UP Board Book Logo

UPBoardBook Desktop Banner UPBoardBook Mobile Banner

UP Board class 9 Science (4. परमाणु की संरचना) solution PDF

UP Board class 9 Science 4. परमाणु की संरचना is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 9 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.

UP Board class 9 Science (4. परमाणु की संरचना) solution

UP Board class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Hindi Medium Solutions - PDF

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Click Here to

UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 1
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 2
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 3
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 4
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 5
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 6
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 7
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 8
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 9
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 10
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 11
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 12
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 13
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 14
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 15
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 16
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 17
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 18
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 19
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 20
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 21
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 22
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 23
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 24
UP Board Solution class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Image 25

UP Board Solutions for Class 9 Science

पाठ 4: परमाणु की संरचना

01. केनाल किरणें क्या है ?

उत्तर: केनाल किरणें धनावेशित कणों की एक धारा है, जो विसर्जन नलिका के एनोड से उत्सर्जित होती हैं। यह तब प्राप्त होती हैं जब बहुत कम दाब पर किसी गैस में से विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है। इन किरणों की खोज ई. गोल्डस्टीन ने की थी। ये किरणें वास्तव में प्रोटॉन होते हैं और परमाणु की आंतरिक संरचना को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थीं।

(2. यदि किसी परमाणु में एक इलेक्ट्रान और एक प्रोट्रोन है, तो इसमें कोई आवेश होगा या नहीं ?

उत्तर: नहीं, उस परमाणु पर कोई नेट आवेश नहीं होगा। एक परमाणु तब विद्युत रूप से उदासीन होता है जब उसमें धनावेशित प्रोटॉनों की संख्या और ऋणावेशित इलेक्ट्रॉनों की संख्या बराबर होती है। चूंकि इस परमाणु में एक प्रोटॉन (+1 आवेश) और एक इलेक्ट्रॉन (-1 आवेश) है, इसलिए दोनों आवेश एक-दूसरे को संतुलित कर देते हैं, जिससे परमाणु का कुल आवेश शून्य (उदासीन) रहता है।

Page No. 56: (0011. परमाणु उदासीन है, इस तथ्य को टॉमसन के मॉडल के आधार पर स्पष्ट कीजिए |

उत्तर: जे.जे. टॉमसन के परमाणु मॉडल के अनुसार, परमाणु एक धनावेशित गोले के समान है, जिसमें ऋणावेशित इलेक्ट्रॉन क्रिसमस केक में फँसे हुए सूखे मेवों की तरह समान रूप से धंसे रहते हैं। इस मॉडल में, परमाणु में धनात्मक आवेश और ऋणात्मक आवेश की मात्रा बिल्कुल बराबर होती है। चूंकि धनात्मक और ऋणात्मक आवेश परिमाण में समान होते हैं, वे एक-दूसरे के प्रभाव को पूरी तरह से निरस्त कर देते हैं। इस प्रकार, परमाणु का कुल आवेश शून्य हो जाता है और यह विद्युत रूप से उदासीन होता है।

(02. रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के अनुसार, परमाणु के नाभिक में कौन सा अवपरमाणुक कण विद्यमान है ?

उत्तर: रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के अनुसार, परमाणु के नाभिक में धनावेशित अवपरमाणुक कण प्रोटॉन विद्यमान होते हैं। रदरफोर्ड के प्रयोग से यह निष्कर्ष निकला कि परमाणु का समस्त धनावेश और लगभग समस्त द्रव्यमान एक अत्यंत सूक्ष्म क्षेत्र में केंद्रित है, जिसे नाभिक कहते हैं। उस समय न्यूट्रॉन की खोज नहीं हुई थी, इसलिए उन्होंने नाभिक में केवल प्रोटॉनों की उपस्थिति बताई थी।

03. तीन कक्षाओं वाले बोर के परमाणु मॉडल का चित्र बनाइए |

उत्तर: नील्स बोर के परमाणु मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर निश्चित ऊर्जा स्तरों वाली वृत्ताकार कक्षाओं में चक्कर लगाते हैं। तीन कक्षाओं वाले मॉडल का सरल चित्रण नीचे दिया गया है:

