अध्याय 5: तत्वों का आवर्त वर्गीकरण
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1. क्या डॉबेराइनर के त्रिक, न्यूलैंड्स के अष्टक के स्तंभ में भी पाए जाते हैं? तुलना करके पता कीजिए।
उत्तर : हाँ, डॉबेराइनर के कुछ त्रिक न्यूलैंड्स के अष्टक के स्तंभों में भी पाए जाते हैं। उदाहरण के लिए, लिथियम (Li), सोडियम (Na) और पोटैशियम (K) का त्रिक। न्यूलैंड्स के अष्टक में ये तत्व एक ही कॉलम (स्तंभ) में आते हैं और इनके गुणों में समानता पाई जाती है।
2. डॉबेराइनर के वर्गीकरण की क्या सीमाएँ हैं?
उत्तर : डॉबेराइनर के वर्गीकरण की प्रमुख सीमाएँ ये थीं:
- उस समय ज्ञात सभी तत्वों को त्रिकों में व्यवस्थित नहीं किया जा सका। वे केवल तीन त्रिकों (Li, Na, K; Ca, Sr, Ba; Cl, Br, I) की ही पहचान कर पाए।
- नए खोजे गए तत्वों को इस पद्धति के अनुसार वर्गीकृत करना कठिन हो गया।
3. न्यूलैंड्स के अष्टक सिद्धांत की क्या सीमाएँ हैं?
उत्तर : न्यूलैंड्स के अष्टक सिद्धांत की सीमाएँ निम्नलिखित हैं:
- यह सिद्धांत केवल कैल्शियम (परमाणु द्रव्यमान 40) तक के हल्के तत्वों के लिए ही ठीक से काम करता था।
- कैल्शियम के बाद के भारी तत्वों को रखने पर, आठवें तत्व के गुण पहले तत्व के गुणों से मेल नहीं खाते थे।
- इस सिद्धांत में भविष्य में खोजे जाने वाले नए तत्वों के लिए कोई स्थान नहीं छोड़ा गया था।
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1. मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी का उपयोग कर निम्नलिखित तत्वों के ऑक्साइड के सूत्र का अनुमान कीजिए: K, C, Al, Si, Ba ।
उत्तर :
- पोटैशियम (K) → K2O
- कार्बन (C) → CO2
- ऐलुमिनियम (Al) → Al2O3
- सिलिकॉन (Si) → SiO2
- बेरियम (Ba) → BaO
2. गैलियम के अतिरिक्त, अब तक कौन-कौन से तत्वों का पता चला है जिसके लिए मेन्डेलीफ ने अपनी आवर्त सारणी में खाली स्थान छोड़ दिया था? दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर : गैलियम के अलावा, स्कैंडियम (Sc) और जर्मेनियम (Ge) ऐसे तत्व हैं जिनके लिए मेन्डेलीफ ने अपनी सारणी में खाली स्थान छोड़ा था और बाद में इनकी खोज हुई। मेन्डेलीफ ने इन्हें क्रमशः एका-बोरॉन और एका-सिलिकॉन नाम दिए थे।
3. मेन्डेलीफ ने अपनी आवर्त सारणी तैयार करने के लिए कौन सा मापदंड अपनाया?
उत्तर : मेन्डेलीफ ने तत्वों को वर्गीकृत करने का मुख्य मापदंड तत्वों के परमाणु द्रव्यमान को बनाया। उन्होंने देखा कि जब तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु द्रव्यमान के क्रम में व्यवस्थित किया जाता है, तो समान रासायनिक एवं भौतिक गुण वाले तत्व नियमित अंतराल के बाद दोहराते हैं। इस आधार पर उन्होंने तत्वों को समूहों और आवर्तों में बाँटा।
4. आपके अनुसार उत्कृष्ट गैसों को अलग समूह में क्यों रखा गया?
