UP Board class 9 Science 3. परमाणु एवं अणु is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 9 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
इस अध्याय में हम पदार्थ के मूलभूत घटकों - परमाणु और अणु के बारे में अध्ययन करेंगे। हम द्रव्यमान संरक्षण के नियम, निश्चित अनुपात का नियम, डाल्टन के परमाणु सिद्धांत, आणविक द्रव्यमान और मोल की संकल्पना को समझेंगे। यह ज्ञान रसायन विज्ञान की आधारशिला है।
उत्तर:
द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार, किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों का कुल द्रव्यमान, उत्पादों के कुल द्रव्यमान के बराबर होता है।
अभिकारकों का कुल द्रव्यमान:
= सोडियम कार्बोनेट का द्रव्यमान + एथेनोइक अम्ल का द्रव्यमान
= 5.3 g + 6.0 g
= 11.3 g
उत्पादों का कुल द्रव्यमान:
= सोडियम एथेनोएट का द्रव्यमान + कार्बन डाइऑक्साइड का द्रव्यमान + जल का द्रव्यमान
= 8.2 g + 2.2 g + 0.9 g
= 11.3 g
चूँकि अभिकारकों का द्रव्यमान (11.3 g) उत्पादों के द्रव्यमान (11.3 g) के बराबर है, अतः यह अभिक्रिया द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन करती है।
उत्तर:
प्रश्नानुसार, जल बनाने के लिए हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात 1:8 है।
अर्थात, 1 ग्राम हाइड्रोजन के लिए 8 ग्राम ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है।
इसलिए, 3 ग्राम हाइड्रोजन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन का द्रव्यमान होगा:
= 3 × 8 ग्राम
= 24 ग्राम
अतः 3 ग्राम हाइड्रोजन को पूर्ण रूप से जल में बदलने के लिए 24 ग्राम ऑक्सीजन गैस की आवश्यकता होगी।
उत्तर:
डाल्टन के परमाणु सिद्धांत का वह अभिगृहीत जो द्रव्यमान संरक्षण के नियम की व्याख्या करता है, वह है: "रासायनिक अभिक्रिया में परमाणु न तो उत्पन्न होते हैं और न ही नष्ट होते हैं, केवल उनका पुनर्विन्यास होता है।"
चूँकि परमाणु अविनाशी हैं और केवल पुनर्व्यवस्थित होते हैं, इसलिए अभिक्रिया के पहले और बाद में पदार्थ का कुल द्रव्यमान समान रहता है। यही द्रव्यमान संरक्षण का नियम है।
उत्तर:
डाल्टन के परमाणु सिद्धांत का वह अभिगृहीत जो निश्चित अनुपात के नियम की व्याख्या करता है, वह है: "किसी भी यौगिक में परमाणु सदैव एक निश्चित संख्या एवं निश्चित द्रव्यमान अनुपात में संयोग करते हैं।"
चूँकि किसी यौगिक के प्रत्येक अणु में तत्वों के परमाणुओं की संख्या निश्चित होती है और प्रत्येक तत्व के परमाणु का द्रव्यमान भी निश्चित होता है, इसलिए यौगिक में तत्वों का द्रव्यमान अनुपात भी सदैव निश्चित रहता है।
उत्तर:
(क) बुझा हुआ चूना [Ca(OH)₂]: इसमें कैल्शियम (Ca), ऑक्सीजन (O) और हाइड्रोजन (H) तत्व विद्यमान हैं।
(ख) हाइड्रोजन ब्रोमाइड (HBr): इसमें हाइड्रोजन (H) और ब्रोमीन (Br) तत्व विद्यमान हैं।
(ग) बेकिंग पाउडर / खाने वाला सोडा (NaHCO₃): इसमें सोडियम (Na), हाइड्रोजन (H), कार्बन (C) और ऑक्सीजन (O) तत्व विद्यमान हैं।
(घ) पोटैशियम सल्फेट (K₂SO₄): इसमें पोटैशियम (K), सल्फर (S) और ऑक्सीजन (O) तत्व विद्यमान हैं।
उत्तर: मोलर द्रव्यमान किसी पदार्थ के एक मोल का ग्राम में द्रव्यमान होता है। यह संघटक परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमान के योग के बराबर होता है।
(क) एथाइन (C₂H₂) का मोलर द्रव्यमान:
= (2 × कार्बन का परमाणु द्रव्यमान) + (2 × हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान)
= (2 × 12 u) + (2 × 1 u)
= 24 u + 2 u = 26 u
अतः मोलर द्रव्यमान = 26 g/mol.
(ख) सल्फर अणु (S₈) का मोलर द्रव्यमान:
= 8 × सल्फर का परमाणु द्रव्यमान
= 8 × 32 u
= 256 u
अतः मोलर द्रव्यमान = 256 g/mol.
