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UP Board Class 10 Science (3. धातु एवं अधातु) solution PDF

UP Board Class 10 Science 3. धातु एवं अधातु is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 10 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.

UP Board Class 10 Science (3. धातु एवं अधातु) solution

UP Board Class 10 Science 3. धातु एवं अधातु Hindi Medium Solutions - PDF

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UP Board Solutions for Class 10 Science - Chapter 3: धातु एवं अधातु

पाठ -3 धातु एवं अधातु Page 45:

01. ऐसी धातु का उदाहरण दीजिए जो (i) कमरे के ताप पर द्रव होती है (ii) चाकू से आसानी से काटा जा सकता है | (iii) ऊष्मा की सबसे अच्छी चालक होती है। (iv) ऊष्मा की कुचालक होती है।

उत्तर:
(i) पारा (Mercury) कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में पाई जाने वाली धातु है।
(ii) सोडियम, लिथियम और पोटैशियम इतनी मुलायम धातुएँ हैं कि इन्हें चाकू से आसानी से काटा जा सकता है।
(iii) चाँदी (Silver) ऊष्मा की सर्वोत्तम चालक है। इसके बाद ताँबा (Copper) का स्थान आता है।
(iv) सीसा (Lead) और पारा (Mercury) ऊष्मा की कुचालक धातुएँ मानी जाती हैं।

2. आघातवर्ध्य तथा तन्यता का अर्थ बताइए।

उत्तर:
आघातवर्ध्यता: धातुओं का वह गुण जिसके कारण उन्हें हथौड़े से पीटकर पतली चादरों में बदला जा सकता है, आघातवर्ध्यता कहलाता है। उदाहरण के लिए, सोने को बहुत पतली पन्नी (फॉइल) में बदला जा सकता है।
तन्यता: धातुओं का वह गुण जिसके कारण उन्हें खींचकर पतले तार के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है, तन्यता कहलाता है। उदाहरण के लिए, ताँबे के मोटे टुकड़े से पतले तार बनाए जा सकते हैं।

प्रश्न 1 : सोडियम को केरोसिन में डुबोकर क्यों रखा जाता हैं?

उत्तर: सोडियम एक अत्यधिक क्रियाशील धातु है। यह वायु में उपस्थित ऑक्सीजन और नमी के साथ तेजी से अभिक्रिया करके आग पकड़ सकती है। केरोसिन तेल सोडियम को वायु और नमी के सम्पर्क में आने से रोकता है, जिससे यह सुरक्षित रहती है। इसीलिए सोडियम को केरोसिन में डुबोकर रखा जाता है।

02. इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए: (a) जल के साथ आयरन। (b) जल के साथ कैल्सियम तथा पोटैशियम।

उत्तर:
(a) आयरन (लोहा) भाप के साथ अभिक्रिया करता है:

3Fe(s) + 4H2O(g) → Fe3O4(s) + 4H2(g)

(b) (i) कैल्सियम ठंडे जल के साथ अभिक्रिया करता है:
Ca(s) + 2H2O(l) → Ca(OH)2(aq) + H2(g)

(ii) पोटैशियम ठंडे जल के साथ बहुत तीव्रता से अभिक्रिया करता है:
2K(s) + 2H2O(l) → 2KOH(aq) + H2(g) + ऊष्मा

Q3. A, B, C और D चार अलग-अलग धातुओं के नमूनों को लेकर एक-एक करके निम्न विलयन में डाला गया। इससे प्राप्त परिणाम को निम्न प्रकार से सारणीबद्ध किया गया है ?

(तालिका यहाँ उपलब्ध नहीं है, इसलिए प्रश्न के आधार पर उत्तर दिए गए हैं।)

(a) सबसे अधिक अभिक्रियाशील धातु कौन सी है?

उत्तर: जो धातु सभी दिए गए धातु लवणों के विलयनों से अभिक्रिया करके उन्हें विस्थापित कर दे, वह सबसे अधिक अभिक्रियाशील होगी। सामान्यतः धातु सक्रियता श्रेणी में सबसे ऊपर वाली धातु (जैसे पोटैशियम, सोडियम) सबसे अधिक अभिक्रियाशील होती है।

(b) धातु B को कॉपर (II) सल्फेट के विलयन में डाला जाए तो क्या होगा?