उत्तर : उत्कृष्ट गैसों (जैसे हीलियम, नीऑन, आर्गन) को एक अलग समूह (समूह 18) में रखा गया क्योंकि ये अत्यधिक स्थिर और अक्रियाशील होती हैं। इनके बाहरीतम कोश पूर्णतः इलेक्ट्रॉनों से भरे होते हैं, जिसके कारण ये न तो आसानी से इलेक्ट्रॉन त्यागती हैं और न ही ग्रहण करती हैं। इनका रासायनिक व्यवहार अन्य सभी तत्वों से भिन्न होता है, इसलिए इन्हें एक पृथक समूह दिया गया।
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1. आधुनिक आवर्त सारणी द्वारा किस प्रकार से मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी की विविध विसंगतियों को दूर किया गया?
उत्तर : आधुनिक आवर्त सारणी ने मेन्डेलीफ की सारणी की निम्नलिखित विसंगतियों (समस्याओं) को दूर किया:
- वर्गीकरण का आधार: आधुनिक सारणी तत्वों को परमाणु संख्या के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करती है, न कि परमाणु द्रव्यमान के। इससे आयोडीन (परमाणु संख्या 53) और टेल्यूरियम (परमाणु संख्या 52) जैसे तत्वों की स्थिति का विवाद समाप्त हो गया।
- समस्थानिकों की स्थिति: एक ही तत्व के विभिन्न समस्थानिकों (जिनका परमाणु द्रव्यमान अलग-अलग होता है) को अलग-अलग स्थान देने की समस्या दूर हो गई, क्योंकि सभी समस्थानिकों की परमाणु संख्या समान होती है।
- हाइड्रोजन की स्थिति: हाइड्रोजन के विशेष गुणों के कारण उसकी स्थिति अधिक स्पष्ट हुई। इसे समूह 1 (क्षार धातु) के साथ रखा गया है, क्योंकि इसके बाहरी कोश में एक इलेक्ट्रॉन है, लेकिन इसके अधात्विक गुणों को भी ध्यान में रखा जाता है।
- अक्रिय गैसों का समावेश: आधुनिक सारणी में अक्रिय गैसों (उत्कृष्ट गैसों) के लिए समूह 18 का स्थान निश्चित किया गया।
2. मैग्नीशियम की तरह रासायनिक अभिक्रियाशीलता दिखाने वाले दो तत्वों के नाम लिखिए? आपके चयन का क्या आधार है?
उत्तर : बेरिलियम (Be) और कैल्शियम (Ca) मैग्नीशियम (Mg) की तरह रासायनिक अभिक्रियाशीलता दर्शाते हैं।
चयन का आधार: ये सभी तत्व आवर्त सारणी के समूह 2 (क्षारीय मृदा धातु) के सदस्य हैं। इन सभी के बाहरीतम कोश (संयोजकता कोश) में दो इलेक्ट्रॉन होते हैं (इलेक्ट्रॉनिक विन्यास ns2)। इस समान इलेक्ट्रॉनिक संरचना के कारण इनकी रासायनिक अभिक्रियाशीलता समान होती है, जैसे ये सभी जल या अम्ल के साथ अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस मुक्त करते हैं।
3. के नाम बताइए:
(a) तीन तत्वों जिनके सबसे बाहरी कोश में एक इलेक्ट्रॉन उपस्थित हो।
(b) दो तत्वों जिनके सबसे बाहरी कोश में दो इलेक्ट्रॉन उपस्थित हों।
(c) तीन तत्वों जिनका बाहरी कोश पूर्ण हो।
उत्तर :
- लिथियम (Li), सोडियम (Na), पोटैशियम (K) – इनके बाहरी कोश में 1 इलेक्ट्रॉन है।
- मैग्नीशियम (Mg), कैल्शियम (Ca) – इनके बाहरी कोश में 2 इलेक्ट्रॉन हैं।
- हीलियम (He), नीऑन (Ne), आर्गन (Ar) – इनका बाहरी कोश पूर्ण है (हीलियम के पहले कोश में 2, नीऑन और आर्गन के बाहरी कोश में 8 इलेक्ट्रॉन हैं)।
4. (a) लीथियम, सोडियम, पोटैशियम, ये सभी धातुएँ जल से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं। क्या इन तत्वों के परमाणुओं में कोई समानता है?