केंद्र में लाल बिंदु: नाभिक (प्रोटॉन और न्यूट्रॉन)
सबसे भीतरी वृत्त: K-कोश (n=1)
बीच का वृत्त: L-कोश (n=2)
सबसे बाहरी वृत्त: M-कोश (n=3)
इलेक्ट्रॉन इन्हीं निश्चित कक्षाओं में चक्कर लगाते हैं।

(04. क्या अल्फा कणों का प्रकीर्णन प्रयोग सोने के अतिरिक्त दूसरी धातु की पन्नी से संभव होगा ?

उत्तर: हाँ, अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग सोने के अलावा किसी अन्य धातु की पन्नी से भी संभव होगा, बशर्ते कि उस धातु की पन्नी सोने की पन्नी जितनी पतली बनाई जा सके। रदरफोर्ड ने प्रयोग के लिए सोने का चयन इसलिए किया था क्योंकि सोना अत्यधिक आघातवर्ध्य (मैलेएबल) है और इसकी अत्यंत पतली परत (लगभग 1000 परमाणुओं जितनी मोटी) बनाई जा सकती है। यह पतलापन आवश्यक था ताकि अल्फा कण आसानी से पन्नी से गुजर सकें और उनके प्रकीर्णन का अध्ययन किया जा सके। अन्य धातुओं को इतना पतला बनाना व्यावहारिक रूप से कठिन है।

Page No. 56: (01. परमाणु के तीन अवपरमाणुक कणों के नाम लिखें |

उत्तर: परमाणु के तीन मुख्य अवपरमाणुक कण निम्नलिखित हैं:

  1. इलेक्ट्रॉन (e⁻): यह एक ऋणावेशित कण है जो नाभिक के चारों ओर निश्चित कक्षाओं में चक्कर लगाता है। इसका द्रव्यमान नगण्य माना जाता है।
  2. प्रोटॉन (p⁺): यह एक धनावेशित कण है जो परमाणु के नाभिक में स्थित होता है। यह परमाणु की पहचान (परमाणु संख्या) निर्धारित करता है।
  3. न्यूट्रॉन (n⁰): यह एक अनावेशित (उदासीन) कण है जो प्रोटॉन के साथ परमाणु के नाभिक में स्थित होता है। यह परमाणु के द्रव्यमान में योगदान देता है।

02. हीलियम परमाणु का परमाणु द्वव्यमान 4u है और उसके नाभिक में दो प्रोट्रोंन होते हैं | इसमें कितने न्यूट्रॉन होंगे ?

उत्तर: हम जानते हैं कि:
परमाणु द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉनों की संख्या (Z) + न्यूट्रॉनों की संख्या (N)
दिया गया है: परमाणु द्रव्यमान (A) = 4u, प्रोटॉनों की संख्या (Z) = 2
सूत्र में मान रखने पर:
4 = 2 + न्यूट्रॉनों की संख्या (N)
इसलिए, न्यूट्रॉनों की संख्या (N) = 4 - 2 = 2
अतः हीलियम परमाणु के नाभिक में 2 न्यूट्रॉन होंगे।

Page No. 57: (001. कार्बन और सोडियम के परमाणुओं के लिए इलेक्ट्रान-वितरण लिखिए |

उत्तर:

  • कार्बन (परमाणु संख्या 6): कार्बन के परमाणु में कुल 6 इलेक्ट्रॉन होते हैं। इनका विभिन्न कक्षाओं (कोशों) में वितरण निम्न प्रकार है:
    K-कोश: अधिकतम 2 इलेक्ट्रॉन।
    L-कोश: शेष 4 इलेक्ट्रॉन।
    अतः कार्बन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 4 है।
  • सोडियम (परमाणु संख्या 11): सोडियम के परमाणु में कुल 11 इलेक्ट्रॉन होते हैं। इनका वितरण है:
    K-कोश: 2 इलेक्ट्रॉन।
    L-कोश: 8 इलेक्ट्रॉन।
    M-कोश: शेष 1 इलेक्ट्रॉन।
    अतः सोडियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 1 है।

(2. अगर किसी परमाणु का K और L कोश भरा है, तो उस परमाणु में इलेक्ट्रानों की संख्या क्या होगी ?

