर कोण BRIT TOTS BIT Ai
उत्तर- हाँ, हम यह सिद्ध कर सकते हैं कि एकान्तर कोण बराबर होते हैं। इसके लिए निम्नलिखित रचना के चरण हैं:
पद (1): एक रेखा / खींचिए और इसके बाहर एक बिन्दु 4 लीजिए।
पद (2): रेखा / पर कोई दूसरा बिन्दु B लीजिए और B व 4 को मिलाकर रेखा BA खींचिए। इसे A से आगे बढ़ाइए।
पद (3): B को केंद्र मानकर एक सुविधाजनक त्रिज्या लेकर एक चाप खींचिए जो रेखा / को C पर और रेखा BA को D पर काटे।
पद (4): अब बिंदु A को केंद्र मानकर उसी त्रिज्या से एक चाप खींचिए जो रेखा BA को E पर काटता है।
पद (5): परकार को C पर रखकर पेंसिल की नोंक को D पर व्यवस्थित कीजिए और E से एक चाप लगाइए जो पिछले चाप को F पर काटे।
पद (6): अब AF को मिलाइए। हम देखते हैं कि ∠ABC और ∠BAF एकान्तर कोण हैं और वे बराबर हैं।
प्रश्नावली 10.1
प्रश्न 1. एक रेखा (मान लीजिए 478) खींचिए और उसके बाहर स्थित कोई विन्दु 0 लीजिए। केवल पैमाना (कूलर) और परकार का प्रयोग करते हुए, 0? से होकर 48 के WA एक रेखा खींचिए।
उत्तर- रचना के चरण:
- सर्वप्रथम रेखा AB खींचिए।
- रेखा AB के बाहर कोई बिन्दु C लीजिए और C को A से मिलाइए (CA रेखाखंड बनाइए)।
- A को केंद्र मानकर एक चाप खींचिए जो AB और CA को क्रमशः D और E पर काटे।
- C को केंद्र मानकर चरण 3 की त्रिज्या के बराबर CA के विपरीत दिशा में एक चाप खींचिए जो CA को F पर काटता है।
- केंद्र F से DE के बराबर त्रिज्या लेकर एक चाप खींचिए जो चरण 4 के चाप को G पर काटता है।
- CG को मिलाइए और इसे दोनों ओर बढ़ाइए। यह रेखा CG ही AB के समान्तर तथा बिन्दु C से होकर जाने वाली अभीष्ट रेखा है।
प्रश्न 2. एक रेखा / खींचिए और / पर स्थित किसी भी विन्दु पर / पर लंब खींचिए। इस लंब रेखा पर एक विन्दु & लीजिए जो / से 4 सेमी की दूरी पर हो >£ से होकर / के समान्तर एक रेखा #। खींचिए 1
उत्तर- रचना के चरण:
- एक रेखा / खींचिए और उस पर कोई बिन्दु P लीजिए।
- P को केंद्र मानकर किसी सुविधाजनक त्रिज्या का एक चाप खींचिए जो रेखा / को A तथा B पर काटता है।
- A को केंद्र मानकर AP से बड़ी त्रिज्या लेकर एक चाप खींचिए।
- B को केंद्र मानकर उसी त्रिज्या का दूसरा चाप लगाइए जो पिछले चाप को Q पर काटता है।
- PQ को मिलाइए और इसे दोनों ओर बढ़ाइए। अब PQ ⊥ / है।
- P को केंद्र मानकर 4 सेमी त्रिज्या लेकर एक चाप खींचिए जो PQ को X पर काटता है। इस प्रकार PX = 4 सेमी।
- अब ∠XPQ के बराबर ∠PXY बनाइए।
- रेखा XY खींचिए। यही रेखा / के समान्तर तथा X से होकर जाने वाली अभीष्ट रेखा m है।
प्रश्न 3. मान लीजिए / एक रेखा है और ४? एक बिन्दु है जो / पर स्थित नहीं है। # से होकर ४ के समान्तर एक रेखा #% खींचिए। अब 2 को ४ के किसी विन्दु & से जोड़िए। मर४ पर कोई अन्य विन्दु & चुनिए। # से होकर, 76 के समान्तर एक रेखा खीचिए। मान लीजिए यह रेखा, रेखा / से $ पर मिलती है। समान्तर रेखाओं के इन दोनों युग्मों से क्या आकृति बनती है?