(b) हीलियम एक अक्रियाशील गैस है जबकि निऑन की अभिक्रियाशीलता अत्यंत कम है। इनके परमाणुओं में कोई समानता है?
उत्तर :
- हाँ, इन तत्वों के परमाणुओं में समानता है। ये सभी समूह 1 की क्षार धातुएँ हैं। इन सभी के बाहरीतम कोश में केवल 1 इलेक्ट्रॉन होता है, जिसे ये आसानी से त्यागकर +1 आवेश का धनायन बनाते हैं। यही समान संयोजकता इलेक्ट्रॉनिक संरचना इनकी समान रासायनिक अभिक्रियाशीलता का कारण है।
- हाँ, इनके परमाणुओं में भी समानता है। हीलियम और नीऑन दोनों ही उत्कृष्ट गैसें (समूह 18 के तत्व) हैं। इन दोनों के बाहरीतम इलेक्ट्रॉन कोश पूर्ण रूप से भरे हुए हैं (हीलियम: 2 इलेक्ट्रॉन, नीऑन: 8 इलेक्ट्रॉन)। इस स्थिर विन्यास के कारण ये अक्रियाशील होती हैं और इनकी संयोजकता शून्य होती है।
5. आधुनिक आवर्त सारणी में पहले दस तत्वों में कौन सी धातुएँ हैं?
उत्तर : आधुनिक आवर्त सारणी में पहले दस तत्व (परमाणु संख्या 1 से 10) हैं: H, He, Li, Be, B, C, N, O, F, Ne। इनमें से केवल लिथियम (Li) और बेरिलियम (Be) ही धातुएँ हैं। हाइड्रोजन (H) एक अधातु है, और बोरॉन (B) से नीऑन (Ne) तक के सभी तत्व अधातुएँ हैं।
6. आवर्त सारणी में इनके स्थान के आधार पर इनमें से किस तत्व में सबसे अधिक धात्विक अभिलक्षण की विशेषता है?
Ga, Ge, As, Se, Br
उत्तर : इन तत्वों में गैलियम (Ga) में सबसे अधिक धात्विक अभिलक्षण पाए जाते हैं।
कारण: आवर्त सारणी में एक ही आवर्त (यहाँ चौथे आवर्त) में बाएँ से दाएँ जाने पर तत्वों की धात्विक प्रकृति घटती है। Ga (समूह 13) इस श्रृंखला में सबसे बाईं ओर स्थित है, इसलिए यह सबसे अधिक धात्विक है। इसके बाद Ge (उपधातु), फिर As और Se (अधातुएँ), और सबसे दाएँ Br (अधातु) आता है जो सबसे कम धात्विक है।
1. आवर्त सारणी में बाईं से दाईं ओर जाने पर, प्रवृत्तियों के बारे में कौन सा कथन असत्य है?
(a) तत्वों की धात्विक प्रकृति घटती है।
(b) संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ जाती है।
(c) परमाणु आसानी से इलेक्ट्रॉन का त्याग करते हैं।
(d) इनके ऑक्साइड अधिक अम्लीय हो जाते हैं।
उत्तर : (c) परमाणु आसानी से इलेक्ट्रॉन का त्याग करते हैं।
स्पष्टीकरण: एक आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर, परमाणु का आकार घटता है और नाभिकीय आकर्षण बढ़ता है। इस कारण बाहरी इलेक्ट्रॉनों को त्यागना कठिन हो जाता है। बल्कि, दाएँ ओर के तत्व (जैसे हैलोजन) इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति रखते हैं। शेष तीनों कथन सही हैं।
2. तत्व X, XCl₂ सूत्र का वाला एक क्लोराइड बनाता है जो एक ठोस है तथा जिसका गलनांक अधिक है। आवर्त सारणी में यह तत्व संभवतः किस समूह के अंतर्गत होगा?