उत्तर: यदि किसी परमाणु का K और L कोश पूरी तरह भरा हुआ है, तो उसमें उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या की गणना निम्न प्रकार से करेंगे:

  • K-कोश पूर्ण भरा होने पर इसमें इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या 2 होती है।
  • L-कोश पूर्ण भरा होने पर इसमें इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या 8 होती है।
इसलिए, कुल इलेक्ट्रॉनों की संख्या = K-कोश के इलेक्ट्रॉन + L-कोश के इलेक्ट्रॉन = 2 + 8 = 10
ऐसा परमाणु निऑन (Ne) गैस का होता है, जो एक उत्कृष्ट (अक्रिय) गैस है।

Page No 58: 01. क्लोरीन, सल्फर और मैग्नेशियम की परमाणु संख्या से आप इसकी संख्या संयोजकता कैसे प्राप्त करेंगे ?

उत्तर: किसी तत्व की संयोजकता उसके बाह्यतम कोश (संयोजकता कोश) में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या से प्राप्त की जाती है। इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखकर इसे ज्ञात किया जा सकता है:

  1. क्लोरीन (परमाणु संख्या 17):
    इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: 2, 8, 7
    बाह्यतम (तीसरे) कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 7
    अष्टक (8 इलेक्ट्रॉन) पूरा करने के लिए इसे 1 इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की आवश्यकता है।
    अतः क्लोरीन की संयोजकता = 1 (ग्रहण करने के आधार पर)।
  2. सल्फर (परमाणु संख्या 16):
    इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: 2, 8, 6
    बाह्यतम कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 6
    अष्टक पूरा करने के लिए इसे 2 इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की आवश्यकता है।
    अतः सल्फर की संयोजकता = 2 (ग्रहण करने के आधार पर)।
  3. मैग्नीशियम (परमाणु संख्या 12):
    इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: 2, 8, 2
    बाह्यतम कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 2
    स्थिर विन्यास प्राप्त करने के लिए यह इन 2 इलेक्ट्रॉनों का सरलता से त्याग कर सकता है।
    अतः मैग्नीशियम की संयोजकता = 2 (त्यागने के आधार पर)।

Page No. 59: (01. यदि किसी परमाणु में इलेक्ट्रानों की संख्या 8 है और प्रोटॉनों की संख्या भी 8 है तब, (क) परमाणु की परमाणुक संख्या क्या है ? (ख) परमाणु का क्या आवेश है ?

उत्तर:

  1. (क) परमाणु संख्या: किसी तत्व की परमाणु संख्या उसके नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या के बराबर होती है। चूंकि इस परमाणु में प्रोटॉनों की संख्या 8 है, अतः इसकी परमाणु संख्या 8 है। यह तत्व ऑक्सीजन (O) है।
  2. (ख) परमाणु का आवेश: किसी परमाणु पर कुल आवेश प्रोटॉनों के धनावेश और इलेक्ट्रॉनों के ऋणावेश के योग से प्राप्त होता है।
    • कुल धनावेश = प्रोटॉनों की संख्या = +8
    • कुल ऋणावेश = इलेक्ट्रॉनों की संख्या = -8
    • नेट आवेश = (+8) + (-8) = 0
    चूंकि धनावेश और ऋणावेश बराबर हैं, इसलिए परमाणु विद्युतीय रूप से उदासीन है। अतः परमाणु पर कोई आवेश नहीं है

02. सारणी 4.1 की सहायता से ऑक्सीजन और सल्फर-परमाणु की द्रव्यमान संख्या ज्ञात कीजिए |

उत्तर: सारणी 4.1 (पाठ्यपुस्तक में दी गई) के आधार पर:

  • ऑक्सीजन (O): परमाणु संख्या 8 है, अर्थात प्रोटॉनों की संख्या = 8। सारणी के अनुसार न्यूट्रॉनों की संख्या भी 8 है। द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉनों की संख्या (Z) + न्यूट्रॉनों की संख्या (N)
    A = 8 + 8 = 16
    अतः ऑक्सीजन की द्रव्यमान संख्या 16 है।
  • सल्फर (S): परमाणु संख्या 16 है, अर्थात प्रोटॉनों की संख्या = 16। सारणी के अनुसार न्यूट्रॉनों की संख्या 16 है। A = 16 + 16 = 32
    अतः सल्फर की द्रव्यमान संख्या 32 है।

Page No. 60: (01. चिन्द H, He और Li के लिए प्रत्येक में पाए जाने वाले तीन अवपरमाणुक कणों को सारणीबद्ध कीजिए |

उत्तर:

तत्व एवं चिन्ह प्रोटॉनों की संख्या (p⁺) न्यूट्रॉनों की संख्या (n⁰) इलेक्ट्रॉनों की संख्या (e⁻)
हाइड्रोजन (¹₁H) 1 0 1
हीलियम (⁴₂He) 2 2 2
लिथियम (⁷₃Li) 3 4 3

नोट: यहाँ दिए गए समस्थानिक सबसे अधिक प्रचुर मात्रा में पाए जाने वाले हैं।

02. समस्थानिक और समभारिक के किसी एक युग्म का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए |

उत्तर:

  • समस्थानिकों का उदाहरण (कार्बन के दो समस्थानिक):
    समस्थानिकों में परमाणु संख्या समान होती है, इसलिए उनका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास भी समान होता है।
    1. कार्बन-12 (¹²₆C): परमाणु संख्या = 6, इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 4
    2. कार्बन-14 (¹⁴₆C): परमाणु संख्या = 6, इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 4
  • समभारिकों का उदाहरण:
    समभारिकों में द्रव्यमान संख्या समान होती है लेकिन परमाणु संख्या भिन्न होती है, इसलिए उनका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास भी भिन्न होता है।
    1. आर्गन-40 (⁴⁰₁₈Ar): परमाणु संख्या = 18, इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 8, 8
    2. कैल्शियम-40 (⁴⁰₂₀Ca): परमाणु संख्या = 20, इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 8, 8, 2

अभ्यास : 01. इलेक्ट्रान, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के गुणों की तुलना कीजिए |

उत्तर:

गुण इलेक्ट्रॉन (e⁻) प्रोटॉन (p⁺) न्यूट्रॉन (n⁰)
प्रतीक e⁻ या ₋₁⁰e p⁺ या ₁¹p n⁰ या ₀¹n
आवेश ऋणात्मक (-1.6 × 10⁻¹⁹ कूलॉम) धनात्मक (+1.6 × 10⁻¹⁹ कूलॉम) शून्य (उदासीन)
द्रव्यमान 9.1 × 10⁻³¹ kg (प्रोटॉन के द्रव्यमान का लगभग 1/1837 भाग) 1.6726 × 10⁻²⁷ kg (1 amu लगभग) 1.6749 × 10⁻²⁷ kg (1 amu लगभग)
स्थान नाभिक के चारों ओर की कक्षाओं में नाभिक के अंदर नाभिक के अंदर
खोजकर्ता जे.जे. टॉमसन (1897) ई. गोल्डस्टीन (1886) जेम्स चैडविक (1932)

(2. जे. जे. टॉमसन के परमाणु मॉडल की क्या सीमाएँ हैं ?

उत्तर: जे.जे. टॉमसन के 'प्लम पुडिंग' मॉडल की प्रमुख सीमाएँ निम्नलिखित हैं:

  1. यह मॉडल परमाणु के नाभिक के अस्तित्व की व्याख्या नहीं कर पाता। टॉमसन के मॉडल में धनावेश पूरे परमाणु में फैला हुआ माना गया था, जबकि बाद में पता चला कि धनावेश एक छोटे से नाभिक में केंद्रित है।
  2. यह मॉडल रदरफोर्ड के अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग के परिणामों को समझाने में विफल रहा। उस प्रयोग में अधिकांश अल्फा कण सीधे निकल गए, जो खाली स्थान की ओर इशारा करता है, टॉमसन के समरूप धनावेशित गोले से नहीं।
  3. यह मॉडल परमाणु की स्थायित्व को पूरी तरह से स्पष्ट नहीं करता।
  4. यह मॉडल परमाणु के रेखीय वर्णक्रम (लाइन स्पेक्ट्रा) की व्याख्या नहीं कर पाता।

03. रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की क्या सीमाएँ है ?

