UP Board class 9 Science 6. ऊतक is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 9 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर: एक ही प्रकार की संरचना वाले और समान कार्य करने वाली कोशिकाओं के समूह को ऊतक कहते हैं। ये कोशिकाएँ आपस में मिलकर शरीर के किसी विशेष कार्य को कुशलतापूर्वक करती हैं। उदाहरण के लिए, मांसपेशियों में पेशी ऊतक पाया जाता है जो संकुचन द्वारा गति उत्पन्न करता है।
उत्तर: बहुकोशिकीय जीवों में श्रम विभाजन पाया जाता है। अलग-अलग कार्यों को करने के लिए विशेष प्रकार के ऊतक होते हैं। ये ऊतक मिलकर अंगों का निर्माण करते हैं और शरीर के विभिन्न कार्यों को सुचारू रूप से चलाते हैं। जैसे, पेशी ऊतक गति के लिए, तंत्रिका ऊतक संदेशवाहन के लिए और रक्त ऊतक पदार्थों के परिवहन के लिए जिम्मेदार होता है। इस प्रकार ऊतक बहुकोशिकीय जीवों में कार्यकुशलता बढ़ाते हैं।
उत्तर: प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के लिए कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) गैस की आवश्यकता होती है। पौधे सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में वायु से कार्बन डाइऑक्साइड लेकर, जल के साथ मिलाकर अपना भोजन (ग्लूकोज) तैयार करते हैं और ऑक्सीजन गैस मुक्त करते हैं।
उत्तर: पौधों में वाष्पोत्सर्जन के निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्य हैं:
उत्तर: सरल स्थायी ऊतक मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं:
उत्तर: प्ररोह का शीर्षस्थ विभज्योतक पौधे के तने और जड़ के सिरों पर स्थित वृद्धि क्षेत्रों में पाया जाता है। यह विभज्योतक लगातार विभाजित होकर नई कोशिकाएँ बनाता रहता है, जिससे पौधे की लंबाई में वृद्धि होती है।
उत्तर: नारियल का रेशा स्केलेरेनकाइमा ऊतक से बना होता है। यह एक सरल स्थायी ऊतक है जिसकी कोशिकाएँ लंबी, पतली, मृत और लिग्निनयुक्त मोटी भित्ति वाली होती हैं, जो पौधे को अत्यधिक मजबूती प्रदान करती हैं।
उत्तर: फ्लोएम एक जटिल ऊतक है जो निम्नलिखित चार प्रकार के घटकों से मिलकर बना होता है:
उत्तर: हमारे शरीर में गति के लिए पेशीय ऊतक (Muscular Tissue) उत्तरदायी है। यह ऊतक संकुचन एवं शिथिलन की क्षमता रखता है, जिससे शरीर के विभिन्न अंगों में गति होती है।
उत्तर: तंत्रिका ऊतक की इकाई न्यूरॉन (तंत्रिका कोशिका) एक विशेष आकार की होती है। इसमें एक मोटा, गोलाकार कोशिका काय होता है जिसमें केन्द्रक स्थित होता है। कोशिका काय से बहुत सारी छोटी-छोटी शाखाएँ निकलती हैं जिन्हें द्रुमिकाएँ (Dendrites) कहते हैं। साथ ही, एक लंबी, पतली तथा शाखारहित प्रवर्ध निकलती है जिसे एक्सॉन (Axon) कहते हैं। एक्सॉन संदेशों को दूर तक ले जाने का कार्य करता है।
उत्तर: हृदय पेशी (कार्डियक मसल) के प्रमुख तीन लक्षण निम्नलिखित हैं:
उत्तर: एरिओलर ऊतक एक प्रकार का शिथिल संयोजी ऊतक है। इसके प्रमुख कार्य हैं:
उत्तर: एक ही प्रकार की उत्पत्ति, संरचना और कार्य करने वाली कोशिकाओं के समूह को ऊतक कहते हैं। ऊतक शरीर के विशिष्ट कार्यों को कुशलतापूर्वक संपन्न करते हैं। उदाहरण के लिए, रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है जो पदार्थों का परिवहन करता है।
उत्तर: जाइलेम एक जटिल ऊतक है जो चार प्रकार के घटकों से मिलकर बना होता है:
उत्तर: सरल ऊतक और जटिल ऊतक में निम्नलिखित अंतर हैं:
| सरल ऊतक | जटिल ऊतक |
|---|---|
| ये केवल एक ही प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं। | ये एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं। |