(a) Na
(b) Mg
(c) Al
(d) Si
उत्तर : (b) Mg
स्पष्टीकरण: सूत्र XCl₂ दर्शाता है कि तत्व X की संयोजकता 2 है, अर्थात यह दो क्लोरीन परमाणुओं से बंध सकता है। उच्च गलनांक वाला ठोस यौगिक आयनिक यौगिक होने का संकेत देता है। दिए गए विकल्पों में, मैग्नीशियम (Mg) समूह 2 का तत्व है जिसकी संयोजकता 2 है और यह आयनिक यौगिक MgCl₂ बनाता है जो उच्च गलनांक वाला ठोस है। सोडियम (Na) NaCl बनाता है (सूत्र XCl), ऐलुमिनियम (Al) AlCl₃ बनाता है, और सिलिकॉन (Si) सहसंयोजक यौगिक SiCl₄ बनाता है जिसका गलनांक कम होता है।
3. किस तत्व में
(a) दो कोश हैं तथा दोनों इलेक्ट्रॉनों से पूरित हैं?
(b) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 2 है?
(c) कुल तीन कोश हैं तथा संयोजकता कोश में चार इलेक्ट्रॉन हैं?
(d) कुल दो कोश हैं तथा संयोजकता कोश में तीन इलेक्ट्रॉन हैं?
(e) दूसरे कोश में पहले कोश से दोगुने इलेक्ट्रॉन हैं?
उत्तर :
- नीऑन (Ne) – इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (2,8) है। पहला कोश (K) 2 इलेक्ट्रॉनों से और दूसरा कोश (L) 8 इलेक्ट्रॉनों से पूर्ण है।
- मैग्नीशियम (Mg) – इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (2,8,2) है।
- सिलिकॉन (Si) – इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (2,8,4) है। इसमें तीन कोश (K, L, M) हैं और सबसे बाहरी कोश (M) में 4 इलेक्ट्रॉन हैं।
- बोरॉन (B) – इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (2,3) है। इसमें दो कोश हैं और बाहरी कोश (L) में 3 इलेक्ट्रॉन हैं।
- कार्बन (C) – इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (2,4) है। पहले कोश (K) में 2 इलेक्ट्रॉन हैं। दूसरे कोश (L) में 4 इलेक्ट्रॉन हैं, जो पहले कोश के इलेक्ट्रॉनों (2) से दोगुने हैं।
4. (a) आवर्त सारणी में बोरॉन के स्तंभ के सभी तत्वों के कौन से गुणधर्म समान हैं?
(b) आवर्त सारणी में फ्लुओरीन के स्तंभ के सभी तत्वों के कौन से गुणधर्म समान हैं?
उत्तर :
- बोरॉन के स्तंभ (समूह 13: B, Al, Ga, In, Tl) के सामान्य गुणधर्म:
- इन सभी तत्वों के बाहरीतम कोश में 3 इलेक्ट्रॉन होते हैं (संयोजकता इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: ns2np1)।
- इनकी सामान्य संयोजकता 3 होती है।
- समूह में ऊपर से नीचे जाने पर धात्विक गुण बढ़ता जाता है (बोरॉन अधातु है, जबकि Al, Ga, In, Tl धातुएँ हैं)।
- ये सभी विद्युत के सुचालक होते हैं (बोरॉन एक अर्धचालक है)।
- फ्लोरीन के स्तंभ (समूह 17 – हैलोजन: F, Cl, Br, I, At) के सामान्य गुणधर्म:
- इन सभी तत्वों के बाहरीतम कोश में 7 इलेक्ट्रॉन होते हैं (संयोजकता इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: ns2np5)।
- इनकी सामान्य संयोजकता 1 होती है।
- ये सभी अधातुएँ हैं और अत्यधिक अभिक्रियाशील होती हैं।
- ये सभी विद्युत के कुचालक होते हैं (ठोस अवस्था में)।
- ये धातुओं के साथ अभिक्रिया कर लवण (हैलाइड) बनाते हैं।
5. एक परमाणु का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 7 है।
(a) इस तत्व की परमाणु-संख्या क्या है?