उत्तर: यदि धातु B, कॉपर से अधिक अभिक्रियाशील है (जैसे जिंक, आयरन), तो वह कॉपर को कॉपर सल्फेट के विलयन से विस्थापित कर देगी। इस अभिक्रिया में विलयन का नीला रंग फीका पड़ जाएगा और भूरे रंग का कॉपर धातु निक्षेपित होगा। यदि धातु B कॉपर से कम अभिक्रियाशील है (जैसे सिल्वर), तो कोई अभिक्रिया नहीं होगी।

(c) धातु A, B, C एवं D को अभिक्रियाशीलता के घटते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

उत्तर: अभिक्रियाशीलता का घटता क्रम वह होगा जिसमें धातुएँ अन्य धातु आयनों को विस्थापित करने की क्षमता के आधार पर व्यवस्थित हों। सामान्य नियम है: जो धातु जितनी अधिक धातुओं को उनके लवण विलयन से विस्थापित कर सके, वह उतनी ही अधिक अभिक्रियाशील होगी। इस आधार पर क्रम हो सकता है: A > B > C > D (जहाँ A सबसे अधिक अभिक्रियाशील है)।

04. अभिक्रियाशील धातु को तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में डाला जाता है तो कौन सी गैस निकलती है? आयरन के साथ तनु H2SO4 की रासायनिक अभिक्रिया लिखिए।

उत्तर: जब एक अभिक्रियाशील धातु (जैसे जिंक, मैग्नीशियम) को तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में डाला जाता है, तो हाइड्रोजन गैस (H2) निकलती है। आयरन के साथ तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया:

Fe(s) + H2SO4(aq) → FeSO4(aq) + H2(g)
(आयरन सल्फेट बनता है और हाइड्रोजन गैस निकलती है।)

05. जिंक को आयरन (II) सल्फेट के विलयन में डालने से क्या होता है? इसकी रासायनिक अभिक्रिया लिखिए।

उत्तर: जिंक, आयरन से अधिक अभिक्रियाशील है। इसलिए, जब जिंक को आयरन (II) सल्फेट (फेरस सल्फेट) के हरे रंग के विलयन में डाला जाता है, तो जिंक, आयरन को उसके लवण विलयन से विस्थापित कर देता है। इस अभिक्रिया में विलयन का हरा रंग धीरे-धीरे फीका पड़ जाता है और भूरे रंग का आयरन धातु निक्षेपित हो जाता है।

Zn(s) + FeSO4(aq) → ZnSO4(aq) + Fe(s)

Page 54

01. (i) सोडियम, ऑक्सीजन एवं मैग्नीशियम के लिए इलेक्ट्रॉन-बिंदु संरचना लिखिए। (ii) इलेक्ट्रॉन के स्थानांतरण के द्वारा Na2O एवं MgO का निर्माण दर्शाइए। (iii) इन यौगिकों में कौन से आयन उपस्थित हैं?

उत्तर:
(i) इलेक्ट्रॉन-बिंदु संरचना:
सोडियम (Na, परमाणु क्रमांक 11): संयोजकता इलेक्ट्रॉन = 1, संरचना: Na के चारों ओर एक बिंदु (•)
ऑक्सीजन (O, परमाणु क्रमांक 8): संयोजकता इलेक्ट्रॉन = 6, संरचना: O के चारों ओर छह बिंदु (••••••)
मैग्नीशियम (Mg, परमाणु क्रमांक 12): संयोजकता इलेक्ट्रॉन = 2, संरचना: Mg के चारों ओर दो बिंदु (••)

(ii) Na2O का निर्माण: एक सोडियम परमाणु (Na) अपना एक संयोजकता इलेक्ट्रॉन ऑक्सीजन (O) को दे देता है। चूँकि ऑक्सीजन को दो इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है, इसलिए दो सोडियम परमाणु अपना-अपना एक इलेक्ट्रॉन ऑक्सीजन को स्थानांतरित करते हैं। इससे Na+ और O2- आयन बनते हैं जो आयनिक बंध द्वारा जुड़कर Na2O बनाते हैं।
MgO का निर्माण: एक मैग्नीशियम परमाणु (Mg) अपने दोनों संयोजकता इलेक्ट्रॉन एक ऑक्सीजन परमाणु (O) को स्थानांतरित कर देता है। इससे Mg2+ और O2- आयन बनते हैं जो आयनिक बंध द्वारा जुड़कर MgO बनाते हैं।

(iii) इन यौगिकों में उपस्थित आयन:
सोडियम ऑक्साइड (Na2O) में: सोडियम आयन (Na+) और ऑक्साइड आयन (O2-)
मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) में: मैग्नीशियम आयन (Mg2+) और ऑक्साइड आयन (O2-)

02. आयनिक यौगिकों का गलनांक उच्च क्यों होता है?

