UP Board class 9 Science 8. गति is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 9 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
सभी प्रश्नों के उत्तर सरल और विस्तृत रूप में दिए गए हैं।
उत्तर:
हाँ, एक वस्तु द्वारा कुछ दूरी तय करने पर भी उसका विस्थापन शून्य हो सकता है। ऐसा तब होता है जब वस्तु की प्रारंभिक स्थिति और अंतिम स्थिति एक ही हो जाती है। विस्थापन प्रारंभिक और अंतिम बिंदु के बीच की सीधी दूरी होती है। यदि ये दोनों बिंदु समान हैं, तो विस्थापन शून्य होगा, भले ही वस्तु ने बीच में कितनी भी दूरी तय की हो।
उदाहरण: मान लीजिए कोई व्यक्ति अपने घर से निकलकर पार्क का एक पूरा चक्कर लगाकर वापस घर आ जाता है। उसने कुछ दूरी तो तय की, लेकिन चूँकि उसकी शुरुआत और अंत एक ही स्थान (घर) पर हुआ, इसलिए उसका विस्थापन शून्य है।
उत्तर:
दिया है:
वर्गाकार खेत की भुजा = 10 m
खेत की परिधि (एक चक्कर में तय दूरी) = 4 × भुजा = 4 × 10 m = 40 m
एक चक्कर लगाने में लगा समय = 40 s
कुल समय = 2 मिनट 20 सेकंड = (2×60 + 20) s = 140 s
गणना:
पहले, 140 सेकंड में किसान द्वारा लगाए गए चक्करों की संख्या ज्ञात करते हैं:
चक्करों की संख्या = कुल समय / एक चक्कर का समय = 140 s / 40 s = 3.5 चक्कर
इसका अर्थ है कि किसान 3 पूरे चक्कर और आधा चक्कर लगाएगा। मान लीजिए किसान बिंदु A से चलना शुरू करता है। 3 पूरे चक्कर लगाने के बाद वह फिर से बिंदु A पर वापस आ जाएगा। फिर वह अगला आधा चक्कर लगाएगा और बिंदु C पर पहुँच जाएगा (A के विकर्णतः सामने)।
उत्तर:
दिए गए दोनों कथन गलत हैं।
(i) यह शून्य नहीं हो सकता है: यह कथन गलत है। जब किसी वस्तु की प्रारंभिक और अंतिम स्थिति समान होती है, तो विस्थापन शून्य होता है। जैसे एक पूर्ण वृत्ताकार पथ पर चलने के बाद वस्तु के वापस शुरुआती बिंदु पर आने पर।
(ii) इसका परिमाण वस्तु के द्वारा तय की गई दूरी से अधिक है: यह कथन भी गलत है। विस्थापन का परिमाण (सीधी रेखा की दूरी) हमेशा तय की गई कुल दूरी के बराबर या कम होता है। यह कभी भी तय की गई दूरी से अधिक नहीं हो सकता।
उत्तर:
| आधार | चाल | वेग |
|---|---|---|
| परिभाषा | किसी वस्तु द्वारा इकाई समय में तय की गई दूरी। | किसी वस्तु द्वारा इकाई समय में होने वाला विस्थापन। |
| प्रकृति | यह एक अदिश राशि है (केवल परिमाण होता है)। | यह एक सदिश राशि है (परिमाण और दिशा दोनों होते हैं)। |
| सूत्र | चाल = तय दूरी / लगा समय | वेग = विस्थापन / लगा समय |
| उदाहरण | "कार 60 km/h की चाल से चल रही है।" | "कार 60 km/h वेग से उत्तर की ओर चल रही है।" |
उत्तर:
किसी वस्तु के औसत वेग का परिमाण उसकी औसत चाल के बराबर तभी होगा जब वस्तु एक सीधी रेखा में एक ही दिशा में गति कर रही हो और कभी भी पीछे न मुड़े। ऐसी स्थिति में, वस्तु द्वारा तय की गई कुल दूरी और कुल विस्थापन का परिमाण समान होगा, जिससे औसत चाल और औसत वेग का परिमाण बराबर हो जाएगा।
उत्तर:
गाड़ी का ओडोमीटर (Odometer) एक ऐसा यंत्र है जो गाड़ी के पहियों के घूमने के आधार पर उसके द्वारा तय की गई कुल दूरी को मापता और प्रदर्शित करता है। यह दूरी आमतौर पर किलोमीटर (km) या मील (mile) में दिखाई जाती है।
उत्तर:
जब कोई वस्तु एकसमान गति (Uniform Motion) में होती है, तो इसका मार्ग सरल रेखीय (Straight Line) दिखाई पड़ता है। एकसमान गति का अर्थ है कि वस्तु समान समय अंतरालों में समान दूरी तय करती है। यदि वस्तु की गति केवल परिमाण में नहीं बल्कि दिशा में भी समान रहती है, तो उसका पथ सीधी रेखा होगा।
उत्तर:
दिया है:
सिग्नल की चाल, v = 3 × 10⁸ m/s
सिग्नल द्वारा लिया गया समय, t = 5 मिनट = 5 × 60 सेकंड = 300 सेकंड