उत्तर: रदरफोर्ड के नाभिकीय मॉडल की प्रमुख सीमाएँ निम्नलिखित हैं:

  1. इलेक्ट्रॉनों की गति और परमाणु की स्थायित्व: रदरफोर्ड के मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर वृत्तीय पथ में चक्कर लगाते हैं। किसी भी आवेशित कण जब त्वरित गति से चलता है तो वह ऊर्जा का विकिरण करता है (विद्युत चुंबकीय सिद्धांत)। इस प्रकार, चक्कर लगाते हुए इलेक्ट्रॉन लगातार ऊर्जा खोते रहेंगे, उनकी कक्षा का व्यास घटता जाएगा और अंततः वे नाभिक से टकरा जाएंगे। इससे परमाणु अस्थिर हो जाएगा, जबकि वास्तव में परमाणु स्थायी होते हैं।
  2. वर्णक्रम की व्याख्या: यह मॉडल यह नहीं बता पाता कि इलेक्ट्रॉन केवल कुछ निश्चित कक्षाओं में ही क्यों चक्कर लगा सकते हैं और परमाणु के वर्णक्रम में विविक्त रेखाएँ (discrete lines) क्यों होती हैं।

Get UP Board class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Solution in Hindi Medium

UP Board class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Solution is available at our platform https://upboardSolution.com in hindi medium for free of cost. Content provided on our website is free of cost and in PDF format which is easily available for download. Getting the UP Board Solutions for class 9 will help student to achieve good learning experience so that they can study effectively. UP board holds examination of more than 3 million students every year and majority of the question of exams are from their UP Board Solutions. That’s why it is important to study using the textSolution issued by UP Board.

Importance of UP Board class 9 Science 4. परमाणु की संरचना Text Solutions

It is essential to know the importance of UP Board class 9 Science 4. परमाणु की संरचना textSolution issued by UP Board because students completely rely on these Solutions for their study and syllabus offered by UP Board is so balanced that each student should be aware about the importance of it. Below is the list of Importance of UP Board class 9 Science 4. परमाणु की संरचना :

  • These TextSolutions are very clear and accurate which helps student to understand concept with ease.
  • It is also to mention that these text Solutions are prepared by the content experts of subject, thus these Solutions helps student in clearing their doubts and understand the core concept easily.
  • It is considered to be the best study material for competitive exam preparation.

Features of UP Board class 9 textSolutions

There are various features of UP Board class 9 TextSolutions, some of them are mentioned below so that you student can understand the value and usability of the contend and understand why Uttarpradesh board has prescribed these Solutions.

  • Best feature of these textSolutions is free availability of content in PDF format
  • Second feature that content generated and written is clear and easy to read.
  • There are various illustration and images are shown in the Solution so that student can easily understand the concept and should be more appealing to the student.
  • Each chapter is explained thoroughly
Uttar Pradesh Solutions are very helpful and handy. Specially subjects like UP Board class 9 Physics Part - II Solutions are very interesting to study.

Other Chapters of class 9 Science
1. हमारे आस – पास के पदार्थ
2. क्या हमारे आस – पास के पदार्थ शुद्ध हैं
3. परमाणु एवं अणु
4. परमाणु की संरचना
5. जीवन की मौलिक इकाई
6. ऊतक
7. जीवों में विविधता
8. गति
9. बल तथा गति के नियम
10. गुरुत्वाकर्षण
11. कार्य तथा ऊर्जा
12. ध्वनि
13. हम बीमार क्यों होते हैं
14. प्राकृतिक संपदा
15. खाद्य संसाधनों में सुधार
;