उत्तर: आयनिक यौगिकों में धनायन और ऋणायन के बीच प्रबल स्थिरवैद्युत आकर्षण बल (आयनिक बंध) होता है। इन आयनों को एक-दूसरे से अलग करके यौगिक को पिघलाने (द्रव अवस्था में लाने) के लिए इस प्रबल आकर्षण बल को तोड़ने के लिए बहुत अधिक ऊर्जा (ऊष्मा) की आवश्यकता होती है। इसीलिए आयनिक यौगिकों का गलनांक उच्च होता है।

Page 59

01. निम्न पदों की परिभाषा दीजिए: (i) खनिज (ii) अयस्क (iii) गैंग

उत्तर:
(i) खनिज: प्रकृति में पाए जाने वाले वे प्राकृतिक पदार्थ हैं जिनमें धातुएँ या उनके यौगिक किसी न किसी रूप में विद्यमान रहते हैं। उदाहरण: बॉक्साइट (एल्युमिनियम का खनिज), हेमेटाइट (आयरन का खनिज)।
(ii) अयस्क: वे खनिज हैं जिनसे धातु का निष्कर्षण (अलग करना) आसान और आर्थिक दृष्टि से लाभदायक होता है। अयस्क में धातु की मात्रा अधिक होती है। सभी अयस्क खनिज होते हैं, लेकिन सभी खनिज अयस्क नहीं होते।
(iii) गैंग: खनिज या अयस्क में उपस्थित अवांछित अशुद्धियाँ (जैसे मिट्टी, रेत, चट्टान के टुकड़े) गैंग कहलाती हैं। धातु निष्कर्षण से पहले इन अशुद्धियों को हटाना आवश्यक होता है।

02. दो धातुओं के नाम बताइए जो प्रकृति में मुक्त अवस्था में पाई जाती हैं।

उत्तर: कम अभिक्रियाशील धातुएँ प्रकृति में मुक्त अवस्था (शुद्ध धातु के रूप में) पाई जाती हैं। उदाहरण: सोना (Gold) और प्लैटिनम (Platinum)। कभी-कभी चाँदी (Silver) और ताँबा (Copper) भी मुक्त अवस्था में पाए जाते हैं।

Page 61

01. जिंक, मैग्नीशियम एवं कॉपर के धात्विक ऑक्साइडों को निम्न धातुओं के साथ गर्म किया गया: किस स्थिति में विस्थापन अभिक्रिया घटित होगी?

उत्तर: विस्थापन अभिक्रिया तभी घटित होगी जब अभिक्रिया में प्रयुक्त धातु, उस धातु ऑक्साइड में मौजूद धातु से अधिक अभिक्रियाशील हो। उदाहरण के लिए, मैग्नीशियम, जिंक और कॉपर दोनों से अधिक अभिक्रियाशील है। इसलिए, मैग्नीशियम जिंक ऑक्साइड (ZnO) और कॉपर ऑक्साइड (CuO) दोनों से अभिक्रिया करके जिंक और कॉपर को विस्थापित कर देगा। जबकि कॉपर, जिंक और मैग्नीशियम दोनों से कम अभिक्रियाशील है, इसलिए यह उनके ऑक्साइडों के साथ अभिक्रिया नहीं करेगा।

02. कौन सी धातु आसानी से संक्षारित नहीं होती है?

उत्तर: वे धातुएँ जो वायु और नमी के साथ धीरे-धीरे अभिक्रिया नहीं करतीं, आसानी से संक्षारित नहीं होतीं। ऐसी धातुओं के उदाहरण हैं: सोना (Gold), प्लैटिनम (Platinum) और चाँदी (Silver)

03. मिश्रातु क्या होते हैं?