उत्तर- रचना के चरण:
- एक रेखा / खींचिए और इसके बाहर एक बिन्दु P लीजिए।
- रेखा / पर कोई बिन्दु Q लीजिए।
- P और Q को मिलाइए (PQ रेखाखंड बनाइए)।
- P को केंद्र मानकर एक चाप खींचिए जो / को R पर और PQ को S पर काटता है।
- Q को केंद्र मानकर चरण 4 की त्रिज्या से एक चाप खींचिए जो PQ को विपरीत दिशा में T पर काटता है।
- Q को केंद्र मानकर PS की लंबाई के बराबर त्रिज्या लेकर एक चाप खींचिए जो चरण 5 के चाप को U पर काटता है।
- QU को मिलाकर दोनों ओर बढ़ाइए। यह रेखा m (P से होकर / के समान्तर) है।
- रेखा / पर Q के अलावा कोई अन्य बिन्दु R लीजिए।
- R से होकर PQ के समान्तर एक रेखा n खींचिए जो रेखा m को S पर काटती है।
इन रेखाओं से बनी आकृति एक
समांतर चतुर्भुज PQSR होगी।
इन्हें कीजिए
प्रश्न अब एक अन्य त्रिभुज /0/277 की रचना करें, जिसमें 7072 - 5 सेमी, 7५7 - 6 सेमी, और #9/थ77 ७ 7 सेमी है। 4 7077' को काटकर उसे 4 480 पर रखिए।
उत्तर- रचना के चरण:
- पद (1): सबसे पहले 6 सेमी लंबा एक रेखाखंड EF खींचिए।
- पद (2): E को केंद्र मानकर 5 सेमी त्रिज्या का एक चाप खींचिए।
- पद (3): F को केंद्र मानकर 7 सेमी त्रिज्या का एक चाप खींचिए जो पिछले चाप (चरण 2 का चाप) को D पर काटता है।
- पद (4): DE और DF को मिलाइए। इस प्रकार अभीष्ट त्रिभुज DEF प्राप्त होता है।
जब हम इस त्रिभुज DEF को काटकर त्रिभुज ABC पर रखते हैं, तो हम देखते हैं कि दोनों त्रिभुज पूरी तरह से सम्पाती (सर्वांगसम) हैं। यह इसलिए है क्योंकि त्रिभुज DEF की तीनों भुजाएँ (DE=5 सेमी, EF=6 सेमी, DF=7 सेमी) त्रिभुज ABC की संगत तीनों भुजाओं के बराबर हैं। यह
SSS (भुजा-भुजा-भुजा) सर्वांगसमता नियम को सिद्ध करता है।
प्रश्नावली 10.2
प्रश्न 1. & अश्2 की रचना कीजिए, जिसमें ४० - 4.5 सेमी, #2 - 5 सेमी. और 2४ < 6 सेमी है।
उत्तर- रचना के चरण:
- सबसे पहले 5 सेमी लंबा एक रेखाखंड BC खींचिए।
- B को केंद्र मानकर 4.5 सेमी त्रिज्या का एक चाप खींचिए।
- C को केंद्र मानकर 6 सेमी त्रिज्या का एक चाप खींचिए जो पहले वाले चाप को A पर काटता है।
- AB और AC को मिलाइए। इस प्रकार अभीष्ट त्रिभुज ABC प्राप्त हो जाता है।
प्रश्न 2. 5.5 सेमी भुजा वाले एक समवाहु त्रिभुज की रचना कीजिए।
उत्तर- रचना के चरण:
- 5.5 सेमी लंबा एक रेखाखंड BC खींचिए।
- B को केंद्र मानकर 5.5 सेमी त्रिज्या का एक चाप खींचिए।
- C को केंद्र मानकर 5.5 सेमी त्रिज्या का दूसरा चाप खींचिए जो पहले चाप को A पर काटता है।
- AB और AC को मिलाइए। इस प्रकार 5.5 सेमी भुजा वाला समबाहु त्रिभुज ABC प्राप्त होता है।
प्रश्न 3. & 267४ की रचना कीजिए, जिसमें 726९ - 4 सेमी, 77२ 5 3.5 सेमी ओर PR = 4 सेमी है। यह किस प्रकार का त्रिभुज है?