(ग) फॉस्फोरस अणु (P₄) का मोलर द्रव्यमान:
= 4 × फॉस्फोरस का परमाणु द्रव्यमान
= 4 × 31 u
= 124 u
अतः मोलर द्रव्यमान = 124 g/mol.
(घ) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) का मोलर द्रव्यमान:
= हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान + क्लोरीन का परमाणु द्रव्यमान
= 1 u + 35.5 u
= 36.5 u
अतः मोलर द्रव्यमान = 36.5 g/mol.
(ङ) नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) का मोलर द्रव्यमान:
= H का परमाणु द्रव्यमान + N का परमाणु द्रव्यमान + (3 × O का परमाणु द्रव्यमान)
= 1 u + 14 u + (3 × 16 u)
= 1 u + 14 u + 48 u
= 63 u
अतः मोलर द्रव्यमान = 63 g/mol.
उत्तर:
(क) 1 मोल नाइट्रोजन परमाणु का द्रव्यमान:
नाइट्रोजन (N) का परमाणु द्रव्यमान = 14 u
1 मोल नाइट्रोजन परमाणुओं का द्रव्यमान = परमाणु द्रव्यमान (ग्राम में) = 14 ग्राम.
(ख) 4 मोल ऐलुमिनियम परमाणु का द्रव्यमान:
ऐलुमिनियम (Al) का परमाणु द्रव्यमान = 27 u
1 मोल Al का द्रव्यमान = 27 g
4 मोल Al का द्रव्यमान = 4 × 27 g = 108 ग्राम.
(ग) 10 मोल सोडियम सल्फाइट (Na₂SO₃) का द्रव्यमान:
सबसे पहले Na₂SO₃ का मोलर द्रव्यमान ज्ञात करते हैं:
= (2 × Na का परमाणु द्रव्यमान) + (1 × S का परमाणु द्रव्यमान) + (3 × O का परमाणु द्रव्यमान)
= (2 × 23) + (1 × 32) + (3 × 16)
= 46 + 32 + 48 = 126 g/mol
अतः, 10 मोल Na₂SO₃ का द्रव्यमान = 10 × 126 g = 1260 ग्राम.
उत्तर: किसी पदार्थ के मोल की संख्या = दिए गए द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान
(क) 12 g ऑक्सीजन गैस (O₂) में मोल:
O₂ का मोलर द्रव्यमान = 2 × 16 = 32 g/mol
मोल की संख्या = द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान = 12 g / 32 g/mol = 0.375 mol.
(ख) 20 g जल (H₂O) में मोल:
H₂O का मोलर द्रव्यमान = (2×1) + 16 = 18 g/mol
मोल की संख्या = 20 g / 18 g/mol = 1.11 mol (लगभग)।
(ग) 22 g कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) में मोल:
CO₂ का मोलर द्रव्यमान = 12 + (2×16) = 44 g/mol
मोल की संख्या = 22 g / 44 g/mol = 0.5 mol.
उत्तर:
(क) 0.2 मोल ऑक्सीजन परमाणु का द्रव्यमान:
ऑक्सीजन (O) परमाणु का परमाणु द्रव्यमान = 16 u
1 मोल ऑक्सीजन परमाणुओं का द्रव्यमान = 16 g
0.2 मोल ऑक्सीजन परमाणुओं का द्रव्यमान = 0.2 × 16 g = 3.2 ग्राम.
(ख) 0.5 मोल जल (H₂O) अणु का द्रव्यमान:
जल (H₂O) का मोलर द्रव्यमान = 18 g/mol
0.5 मोल जल अणु का द्रव्यमान = 0.5 × 18 g = 9.0 ग्राम.
उत्तर:
सल्फर (S₈) का मोलर द्रव्यमान = 8 × 32 = 256 g/mol
चरण 1: 16 g S₈ में मोल की संख्या ज्ञात करना।
मोल की संख्या = द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान = 16 g / 256 g/mol = 0.0625 mol
चरण 2: अणुओं की संख्या ज्ञात करना।
1 मोल में अणुओं की संख्या = आवोगाद्रो संख्या = 6.022 × 10²³
0.0625 मोल में अणुओं की संख्या = 0.0625 × 6.022 × 10²³
= 3.76375 × 10²² अणु (लगभग)।
उत्तर:
ऐलुमिनियम ऑक्साइड का सूत्र Al₂O₃ है।
चरण 1: Al₂O₃ का मोलर द्रव्यमान ज्ञात करना।
= (2 × Al का परमाणु द्रव्यमान) + (3 × O का परमाणु द्रव्यमान)
= (2 × 27) + (3 × 16) = 54 + 48 = 102 g/mol.
चरण 2: 0.051 g Al₂O₃ में मोल की संख्या ज्ञात करना।
मोल की संख्या = 0.051 g / 102 g/mol = 0.0005 mol या 5 × 10⁻⁴ mol.