उत्तर: दो या दो से अधिक धातुओं (या एक धातु और एक अधातु) के समांगी मिश्रण को मिश्रातु या मिश्रधातु कहते हैं। मिश्रातु बनाने के लिए घटकों को पिघलाकर अच्छी तरह मिलाया जाता है और फिर ठंडा किया जाता है। मिश्रातु अपने घटक धातुओं से अलग गुण रखते हैं, जैसे अधिक मजबूती, कम संक्षारण आदि। उदाहरण: पीतल (ताँबा + जस्ता), काँसा (ताँबा + टिन), स्टेनलेस स्टील (लोहा + क्रोमियम + निकल + कार्बन)।

1. निम्न में कौन सा युगल विस्थापन अभिक्रिया प्रदर्शित करता है: (a) NaCl विलयन एवं कॉपर धातु (b) MgCl2 विलयन एवं ऐलुमिनियम धातु (c) FeSO4 विलयन एवं सिल्वर धातु (d) AgNO3 विलयन एवं कॉपर धातु

उत्तर: (d) AgNO3 विलयन एवं कॉपर धातु। कारण: कॉपर (Cu), सिल्वर (Ag) से अधिक अभिक्रियाशील है। इसलिए, जब कॉपर को सिल्वर नाइट्रेट (AgNO3) के विलयन में डाला जाता है, तो कॉपर, सिल्वर को उसके लवण विलयन से विस्थापित कर देता है और स्वयं कॉपर नाइट्रेट में बदल जाता है। अभिक्रिया: Cu(s) + 2AgNO3(aq) → Cu(NO3)2(aq) + 2Ag(s)

2. लोहे के फ्राइंग पैन को जंग से बचाने के लिए निम्न में से कौन सी विधि उपयुक्त है: (a) ग्रीस लगाकर (b) पेंट लगाकर (c) जिंक की परत चढ़ाकर (d) ऊपर के सभी

उत्तर: (d) ऊपर के सभी। व्याख्या: लोहे को जंग (संक्षारण) से बचाने के लिए उसे वायु और नमी के सम्पर्क में आने से रोकना होता है। यह कार्य तीनों विधियों द्वारा किया जा सकता है: (a) ग्रीस लगाकर एक सुरक्षात्मक परत बनाई जाती है। (b) पेंट लगाकर भी एक अवरोधक परत बनती है। (c) जिंक की परत चढ़ाने (यशदलेपन या गैल्वनीकरण) से एक स्थायी सुरक्षा मिलती है क्योंकि जिंक लोहे से अधिक अभिक्रियाशील है और बलिदानी एनोड की तरह कार्य करके लोहे की रक्षा करता है।

3. कोई धातु ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया कर उच्च गलनांक वाला यौगिक निर्मित करती है। यह यौगिक जल में विलेय है। यह तत्व क्या हो सकता है? (a) कैल्सियम (b) कार्बन (c) सिलिकन (d) लोहा

उत्तर: (a) कैल्सियम। व्याख्या: कैल्सियम ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके कैल्सियम ऑक्साइड (CaO) बनाता है, जिसका गलनांक बहुत उच्च (~2572°C) होता है। कैल्सियम ऑक्साइड जल के साथ अभिक्रिया करके कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड [Ca(OH)2] बनाता है, जो जल में थोड़ा विलेय है। अन्य विकल्प: कार्बन और सिलिकन के ऑक्साइड अम्लीय होते हैं और लोहे के ऑक्साइड जल में अविलेय होते हैं।

4. खाद्य पदार्थ के डिब्बों पर जिंक की बजाय टिन का लेप होता है क्योंकि (a) टिन की अपेक्षा जिंक महँगा है। (b) टिन की अपेक्षा जिंक का गलनांक अधिक है (c) टिन की अपेक्षा जिंक अधिक अभिक्रियाशील है (d) टिन की अपेक्षा जिंक कम अभिक्रियाशील है

उत्तर: (c) टिन की अपेक्षा जिंक अधिक अभिक्रियाशील है। व्याख्या: जिंक, टिन से अधिक अभिक्रियाशील धातु है। खाद्य पदार्थ अम्लीय या क्षारीय हो सकते हैं। यदि डिब्बे पर जिंक की परत हो और वह थोड़ी सी भी क्षतिग्रस्त हो जाए, तो अधिक अभिक्रियाशील जिंक भोजन के साथ अभिक्रिया करके जहरीले यौगिक बना सकता है। जबकि टिन कम अभिक्रियाशील है और खाद्य पदार्थों के साथ प्रतिक्रिया नहीं करता, इसलिए यह सुरक्षित है।