उत्तर- रचना के चरण:
- सबसे पहले 3.5 सेमी लंबा एक रेखाखंड QR खींचिए।
- Q को केंद्र मानकर 4 सेमी त्रिज्या का एक चाप खींचिए।
- R को केंद्र मानकर 4 सेमी त्रिज्या का एक चाप खींचिए जो पहले वाले चाप को P पर काटता है।
- PQ और PR को मिलाइए। इस प्रकार अभीष्ट त्रिभुज PQR प्राप्त होता है।
चूँकि PQ = PR = 4 सेमी, अतः यह एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
प्रश्न 4. & 48८ की रचना कीजिए, ताकि 48 - 2.5 सेमी, 92८? - 6 सेमी और 40 6.5 सेमी हो। 27 को मापिए।
उत्तर- रचना के चरण:
- 6 सेमी लंबा एक रेखाखंड BC खींचिए।
- B को केंद्र मानकर 2.5 सेमी त्रिज्या का एक चाप खींचिए।
- C को केंद्र मानकर 6.5 सेमी त्रिज्या का दूसरा चाप खींचिए जो पहले चाप को A पर काटता है।
- AB और AC को मिलाइए। इस प्रकार त्रिभुज ABC प्राप्त होता है।
कोण B को मापने पर हम पाते हैं कि ∠B = 90° है।
इन्हें कीजिए
प्रश्न 1. अब एक त्रिभुज 48८ की रचना करें ताकि 48 > 3 सेमी, 20 - 5.5 सेमी. और 478८ < 60" हो। इस त्रिभुज को काटकर 4 7?६.? पर रखिए। हम क्या देखते हैं?
उत्तर- रचना के चरण:
- पद (1): 5.5 सेमी लंबा एक रेखाखंड BC खींचिए।
- पद (2): बिंदु B पर 60° का कोण (∠XBC) बनाइए।
- पद (3): B को केंद्र मानकर 3 सेमी त्रिज्या का एक चाप खींचिए जो किरण BX को A पर काटता है।
- पद (4): AC को मिलाइए। इस प्रकार त्रिभुज ABC प्राप्त होता है।
जब हम इस त्रिभुज ABC को काटकर त्रिभुज PQR पर रखते हैं, तो हम देखते हैं कि दोनों त्रिभुज पूरी तरह से सम्पाती (सर्वांगसम) हैं। यह इसलिए है क्योंकि त्रिभुज ABC की दो भुजाएँ (AB और BC) और उनके बीच का कोण (∠B), त्रिभुज PQR की संगत भुजाओं और कोण के बराबर हैं। यह
SAS (भुजा-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम को सिद्ध करता है।
प्रश्नावली 10.3
प्रश्न 1. & 70747 की रचना कीजिए, ताकि DE = 5 Wh, DF =3 AH. sim ZEDF = 90° |
उत्तर- रचना के चरण:
- 5 सेमी लंबा एक रेखाखंड DE खींचिए।
- बिंदु D पर 90° का कोण (∠XDE) बनाइए।
- D को केंद्र मानकर 3 सेमी की त्रिज्या का एक चाप खींचिए जो किरण DX को F पर काटता है।
- EF को मिलाइए। इस प्रकार समकोण त्रिभुज DEF प्राप्त होता है।
प्रश्न 2. एक समद्धिवाहु जिभुज की रचना कीजिए, जिसकी प्रत्येक समान भुजा की लम्बाई 6.5 सेमी हो और उनके बीच का कोण 110" का हो।
उत्तर- रचना के चरण:
- 6.5 सेमी लंबा एक रेखाखंड BC खींचिए।
- बिंदु B पर 110° का कोण (∠XBC) बनाइए।
