UP Board Class 12 Chemistry 2. विलयन is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 12 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
यदि 22 g बेन्जीन में 122 g कार्बन टेट्राक्लोराइड घुली हो, तो बेन्जीन एवं कार्बन टेट्राक्लोराइड के द्रव्यमान प्रतिशत की गणना कीजिए।
हल:
बेन्जीन का द्रव्यमान = 22 g
कार्बन टेट्राक्लोराइड (CCl4) का द्रव्यमान = 122 g
विलयन का द्रव्यमान = 22 g + 122 g = 144 g
बेन्जीन का द्रव्यमान % = (22 g / 144 g) × 100 = 15.28%
CCl4 का द्रव्यमान % = 100 - 15.28 = 84.72%
एक विलयन में बेन्जीन, 30% कार्बन टेट्राक्लोराइड में घुली हुई हो, तो बेन्जीन के मोल-अंश की गणना कीजिए।
हल:
माना विलयन का कुल द्रव्यमान = 100 g
बेन्जीन का द्रव्यमान = 30 g
कार्बन टेट्राक्लोराइड (CCl4) का द्रव्यमान = 100 - 30 = 70 g
बेन्जीन (C6H6) का मोलर द्रव्यमान = (12×6) + (1×6) = 78 g mol-1
बेन्जीन के मोलों की संख्या, nबेन्जीन = 30 g / 78 g mol-1 = 0.385 mol
CCl4 का मोलर द्रव्यमान = 12 + (35.5×4) = 154 g mol-1
CCl4 के मोलों की संख्या, nCCl4 = 70 g / 154 g mol-1 = 0.454 mol
बेन्जीन का मोल-अंश, Xबेन्जीन = nबेन्जीन / (nबेन्जीन + nCCl4)
= 0.385 / (0.385 + 0.454) = 0.459
निम्नलिखित प्रत्येक विलयन की मोलरता की गणना कीजिए:
(a) 30 g, Co(NO3)2.6H2O, 4.3 लीटर विलयन में घुला हुआ हो।
(b) 30 mL, 0.5 M H2SO4 को 500 mL तक तनु किया गया हो।
हल:
(a) Co(NO3)2.6H2O का मोलर द्रव्यमान = 58.7 + 2(14+48) + (6×18) = 291 g mol-1
Co(NO3)2.6H2O के मोलों की संख्या = 30 g / 291 g mol-1 = 0.103 mol
विलयन का आयतन = 4.3 L
मोलरता (M) = मोलों की संख्या / आयतन (L में) = 0.103 mol / 4.3 L = 0.024 M
(b) तनुता समीकरण से: M1V1 = M2V2
M1 = 0.5 M, V1 = 30 mL, V2 = 500 mL
M2 = (M1V1) / V2 = (0.5 M × 30 mL) / 500 mL = 0.03 M
यूरिया (NH2CONH2) के 0.25 मोलल जलीय विलयन के 2.5 kg बनाने के लिए आवश्यक यूरिया के द्रव्यमान की गणना कीजिए।
हल:
विलयन की मोललता = 0.25 m = 0.25 mol kg-1
यूरिया (NH2CONH2) का मोलर द्रव्यमान = 60 g mol-1
विलायक (जल) का द्रव्यमान = 2.5 kg
मोललता (m) = (विलेय का द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान) / विलायक का द्रव्यमान (kg में)
0.25 mol kg-1 = (WB / 60 g mol-1) / 2.5 kg
WB = 0.25 × 60 × 2.5 = 37.5 g
20% (w/w) जलीय KI का घनत्व 1.202 g mL-1 हो तो KI विलयन की (a) मोललता, (b) मोलरता, (c) मोल-अंश की गणना कीजिए।
हल:
20% (w/w) KI का अर्थ: 100 g विलयन में 20 g KI एवं 80 g जल है।
(a) मोललता:
KI का मोलर द्रव्यमान = 39 + 127 = 166 g mol-1
KI के मोलों की संख्या = 20 g / 166 g mol-1 = 0.1205 mol
विलायक (जल) का द्रव्यमान = 80 g = 0.08 kg
मोललता (m) = 0.1205 mol / 0.08 kg = 1.506 m
