UP Board Class 10 Science 1. रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 10 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर: मैग्नीशियम रिबन की सतह पर वायु की ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया से एक पतली परत बन जाती है। जलाने से पहले इसे साफ करने से यह परत हट जाती है और शुद्ध मैग्नीशियम सीधे वायु के संपर्क में आता है, जिससे अभिक्रिया तेजी से और पूरी तरह से हो पाती है।
(i) हाइड्रोजन + क्लोरीन -> हाइड्रोजन क्लोराइड
(ii) बेरियम क्लोराइड + एल्युमीनियम सल्फेट -> बेरियम सल्फेट + एल्युमीनियम क्लोराइड
(iii) सोडियम + जल -> सोडियम हाइड्रोक्साइड + हाइड्रोजन
उत्तर:
(i) H₂(g) + Cl₂(g) → 2HCl(g)
(ii) 3BaCl₂(aq) + Al₂(SO₄)₃(aq) → 3BaSO₄(s) + 2AlCl₃(aq)
(iii) 2Na(s) + 2H₂O(l) → 2NaOH(aq) + H₂(g)
(i) जल में बेरियम क्लोराइड तथा सोडियम सल्फेट के विलयन अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा अघुलनशील बेरियम सल्फेट का अवक्षेप बनाते हैं |
(ii) सोडियम हाइड्रोक्साइड का विलयन (जल में ) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के विलयन (जल में ) से अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा जल बनाते हैं |
उत्तर:
(i) BaCl₂(aq) + Na₂SO₄(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq)
(ii) NaOH(aq) + HCl(aq) → NaCl(aq) + H₂O(l)
उत्तर:
(i) पदार्थ X का नाम कैल्शियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना) है। इसका सूत्र CaO है।
(ii) CaO(s) + H₂O(l) → Ca(OH)₂(aq) + ऊष्मा
कैल्शियम ऑक्साइड जल के साथ तीव्र अभिक्रिया कर कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड (बुझा चूना) बनाता है, जिसका उपयोग सफेदी करने में होता है।
उत्तर: क्रियाकलाप 1.7 में जल का विद्युत् अपघटन (विद्युत्-अपघटनी सेल द्वारा) किया जाता है। इस अभिक्रिया में जल (H₂O) हाइड्रोजन (H₂) और ऑक्सीजन (O₂) गैसों में विघटित होता है। जल के एक अणु (H₂O) में हाइड्रोजन के दो परमाणु और ऑक्सीजन का एक परमाणु होता है। इसलिए, जल के विघटन पर हाइड्रोजन गैस की मात्रा ऑक्सीजन गैस से दोगुनी बनती है।
गैस का नाम: हाइड्रोजन गैस (H₂)।
उत्तर: (b) कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रहा है |
समीक्षा:
(a) सीसा (Pb) ऑक्सीजन खो रहा है, इसलिए यह अपचयित हो रहा है। (सत्य)
(b) CO₂ में कार्बन की ऑक्सीकरण अवस्था +4 है, जो कि C (0) की तुलना में बढ़ी हुई है, लेकिन CO₂ अभिक्रिया का उत्पाद है। उपचयन/अपचयन अभिकारकों के संदर्भ में बताया जाता है। यहाँ C (कार्बन) उपचयित हो रहा है, CO₂ उपचयित नहीं हो रहा। (असत्य)
(c) कार्बन (C) ऑक्सीजन प्राप्त कर रहा है, इसलिए यह उपचयित हो रहा है, अपचयित नहीं। (असत्य)
(d) लेड ऑक्साइड (PbO) ऑक्सीजन खोकर Pb में परिवर्तित हो रहा है, इसलिए यह अपचयित हो रहा है। (सत्य)
अतः कथन (b) और (c) असत्य हैं।
उत्तर: (d) विस्थापन अभिक्रिया
इस अभिक्रिया में अधिक अभिक्रियाशील धातु एल्युमिनियम (Al), लोहे के ऑक्साइड (Fe₂O₃) से लोहे (Fe) को विस्थापित कर रहा है।