चरण 3: 0.051 g Al₂O₃ में सूत्र इकाइयों (Al₂O₃ इकाइयों) की संख्या ज्ञात करना।
सूत्र इकाइयों की संख्या = मोल × आवोगाद्रो संख्या
= (5 × 10⁻⁴) × (6.022 × 10²³)
= 3.011 × 10²⁰ सूत्र इकाइयाँ.
चरण 4: ऐलुमिनियम आयन (Al³⁺) की संख्या ज्ञात करना।
प्रत्येक Al₂O₃ सूत्र इकाई में 2 ऐलुमिनियम आयन होते हैं।
अतः, ऐलुमिनियम आयनों की कुल संख्या = 2 × (सूत्र इकाइयों की संख्या)
= 2 × 3.011 × 10²⁰
= 6.022 × 10²⁰ आयन।
उत्तर:
यौगिक का कुल द्रव्यमान = 0.24 g
बोरॉन का द्रव्यमान = 0.096 g
ऑक्सीजन का द्रव्यमान = 0.144 g
बोरॉन का प्रतिशत:
= (बोरॉन का द्रव्यमान / यौगिक का कुल द्रव्यमान) × 100
= (0.096 / 0.24) × 100 = 0.4 × 100 = 40%
ऑक्सीजन का प्रतिशत:
= (ऑक्सीजन का द्रव्यमान / यौगिक का कुल द्रव्यमान) × 100
= (0.144 / 0.24) × 100 = 0.6 × 100 = 60%
अतः यौगिक में बोरॉन 40% और ऑक्सीजन 60% है।
उत्तर:
पहली अभिक्रिया से स्पष्ट है कि 3 g कार्बन पूर्णतया अभिक्रिया करने के लिए केवल 8 g ऑक्सीजन का उपयोग करता है और 11 g CO₂ बनाता है।
जब 3 g कार्बन को 50 g ऑक्सीजन में जलाया जाता है, तब भी कार्बन केवल उतनी ही ऑक्सीजन (8 g) का उपयोग करेगा जितनी उसे आवश्यकता है। शेष ऑक्सीजन (50 g - 8 g = 42 g) अभिक्रिया न करके बच जाएगी।
चूँकि अभिकारकों की मात्रा वही है (3 g C + 8 g O₂), इसलिए बने उत्पाद CO₂ की मात्रा भी वही रहेगी, अर्थात 11 ग्राम।
यह उत्तर निश्चित अनुपात के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी यौगिक में तत्व सदैव एक निश्चित द्रव्यमान अनुपात में उपस्थित रहते हैं। यहाँ CO₂ में C और O₂ का द्रव्यमान अनुपात 3:8 है।
उत्तर:
बहुपरमाणुक आयन दो या दो से अधिक परमाणुओं का वह समूह होता है जो आपस में सहसंयोजक बंध द्वारा जुड़ा होता है और समग्र रूप से एक आवेश (धनात्मक या ऋणात्मक) रखता है। यह एक इकाई की तरह व्यवहार करता है।
उदाहरण:
1. अमोनियम आयन (NH₄⁺): यह एक धनात्मक बहुपरमाणुक आयन है, जो एक नाइट्रोजन और चार हाइड्रोजन परमाणुओं से मिलकर बना है।
2. सल्फेट आयन (SO₄²⁻): यह एक ऋणात्मक बहुपरमाणुक आयन है, जो एक सल्फर और चार ऑक्सीजन परमाणुओं से मिलकर बना है।
3. कार्बोनेट आयन (CO₃²⁻): यह एक ऋणात्मक बहुपरमाणुक आयन है, जो एक कार्बन और तीन ऑक्सीजन परमाणुओं से मिलकर बना है।
उत्तर:
(क) मैग्नीशियम क्लोराइड: Mg की संयोजकता = 2, Cl की संयोजकता = 1। सूत्र = MgCl₂।
(ख) कैल्शियम क्लोराइड: Ca की संयोजकता = 2, Cl की संयोजकता = 1। सूत्र = CaCl₂।
(ग) कॉपर नाइट्रेट: Cu की संयोजकता = 2, NO₃ (नाइट्रेट) की संयोजकता = 1। सूत्र = Cu(NO₃)₂।
(घ) ऐलुमिनियम क्लोराइड: Al की संयोजकता = 3, Cl की संयोजकता = 1। सूत्र = AlCl₃।
(ङ) कैल्शियम कार्बोनेट: Ca की संयोजकता = 2, CO₃ (कार्बोनेट) की संयोजकता = 2। सूत्र = CaCO₃।
उत्तर:
(क) बुझा हुआ चूना [Ca(OH)₂]: कैल्शियम (Ca), ऑक्सीजन (O), हाइड्रोजन (H)।
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