- B को केंद्र मानकर 6.5 सेमी त्रिज्या का एक चाप खींचिए जो किरण BX को A पर काटता है।
- AC को मिलाइए। इस प्रकार अभीष्ट समद्विबाहु त्रिभुज ABC प्राप्त होता है, जिसमें AB = AC = 6.5 सेमी और ∠A = 110° है।
प्रश्न 5. 870 - 7.5 सेमी और 40-85 सेमी तथा #% ZC = 60° A ABC की रचना कीजिए
उत्तर- रचना के चरण:
- 7.5 सेमी लंबा एक रेखाखंड BC खींचिए।
- बिंदु C पर 60° का कोण (∠YCB) बनाइए।
- C को केंद्र मानकर 5 सेमी का एक चाप खींचिए जो किरण CY को A पर काटता है।
- AB को मिलाइए। इस प्रकार अभीष्ट त्रिभुज ABC प्राप्त होता है।
इन्हें कीजिए
WI 1. wa Ue aT ALMN aifay, fret m 2 NLM = 30°, LM = 6 सेमी और #६ ZNML = 100° a1 30 ALMN &t Bee A XYZ TR रखिए।
उत्तर- रचना के चरण:
- 6 सेमी लंबा एक रेखाखंड LM खींचिए।
- बिंदु L पर 30° का कोण (∠XLM) बनाइए।
- बिंदु M पर 100° का कोण (∠YML) बनाइए।
- माना किरण LX और किरण MY एक दूसरे को N पर काटती हैं। इस प्रकार त्रिभुज LMN प्राप्त होता है।
जब हम इस त्रिभुज LMN को काटकर त्रिभुज XYZ पर रखते हैं, तो हम देखते हैं कि दोनों त्रिभुज पूरी तरह से सम्पाती (सर्वांगसम) हैं। यह इसलिए है क्योंकि त्रिभुज LMN की एक भुजा (LM) और उसके दोनों आसन्न कोण (∠L और ∠M), त्रिभुज XYZ की संगत भुजा और कोणों के बराबर हैं। यह
ASA (कोण-भुजा-कोण) सर्वांगसमता नियम को सिद्ध करता है।
सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए
प्रशग 1180 में, वदि 4८ ५ 7 सेमी ॥ 4 ८ 60" और |? 28 - 50" है, तो क्या आप त्रिथभुज की रचना कर सकते हैं?
उत्तर- हाँ, हम त्रिभुज की रचना कर सकते हैं। दिया है: AC = 7 सेमी, ∠A = 60°, और ∠B = 50°।
त्रिभुज के कोण योग गुण के अनुसार:
∠A + ∠B + ∠C = 180°
60° + 50° + ∠C = 180°
∠C = 180° - 110° = 70°
अब हमारे पास AC = 7 सेमी, ∠A = 60°, और ∠C = 70° है। ये माप ASA नियम के अनुसार एक अद्वितीय त्रिभुज बनाने के लिए पर्याप्त हैं। इसलिए, त्रिभुज ABC की रचना की जा सकती है।
प्रश्नावली 10.4
प्रश्न 1. 6 4720! की रचना कीजिए, जब #: “4 < 60% #६ “13 - 30" और 47 + 5.8 सेमी दिया है।
उत्तर- रचना के चरण:
- 5.8 सेमी लंबा एक रेखाखंड AB खींचिए।
- बिंदु A पर 60° का कोण (∠BAX) बनाइए।
- बिंदु B पर 30° का कोण (∠ABY) बनाइए।
- माना किरण AX और किरण BY एक दूसरे को C पर काटती हैं। इस प्रकार अभीष्ट त्रिभुज ABC प्राप्त होता है।
प्रश्न 2. & 27७7२ की रचना कीजिए, यदि 26 = 5 Hi. m ZPQR = 105° और m ZQRP = 40° feat 1
उत्तर- सबसे पहले तीसरा कोण ज्ञात करते हैं।