उत्तर: (a) हाइड्रोजन गैस और एवं आयरन क्लोराइड बनता है |
अभिक्रिया: Fe(s) + 2HCl(aq) → FeCl₂(aq) + H₂(g)
उत्तर: एक ऐसा रासायनिक समीकरण जिसमें अभिकारकों (बायीं ओर) और उत्पादों (दायीं ओर) के प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या बराबर हो, संतुलित रासायनिक समीकरण कहलाता है।
रासायनिक समीकरण को संतुलित करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन कराता है। इस नियम के अनुसार, किसी रासायनिक अभिक्रिया में न तो द्रव्यमान उत्पन्न होता है और न ही नष्ट होता है। संतुलित समीकरण इस बात की पुष्टि करता है कि अभिक्रिया में शामिल सभी परमाणु उत्पादों में विद्यमान हैं।
उत्तर:
(a) N₂(g) + 3H₂(g) → 2NH₃(g)
(b) 2H₂S(g) + 3O₂(g) → 2H₂O(l) + 2SO₂(g)
(c) 3BaCl₂(aq) + Al₂(SO₄)₃(aq) → 2AlCl₃(aq) + 3BaSO₄(s)
(d) 2K(s) + 2H₂O(l) → 2KOH(aq) + H₂(g)
उत्तर: संतुलित रासायनिक समीकरण:
(a) 2HNO₃(aq) + Ca(OH)₂(aq) → Ca(NO₃)₂(aq) + 2H₂O(l)
(b) 2NaOH(aq) + H₂SO₄(aq) → Na₂SO₄(aq) + 2H₂O(l)
(c) NaCl(aq) + AgNO₃(aq) → AgCl(s) + NaNO₃(aq)
(d) BaCl₂(aq) + H₂SO₄(aq) → BaSO₄(s) + 2HCl(aq)
उत्तर:
(a) Ca(OH)₂(aq) + CO₂(g) → CaCO₃(s) + H₂O(l)
(b) Zn(s) + 2AgNO₃(aq) → Zn(NO₃)₂(aq) + 2Ag(s)
(c) 2Al(s) + 3CuCl₂(aq) → 2AlCl₃(aq) + 3Cu(s)
(d) BaCl₂(aq) + K₂SO₄(aq) → BaSO₄(s) + 2KCl(aq)
उत्तर:
(a) 2KBr(aq) + BaI₂(aq) → 2KI(aq) + BaBr₂(aq)
प्रकार: द्वि-विस्थापन अभिक्रिया
(b) ZnCO₃(s) → ZnO(s) + CO₂(g)
प्रकार: वियोजन अभिक्रिया (तापीय वियोजन)
(c) H₂(g) + Cl₂(g) → 2HCl(g)
प्रकार: संयोजन अभिक्रिया
(d) Mg(s) + 2HCl(aq) → MgCl₂(aq) + H₂(g)
प्रकार: विस्थापन अभिक्रिया
उत्तर:
ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया: वे अभिक्रियाएँ जिनमें अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा ऊर्जा मुक्त होती है, ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।
उदाहरण: C(s) + O₂(g) → CO₂(g) + ऊष्मा (दहन अभिक्रिया)
ऊष्माशोषी अभिक्रिया: वे अभिक्रियाएँ जिनमें अभिक्रिया को पूरा करने के लिए बाहर से ऊष्मा ऊर्जा अवशोषित करनी पड़ती है, ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।
उदाहरण: 2FeSO₄(s) → Fe₂O₃(s) + SO₂(g) + SO₃(g) (गर्म करने पर)
उत्तर: श्वसन एक जैव-रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें हमारी कोशिकाओं में ग्लूकोज, वायु से प्राप्त ऑक्सीजन के साथ धीरे-धीरे अभिक्रिया कर कार्बन डाइऑक्साइड, जल और ऊर्जा मुक्त करता है। चूंकि इस अभिक्रिया के दौरान ऊर्जा (ऊष्मा के रूप में) मुक्त होती है, इसलिए इसे एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहा जाता है। यह ऊर्जा हमारे शरीर के विभिन्न कार्यों के लिए उपयोग होती है।
समीकरण: C₆H₁₂O₆ (ग्लूकोज) + 6O₂ → 6CO₂ + 6H₂O + ऊर्जा
उत्तर: संयोजन अभिक्रिया में दो या दो से अधिक पदार्थ मिलकर एक नया पदार्थ बनाते हैं। इसके ठीक विपरीत, वियोजन अभिक्रिया में एक ही पदार्थ टूटकर दो या दो से अधिक सरल पदार्थों में बदल जाता है। इसीलिए वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया का विपरीत कहा जाता है।