(b) मोलरता:
विलयन का द्रव्यमान = 100 g, घनत्व = 1.202 g mL-1
विलयन का आयतन = द्रव्यमान / घनत्व = 100 g / 1.202 g mL-1 = 83.19 mL = 0.08319 L
मोलरता (M) = KI के मोल / विलयन का आयतन (L) = 0.1205 mol / 0.08319 L = 1.45 M
(c) मोल-अंश:
KI के मोल = 0.1205 mol
जल के मोल = 80 g / 18 g mol-1 = 4.444 mol
KI का मोल-अंश, XKI = nKI / (nKI + nH2O) = 0.1205 / (0.1205 + 4.444) = 0.0263
सड़े हुए अंडे जैसी गंध वाली विषैली गैस H2S गुणात्मक विश्लेषण में उपयोग की जाती है। यदि H2S गैस की जल में 298 K पर विलेयता 0.195 m हो तो हेनरी स्थिरांक की गणना कीजिए।
हल:
विलेयता 0.195 m का अर्थ: 1000 g जल में 0.195 mol H2S घुली है।
जल के मोल = 1000 g / 18 g mol-1 = 55.55 mol
H2S का मोल-अंश, XH2S = nH2S / (nH2S + nH2O) = 0.195 / (0.195 + 55.55) = 0.0035
हेनरी नियमानुसार: p = KH . X
मानक दाब पर H2S का आंशिक दाब, p = 1 bar
KH = p / XH2S = 1 bar / 0.0035 = 285.7 bar
298 K पर CO2 गैस की जल में विलेयता के लिए हेनरी स्थिरांक का मान 1.67×108 Pa है। 500 mL सोडा जल 2.5 atm दाब पर CO2 से भरकर बंद किया गया। 298 K ताप पर घुली हुई CO2 की मात्रा की गणना कीजिए।
हल:
हेनरी नियम: p = KH . XCO2
p = 2.5 atm = 2.5 × 1.01325×105 Pa = 2.533×105 Pa
KH = 1.67×108 Pa
XCO2 = p / KH = (2.533×105) / (1.67×108) = 1.517×10-3
जल के मोल, nH2O = 500 g / 18 g mol-1 = 27.78 mol
XCO2 = nCO2 / (nCO2 + nH2O) ≈ nCO2 / nH2O (चूँकि nCO2 बहुत कम है)
nCO2 = XCO2 × nH2O = 1.517×10-3 × 27.78 = 0.0421 mol
CO2 का द्रव्यमान = मोल × मोलर द्रव्यमान = 0.0421 mol × 44 g mol-1 = 1.85 g
350 K पर शुद्ध द्रवों A एवं B के वाष्प दाब क्रमश: 450 एवं 700 mm Hg हैं। यदि कुल वाष्प दाब 600 mm Hg हो तो द्रव मिश्रण का संघटन ज्ञात कीजिए। साथ ही वाष्प प्रावस्था का संघटन भी ज्ञात कीजिए।
हल:
राउल्ट नियम से: P = PA°XA + PB°XB
P = 600 mm Hg, PA° = 450 mm Hg, PB° = 700 mm Hg, XB = 1 - XA
600 = 450 XA + 700 (1 - XA)
600 = 450XA + 700 - 700XA
-100 = -250XA
XA = 0.4, XB = 0.6
वाष्प अवस्था में:
PA = PA°XA = 450 × 0.4 = 180 mm Hg
PB = PB°XB = 700 × 0.6 = 420 mm Hg
कुल दाब P = 180 + 420 = 600 mm Hg
वाष्प में A का मोल-अंश, YA = PA / P = 180/600 = 0.3
वाष्प में B का मोल-अंश, YB = PB / P = 420/600 = 0.7
298 K पर शुद्ध जल का वाष्प दाब 23.8 mm Hg है। 850 g जल में 50 g यूरिया (NH2CONH2) घोला जाता है। इस विलयन के लिए जल के वाष्प दाब एवं इसके आपेक्षिक अवनमन का परिकलन कीजिए।
हल:
राउल्ट नियम से वाष्प दाब में आपेक्षिक अवनमन:
(P° - P) / P° = Xविलेय ≈ (WB/MB) / (WA/MA)
WB = 50 g, MB (यूरिया) = 60 g mol-1
WA = 850 g, MA (जल) = 18 g mol-1