| उदाहरण: पैरेन्काइमा, कोलेन्काइमा, स्केलेरेन्काइमा। | उदाहरण: जाइलेम और फ्लोएम। |
| ये मुख्यतः भोजन संग्रह, सहारा देना आदि कार्य करते हैं। | ये मुख्यतः जल, खनिज और भोजन के संवहन का कार्य करते हैं। |
| इनकी कोशिकाएँ जीवित या मृत हो सकती हैं। | जाइलेम में अधिकांश कोशिकाएँ मृत होती हैं, जबकि फ्लोएम में जीवित। |
उत्तर:
| पैरेन्काइमा | कॉलेन्काइमा | स्केलेरेन्काइमा |
|---|---|---|
| कोशिका भित्ति पतली और सेलुलोज की बनी होती है। | कोशिका भित्ति असमान रूप से मोटी (कोनों पर) और सेलुलोज की बनी होती है। | कोशिका भित्ति बहुत मोटी और लिग्निन नामक रसायन से युक्त होती है। |
| कोशिकाएँ जीवित होती हैं। | कोशिकाएँ जीवित होती हैं। | कोशिकाएँ परिपक्व अवस्था में मृत होती हैं। |
| कोशिकाओं के बीच अंतरकोशिकीय अवकाश पाया जाता है। | अंतरकोशिकीय अवकाश कम या अनुपस्थित होता है। | अंतरकोशिकीय अवकाश अनुपस्थित होता है। |
| यह भोजन संग्रह और प्रकाश संश्लेषण का कार्य करता है। | यह पौधे को लचीलापन और यांत्रिक सहारा देता है। | यह पौधे को कठोरता और मजबूती प्रदान करता है। |
उत्तर: पत्तियों की सतह पर पाए जाने वाले रंध्र (स्टोमेटा) के निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्य हैं:
उत्तर: तीनों प्रकार की पेशियों के बीच अंतर निम्न तालिका द्वारा स्पष्ट है:
| लक्षण | रेखित (ऐच्छिक) पेशी | अरेखित (अनैच्छिक) पेशी | हृदय (कार्डियक) पेशी |
|---|---|---|---|
| आकार | लंबे, बेलनाकार, शाखारहित | डोरी के समान, दोनों सिरों पर नुकीली | छोटे, बेलनाकार, शाखान्वित |
| केंद्रक | बहुकेंद्रकीय, किनारे पर स्थित | एकल केंद्रक, कोशिका के मध्य में | एकल केंद्रक, कोशिका के मध्य में |
| धारियाँ | होती हैं (अनुप्रस्थ) | नहीं होतीं | हल्की धारियाँ होती हैं |
| नियंत्रण | ऐच्छिक (हमारे नियंत्रण में) | अनैच्छिक (हमारे नियंत्रण में नहीं) | अनैच्छिक (हमारे नियंत्रण में नहीं) |
| स्थान | हड्डियों से जुड़ी (कंकाल पेशी) | आहारनली, आमाशय, रक्त वाहिनियों की दीवार में | केवल हृदय की दीवार में |
उत्तर: हृदय पेशी का विशेष और एकमात्र कार्य हृदय का लयबद्ध संकुचन एवं प्रसार करना है। यह निरंतर और अनैच्छिक रूप से सिकुड़ती-फैलती रहती है, जिससे हृदय एक पंप की तरह कार्य करके शुद्ध रक्त को पूरे शरीर में और अशुद्ध रक्त को फेफड़ों में पहुँचाता है। यह कार्य जीवन भर बिना रुके और बिना थके चलता रहता है।
उत्तर:
| पेशी का प्रकार | शरीर में स्थान | मुख्य कार्य |
|---|---|---|
| रेखित पेशी | हड्डियों से जुड़ी हुई (जैसे बाहों, टाँगों की पेशियाँ) | कंकाल की गति कराना, शरीर को आकार देना। यह हमारी इच्छा से कार्य करती है। |
| अरेखित पेशी | आंतरिक अंगों की दीवारों में (जैसे आहारनली, आमाशय, आँत, रक्त वाहिनियाँ) | अंगों की गति को नियंत्रित करना (जैसे भोजन का आहारनाल में धकेलना)। यह अनैच्छिक होती है। |
| हृदय पेशी | केवल हृदय की दीवार में | हृदय को लगातार धड़कने के लिए संकुचित करना, रक्त का संचार करना। यह भी अनैच्छिक होती है। |
(चित्र: एक तंत्रिका कोशिका - न्यूरॉन)
स्पष्टीकरण: न्यूरॉन में द्रुमिकाएँ संदेश ग्रहण करती हैं, कोशिका काय उन्हें प्रोसेस करता है और एक्सॉन उस संदेश को आगे दूसरे न्यूरॉन या अंग तक पहुँचाता है। एक्सॉन के अंत में सिनेप्स होता है जहाँ से रासायनिक संकेत पार होते हैं।
उत्तर:
उत्तर:
उत्तर: पैरेन्काइमा ऊतक पौधे के लगभग सभी नरम भागों में पाया जाता है। यह मुख्य रूप से निम्न क्षेत्रों में स्थित होता है:
उत्तर: पौधे में बाह्य त्वचा (ए
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