संयोजन अभिक्रिया: 2H₂(g) + O₂(g) → 2H₂O(l)
वियोजन अभिक्रिया: 2H₂O(l) → 2H₂(g) + O₂(g) (विद्युत् अपघटन द्वारा)
उत्तर: चूना पत्थर (या संगमरमर)।
उत्तर: सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (NaHCO₃) एक क्षारीय प्रकृति का पदार्थ है। जब हमारे पेट में अम्ल (HCl) की अधिकता हो जाती है (अम्लता), तो यह एंटासीड के रूप में लिया जाता है। यह अतिरिक्त हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया कर उसे उदासीन कर देता है, जिससे आराम मिलता है।
NaHCO₃ + HCl → NaCl + CO₂ + H₂O
उत्तर: रासायनिक समीकरण में अभिकारकों और उत्पादों की भौतिक अवस्था को कोष्ठक में लिखे गए संकेतों द्वारा दर्शाया जाता है:
(s) - ठोस (Solid)
(l) - द्रव (Liquid)
(g) - गैस (Gas)
(aq) - जलीय विलयन (Aqueous Solution, पानी में घुला हुआ)
उत्तर: जब मैग्नीशियम रिबन को वायु (ऑक्सीजन) में जलाया जाता है, तो यह चमकदार सफेद प्रकाश के साथ जलकर सफेद रंग का मैग्नीशियम ऑक्साइड पाउडर बनाता है।
2Mg(s) + O₂(g) → 2MgO(s) + ऊर्जा (प्रकाश व ऊष्मा)
उत्तर: श्वसन की प्रक्रिया में भोजन (ग्लूकोज) कोशिकाओं में ऑक्सीजन के साथ धीरे-धीरे जलता (ऑक्सीकृत होता) है। इस अभिक्रिया के परिणामस्वरूप कार्बन डाइऑक्साइड, जल और ऊर्जा उत्पन्न होती है। चूंकि इस प्रक्रिया में ऊर्जा मुक्त होती है, इसलिए इसे एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहा जाता है। यह ऊर्जा शरीर के ताप को बनाए रखने और विभिन्न जैविक कार्यों को करने के लिए आवश्यक है।
उत्तर: संयोजन अभिक्रिया।
उदाहरण: C(s) + O₂(g) → CO₂(g)
उत्तर: वसायुक्त खाद्य पदार्थों की पैकिंग थैली से वायु (ऑक्सीजन) को हटाकर नाइट्रोजन गैस से युक्त किया जाता है।
कारण: नाइट्रोजन एक निष्क्रिय गैस है। थैली में ऑक्सीजन की अनुपस्थिति से खाद्य पदार्थों का वायु द्वारा उपचयन (रैंसिडिटी या विकृतगंधित होना) रुक जाता है, जिससे वे लंबे समय तक खराब नहीं होते।
उत्तर: उपचयन के कारण वसायुक्त खाद्य पदार्थ विकृतगंधित (रैंसिड) हो जाते हैं, अर्थात उनमें से बदबू आने लगती है और स्वाद भी खराब हो जाता है।
उत्तर:
1. खाद्य पदार्थों को वायुरोधी (एयरटाइट) डिब्बों या थैलियों में रखना, ताकि वे वायु की ऑक्सीजन के संपर्क में न आ सकें।
2. पैकिंग करते समय थैली से हवा (विशेषकर ऑक्सीजन) निकालकर उसमें नाइट्रोजन गैस भर देना।
उत्तर: द्वि-विस्थापन अभिक्रिया।
उत्तर: वह प्रक्रिया जिसमें एक या एक से अधिक पदार्थ (अभिकारक) आपस में अंत:क्रिया करके रासायनिक संरचना में परिवर्तन के साथ नए गुणों वाले एक या अधिक पदार्थ (उत्पाद) बनाते हैं, रासायनिक अभिक्रिया कहलाती है।
जैसे- लोहे पर जंग लगना, दूध का दही बनना, कोयले का जलना।
उत्तर: रासायनिक अभिक्रिया को अभिकारकों और उत्पादों के रासायनिक सूत्रों तथा प्रतीकों का उपयोग करके संक्षेप में व्यक्त करने को रासायनिक समीकरण कहते हैं।
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