त्रिभुज के कोण योग गुण से:
∠P + ∠Q + ∠R = 180°
∠P + 105° + 40° = 180°
∠P = 180° - 145° = 35°
रचना के चरण:
- 5 सेमी लंबा एक रेखाखंड QR खींचिए।
- बिंदु Q पर 105° का कोण (∠XQR) बनाइए।
- बिंदु R पर 35° का कोण (∠YRQ) बनाइए।
- माना किरण QX और किरण RY एक दूसरे को P पर काटती हैं। इस प्रकार अभीष्ट त्रिभुज PQR प्राप्त होता है।
प्रश्न 3. जांच कीजिए कि आप & DEF at CT Ht aad fT Wl, Ue EF = 7.2 88. m ZE 5 110* और #६ ८#7" « 80 है। अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए ।
उत्तर- नहीं, दिए गए मापों के साथ त्रिभुज DEF की रचना नहीं की जा सकती है।
कारण: त्रिभुज के कोण योग गुण के अनुसार तीनों कोणों का योग 180° होना चाहिए। यहाँ दिए गए दो कोणों का योग है: m∠E + m∠F = 110° + 80° = 190°, जो 180° से अधिक है। चूँकि कोणों का योग 180° से अधिक है, इसलिए ऐसा त्रिभुज बनाना असंभव है।
प्रश्नावली 10.5
प्रश्न 1. समकोण 6 22८07? की रचना कीजिए, जहाँ % ZQ < 90", 67? < 8 सेमी. और 2077 ५ 10 सेमी है।
उत्तर- रचना के चरण:
- 8 सेमी लंबा एक रेखाखंड QR खींचिए।
- बिंदु Q पर 90° का कोण (∠XQR) बनाइए।
- Q को केंद्र मानकर 10 सेमी त्रिज्या का एक चाप खींचिए जो किरण QX को P पर काटता है।
- PR को मिलाइए। इस प्रकार अभीष्ट समकोण त्रिभुज PQR प्राप्त होता है, जिसमें ∠Q = 90°, QR = 8 सेमी और कर्ण PR = 10 सेमी है।
प्रश्न 2. एक समकोण त्रिभुज की रचना कीजिए, जिसका कर्ण 6 सेमी लम्बा है और एक पाद 4 सेमी war है।
उत्तर- रचना के चरण:
- 4 सेमी लंबा एक रेखाखंड QR खींचिए (यह एक पाद है)।
- बिंदु Q पर 90° का कोण (∠XQR) बनाइए।
- Q को केंद्र मानकर कर्ण की लंबाई (6 सेमी) के बराबर त्रिज्या लेकर एक चाप खींचिए जो किरण QX को P पर काटता है।
- PR को मिलाइए। इस प्रकार अभीष्ट समकोण त्रिभुज PQR प्राप्त होता है, जिसमें ∠Q = 90°, QR = 4 सेमी और कर्ण PR = 6 सेमी है।
प्रश्न 3. एक समद्विबाहु समकोण त्रिभुज 480 की रचना कीजिए, जहाँ m ZACB = 90" हैं और 4८ ८ 6 सेमी. है।
उत्तर- रचना के चरण:
- 6 सेमी लंबा एक रेखाखंड BC खींचिए।
- बिंदु C पर 90° का कोण (∠YCB) बनाइए।
- C को केंद्र मानकर 6 सेमी त्रिज्या का एक चाप खींचिए जो किरण CY को A पर काटता है।
- AB को मिलाइए। इस प्रकार अभीष्ट समद्विबाहु समकोण त्रिभुज ABC प्राप्त होता है, जिसमें ∠C = 90° और समान भुजाएँ AC = BC = 6 सेमी हैं।
विविध प्रश्न
प्रश्न नीचे कुछ त्रिभुजों की भुजाओं और कोणों के माप द