5. आपको एक हथौड़ा, बैटरी, बल्ब, तार एवं स्विच दिया गया है: (a) इनका उपयोग कर धातुओं एवं अधातुओं के नमूनों के बीच आप विभेद कैसे कर सकते हैं? (b) धातुओं एवं अधातुओं में विभेदन के लिए इन परीक्षणों की उपयोगिताओं का आकलन कीजिए।

उत्तर:
(a) विभेदन के तरीके:
1. हथौड़े से पीटकर (आघातवर्ध्यता परीक्षण): दिए गए नमूने के एक टुकड़े को हथौड़े से पीटिए। यदि वह पीटकर पतली चादर में बदल जाता है और टूटता नहीं है, तो वह धातु है (जैसे एल्युमीनियम)। यदि वह पीटते ही चूर-चूर होकर टुकड़ों में बिखर जाता है, तो वह अधातु है (जैसे कोयला या सल्फर)।
2. विद्युत परिपथ द्वारा (विद्युत चालकता परीक्षण): बैटरी, बल्ब, तार और स्विच का उपयोग करके एक सरल विद्युत परिपथ बनाइए, जिसमें दो तारों के सिरे खुले हों। इन खुले सिरों के बीच में दिए गए नमूने के टुकड़े को रखकर स्विच ऑन कीजिए। यदि बल्ब जलने लगता है, तो नमूना धातु है (विद्युत का सुचालक)। यदि बल्ब नहीं जलता, तो नमूना अधातु है (विद्युत का कुचालक)।

(b) परीक्षणों की उपयोगिता का आकलन:
आघातवर्ध्यता परीक्षण: यह एक सरल और प्रभावी परीक्षण है। हालाँकि, कुछ धातुएँ (जैसे सोडियम) इतनी मुलायम होती हैं कि उन्हें पीटा नहीं जा सकता, और कुछ अधातुएँ (जैसे हीरा) बहुत कठोर होती हैं।
विद्युत चालकता परीक्षण: यह भी एक उपयोगी परीक्षण है, लेकिन इसमें एक अपवाद है: ग्रेफाइट (कार्बन का एक रूप, जो एक अधातु है) विद्युत का सुचालक है। इसलिए, केवल इस परीक्षण के आधार पर ग्रेफाइट को धातु नहीं मान लेना चाहिए। सबसे अच्छा तरीका दोनों परीक्षणों का उपयोग करना है।

06. उभयधर्मी ऑक्साइड क्या होते हैं? दो उभयधर्मी ऑक्साइडों का उदाहरण दीजिए।

उत्तर: वे धातु ऑक्साइड जो अम्ल तथा क्षारक दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण तथा जल बनाते हैं, उभयधर्मी ऑक्साइड कहलाते हैं। दूसरे शब्दों में, ये ऑक्साइड अम्लीय और क्षारकीय दोनों प्रकार का व्यवहार प्रदर्शित करते हैं। दो उदाहरण:
1. एल्युमिनियम ऑक्साइड (Al2O3)
2. जिंक ऑक्साइड (ZnO)

07. दो धातुओं के नाम बताइए जो तनु अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित कर देंगे, तथा दो धातुएँ जो ऐसा नहीं कर सकती हैं।

उत्तर:
हाइड्रोजन को विस्थापित करने वाली धातुएँ: मैग्नीशियम (Mg) और जिंक (Zn)। (ध्यान दें

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Other Chapters of Class 10 Science
1. रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण
2. अम्ल क्षारक एवं लवण
3. धातु एवं अधातु
4. कार्बन एवं उसके यौगिक
5. तत्वों का आवर्त वर्गीकरण
6. जैव प्रक्रम
7. नियंत्रण एवं समन्वय
8. जीव जनन कैसे करते हैं
9. आनुवंशिकता एवं जैव विकास
10. प्रकाश परावर्तन तथा अपवर्तन
11. मानव नेत्र तथा रंगबिरंगा संसार
12. विद्युत
13. विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव
14. ऊर्जा के स्रोत
15. हमारा पर्यावरण
16. प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन
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