P° = 23.8 mm Hg
(23.8 - P) / 23.8 = (50/60) / (850/18) = (0.8333) / (47.222) = 0.01765
23.8 - P = 23.8 × 0.01765 = 0.420
P = 23.8 - 0.420 = 23.38 mm Hg
आपेक्षिक अवनमन = (P° - P) / P° = 0.420 / 23.8 = 0.01765
750 mm Hg दाब पर जल का क्वथनांक 99.63°C है। 500 g जल में कितना सुक्रोस मिलाया जाए कि इसका 100°C पर क्वथन हो जाए? (जल के लिए Kb = 0.52 K kg mol-1)
हल:
क्वथनांक में उन्नयन, ΔTb = 100 - 99.63 = 0.37°C = 0.37 K
Kb = 0.52 K kg mol-1
सुक्रोस (C12H22O11) का मोलर द्रव्यमान = 342 g mol-1
विलायक (जल) का द्रव्यमान, WA = 500 g = 0.5 kg
ΔTb = Kb × m = Kb × (WB/MB) / WA
0.37 = 0.52 × (WB / 342) / 0.5
WB = (0.37 × 342 × 0.5) / 0.52 = 121.7 g
ऐस्कॉर्बिक अम्ल (विटामिन C, C6H8O6) के उस द्रव्यमान का परिकलन कीजिए जिसे 75 g ऐसीटिक अम्ल में घोलने पर उसके हिमांक में 1.5°C की कमी हो जाए। Kf = 3.9 K kg mol-1
हल:
हिमांक में अवनमन, ΔTf = 1.5°C = 1.5 K
Kf = 3.9 K kg mol-1
ऐस्कॉर्बिक अम्ल का मोलर द्रव्यमान, MB = 176 g mol-1
विलायक (ऐसीटिक अम्ल) का द्रव्यमान, WA = 75 g = 0.075 kg
ΔTf = Kf × m = Kf × (WB/MB) / WA
1.5 = 3.9 × (WB / 176) / 0.075
WB = (1.5 × 176 × 0.075) / 3.9 = 5.08 g
1,85,000 मोलर द्रव्यमान वाले एक बहुलक के 1.0 g को 37°C पर 450 mL जल में घोलने से उत्पन्न विलयन के परासरण दाब का पास्कल में परिकलन कीजिए।
हल:
बहुलक का द्रव्यमान, WB = 1.0 g
मोलर द्रव्यमान, MB = 185000 g mol-1
विलयन का आयतन, V = 450 mL = 0.450 L
ताप, T = 37 + 273 = 310 K
R = 8.314 × 103 Pa L K-1 mol-1
परासरण दाब, π = (WB / MB) × (RT / V)
= (1.0 / 185000) × (8.314×103 × 310) / 0.450
= 30.96 Pa
विलयन को परिभाषित कीजिए। कितने प्रकार के विभिन्न विलयन सम्भव हैं? प्रत्येक प्रकार के विलयन के सम्बन्ध में एक उदाहरण देकर संक्षेप में लिखिए।
हल:
विलयन: दो या दो से अधिक पदार्थों का समांगी मिश्रण जिसमें अवयवों का संघटन तथा गुण पूरे आयतन में एकसमान रहते हैं। विलयन के दो मुख्य अवयव होते हैं: विलेय एवं विलायक।
विलयन के प्रकार (विलेय एवं विलायक की भौतिक अवस्था के आधार पर):
| विलयन का प्रकार | विलेय | विलायक | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| गैसीय विलयन | गैस | गैस | वायु (O2 + N2) |
| द्रव | गैस | नाइट्रोजन में क्लोरोफॉर्म वाष्प | |
| ठोस | गैस | नाइट्रोजन में कपूर वाष्प | |
| द्रव विलयन | गैस | द्रव | जल में घुली ऑक्सीजन |
| द्रव | द्रव | जल में एथेनॉल | |
| ठोस | द्रव | जल में घुला ग्लूकोस | |
| ठोस विलयन | गैस | ठोस | पैलेडियम में हाइड्रोजन |
| द्रव | ठोस | मर्करी में सोडियम (अमलगम) | |
| ठोस | ठोस | सोने में ताँबा (मिश्रधातु) |
एक ऐसे ठोस विलयन का उदाहरण दीजिए जिसमें विलेय कोई गैस है?