(b) निम्न में किस तत्व के साथ इसकी रासायनिक समानता होगी? (परमाणु-संख्या कोष्ठक में दी गई है।)
N(7), F(9), P(15), Ar(18)
उत्तर :
- इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2,8,7 में कुल इलेक्ट्रॉन = 2+8+7 = 17। चूँकि एक उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या परमाणु संख्या के बराबर होती है, अतः इस तत्व की परमाणु संख्या 17 है। यह तत्व क्लोरीन (Cl) है।
- इस तत्व (Cl) की रासायनिक समानता फ्लोरीन (F) [परमाणु संख्या 9] के साथ होगी।
कारण: क्लोरीन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (2,8,7) है और फ्लोरीन का (2,7) है। दोनों के ही बाहरीतम कोश में 7 इलेक्ट्रॉन हैं। दोनों ही समूह 17 (हैलोजन) के सदस्य हैं, इसलिए इनकी संयोजकता (1) और रासायनिक गुण (जैसे एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति) समान होंगे।
6. आवर्त सारणी में तीन तत्व A, B तथा C की स्थिति निम्न प्रकार है:
| समूह 16 |
समूह 17 |
| — |
— |
| A |
— |
| B |
C |
अब बताइए कि:
(a) A धातु है या अधातु।
(b) C की अपेक्षा A अधिक अभिक्रियाशील है या कम?
(c) C का साइज़ B से बड़ा होगा या छोटा?
(d) A किस प्रकार आयन, धनायन या ऋणायन बनाएगा?
उत्तर : दी गई सारणी के अनुसार, A और B समूह 16 में हैं, जबकि C समूह 17 में है। A, B के ऊपर है।
- A एक अधातु है। समूह 16 (ऑक्सीजन परिवार) के तत्व अधातुएँ होते हैं (ओ, S, Se, Te)। पोलोनियम (Po) एक उपधातु है।
- A, C की अपेक्षा कम अभिक्रियाशील है। C समूह 17 (हैलोजन) का तत्व है जो समूह 16 के तत्वों (A) की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील होते हैं क्योंकि उनमें इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति अधिक होती है।
- C का आकार B से छोटा होगा। एक ही आवर्त (यहाँ तीसरा आवर्त मानकर) में बाएँ से दाएँ जाने पर परमाणु का आकार घटता है। B समूह 16 में और C समूह 17 में है, इसलिए C, B के दाएँ ओर है। अतः C का परमाणु आकार B से छोटा होगा।
- A ऋणायन बनाएगा। समूह 16 के तत्वों के बाहरी कोश में 6 इलेक्ट्रॉन होते हैं। अक्रिय गैस का स्थिर विन्यास प्राप्त करने के लिए ये 2 इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके द्वि-ऋणात्मक आयन (ऋणायन, जैसे O2-, S2-) बनाते हैं।
7. नाइट्रोजन (परमाणु-संख्या 7) तथा फॉस्फोरस (परमाणु-संख्या 15) आवर्त सारणी के समूह 15 के तत्व हैं। इन दोनों तत्वों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए। इनमें से कौन सा तत्व अधिक ऋण विद्युत होगा और क्यों?
उत्तर :
- नाइट्रोजन (N, Z=7): इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 5 या 1s22s22p3
- फॉस्फोरस (P, Z=15): इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 8, 5 या 1s22s22p63s23p