हल: पैलेडियम (ठोस विलायक) में हाइड्रोजन (गैसीय विलेय) का विलयन।
निम्न पदों को परिभाषित कीजिए:
(a) मोल-अंश
(b) मोललता
(c) मोलरता
(d) द्रव्यमान प्रतिशत
हल:
(a) मोल-अंश: किसी अवयव के मोलों की संख्या तथा विलयन में उपस्थित सभी अवयवों के कुल मोलों की संख्या का अनुपात। यह एक इकाईहीन राशि है।
XA = nA / (nA + nB + ...)
(b) मोललता: प्रति किलोग्राम विलायक में उपस्थित विलेय के मोलों की संख्या। इकाई: mol kg-1 (m)।
m = (विलेय के मोल) / (विलायक का द्रव्यमान kg में)
(c) मोलरता: प्रति लीटर विलयन में उपस्थित विलेय के मोलों की संख्या। इकाई: mol L-1 (M)।
M = (विलेय के मोल) / (विलयन का आयतन L में)
(d) द्रव्यमान प्रतिशत: प्रति 100 ग्राम विलयन में उपस्थित विलेय का द्रव्यमान।
द्रव्यमान % = (विलेय का द्रव्यमान / विलयन का द्रव्यमान) × 100
प्रयोगशाला कार्य के लिए प्रयोग में लाया जाने वाला सान्द्र नाइट्रिक अम्ल द्रव्यमान की दृष्टि से नाइट्रिक अम्ल का 68% जलीय विलयन है। यदि इस विलयन का घनत्व 1.504 g mL-1 हो तो अम्ल के इस नमूने की मोलरता क्या होगी?
हल:
68% HNO3 का अर्थ: 100 g विलयन में 68 g HNO3 एवं 32 g जल है।
HNO3 का मोलर द्रव्यमान = 63 g mol-1
HNO3 के मोल = 68 g / 63 g mol-1 = 1.079 mol
विलयन का आयतन = द्रव्यमान / घनत्व = 100 g / 1.504 g mL-1 = 66.5 mL = 0.0665 L
मोलरता = मोल / आयतन (L) = 1.079 mol / 0.0665 L = 16.23 M
ग्लूकोस का एक जलीय विलयन 10% (w/w) है। विलयन की मोललता तथा विलयन में प्रत्येक घटक का मोल-अंश क्या है? यदि विलयन का घनत्व 1.2 g mL-1 हो तो विलयन की मोलरता क्या होगी?
हल:
10% (w/w) ग्लूकोस: 100 g विलयन में 10 g ग्लूकोस एवं 90 g जल है।
ग्लूकोस (C6H12O6) का मोलर द्रव्यमान = 180 g mol-1
जल का मोलर द्रव्यमान = 18 g mol-1
(a) मोललता:
ग्लूकोस के मोल = 10 g / 180 g mol-1 = 0.0556 mol
विलायक (जल) का द्रव्यमान = 90 g = 0.09 kg
मोललता (m) = 0.0556 mol / 0.09 kg = 0.617 m
(b) मोल-अंश: UP Board Class 12 Chemistry 2. विलयन Solution is available at our platform https://upboardSolution.com in hindi medium for free of cost. Content provided on our website is free of cost and in PDF format which is easily available for download. Getting the UP Board Solutions for Class 12 will help student to achieve good learning experience so that they can study effectively. UP board holds examination of more than 3 million students every year and majority of the question of exams are from their UP Board Solutions. That’s why it is important to study using the textSolution issued by UP Board. It is essential to know the importance of UP Board Class 12 Chemistry 2. विलयन textSolution issued by UP Board because students completely rely on these Solutions for their study and syllabus offered by UP Board is so balanced that each student should be aware about the importance of it. Below is the list of Importance of UP Board Class 12 Chemistry 2. विलयन :
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जल के मोल = 90 g / 18 g mol-1 = 5.0 mol
ग्लूकोस का मोल-अंश, Xग्लूकोस = 0.0556 / (0.0556 + 5.0) = 0.011
जल का मोल-अंश, Xजल = 1 - 0.011 =
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