सूत्र: दूरी = चाल × समय
गणना:
दूरी = (3 × 10⁸ m/s) × (300 s)
= 3 × 10⁸ × 3 × 10² m
= 9 × 10¹⁰ m
अतः, पृथ्वी पर स्थित स्टेशन से अंतरिक्षयान की दूरी 9 × 10¹⁰ मीटर (या 90,000,000 किलोमीटर) है।
उत्तर:
(i) एकसमान त्वरण से गति: हम कहेंगे कि कोई वस्तु एकसमान त्वरण (Uniform Acceleration) से गति में है, जब उसका वेग समान समयांतरालों में समान रूप से बदलता है (बढ़ता या घटता है)। इसका त्वरण नियत (Constant) रहता है।
उदाहरण: किसी सीधी सड़क पर लगातार एक ही दर से गति बढ़ाती हुई कार।
(ii) असमान त्वरण से गति: हम कहेंगे कि कोई वस्तु असमान त्वरण (Non-uniform Acceleration) से गति में है, जब उसका वेग समान समयांतरालों में असमान रूप से बदलता है। इसका त्वरण समय के साथ बदलता रहता है।
उदाहरण: शहर की भीड़भाड़ वाली सड़क पर चलती कार, जिसकी गति लगातार बदलती रहती है।
उत्तर:
दिया है:
प्रारंभिक चाल, u = 80 km/h
अंतिम चाल, v = 60 km/h
समय, t = 5 s
पहले चाल को m/s में बदलते हैं:
u = 80 × (1000 m / 3600 s) = 80 × (5/18) = 22.22 m/s
v = 60 × (5/18) = 16.66 m/s
सूत्र: त्वरण (a) = (अंतिम वेग - प्रारंभिक वेग) / समय
a = (v - u) / t
गणना:
a = (16.66 m/s - 22.22 m/s) / 5 s
a = (-5.56 m/s) / 5 s
a = -1.112 m/s²
ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि बस का मंदन (Retardation) हो रहा है, यानी उसकी गति कम हो रही है। अतः बस का त्वरण -1.112 m/s² है।
उत्तर:
दिया है:
प्रारंभिक चाल, u = 0 km/h (विरामावस्था से शुरू)
अंतिम चाल, v = 40 km/h
समय, t = 10 मिनट = 10 × 60 = 600 सेकंड
चाल को m/s में बदलते हैं:
v = 40 × (5/18) = 11.11 m/s
सूत्र: त्वरण (a) = (v - u) / t
गणना:
a = (11.11 m/s - 0 m/s) / 600 s
a = 11.11 / 600
a = 0.0185 m/s² (लगभग)
अतः, रेलगाड़ी का त्वरण 0.0185 m/s² है।
उत्तर:
(i) एकसमान गति के लिए समय-दूरी ग्राफ़: जब कोई वस्तु एकसमान गति से चलती है (समान समय में समान दूरी तय करती है), तो उसका समय-दूरी ग्राफ़ एक सीधी रेखा होता है जो मूल बिंदु से शुरू हो सकती है या नहीं भी। इस सीधी रेखा की ढलान (Slope) वस्तु की चाल को दर्शाती है।
उत्तर:
यदि किसी वस्तु का दूरी-समय ग्राफ़ समय अक्ष (X-अक्ष) के समानांतर एक सीधी रेखा है, तो इसका अर्थ है कि समय बीतने के साथ वस्तु की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं हो रहा है। दूसरे शब्दों में, वस्तु विरामावस्था में है। ग्राफ़ की यह रेखा X-अक्ष से एक निश्चित दूरी पर होगी, जो वस्तु की मूल बिंदु से स्थिर दूरी को दर्शाती है।
उत्तर:
यदि किसी वस्तु का चाल-समय ग्राफ़ समय अक्ष (X-अक्ष) के समानांतर एक सीधी रेखा है, तो इसका अर्थ है कि समय बीतने के साथ वस्तु की चाल में कोई परिवर्तन नहीं हो रहा है। वस्तु एक नियत चाल (Constant Speed) से गतिमान है। ग्राफ़ पर यह रेखा X-अक्ष से ऊपर एक निश्चित ऊँचाई पर होगी, जो उस नियत चाल के मान को दर्शाती है।
उत्तर:
वेग-समय ग्राफ़ के नीचे के क्षेत्रफल से मापी गई राशि उस वस्तु द्वारा तय की गई दूरी होती है।
स्पष्टीकरण: वेग-समय ग्राफ़ में, X-अक्ष समय और Y-अक्ष वेग को दर्शाता है। किसी भी आकृति का क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई। यहाँ, ग्राफ़ के नीचे का क्षेत्रफल = वेग × समय। और हम जानते हैं कि, वेग × समय = दूरी। इसलिए, ग्राफ़ और समय अक्ष के बीच का क्षेत्रफल वस्तु द्वारा तय की गई दूरी के बराबर होता है।
उत्तर:
दिया है:
प्रारंभिक चाल, u = 0 m/s (विरामावस्था)
त्वरण, a = 0.1 m/s²
समय, t = 2 मिनट = 2 × 60 = 120 सेकंड
(क) प्राप्त की गई चाल (v):
गति के प्रथम समीकरण से: v = u + at
v = 0 + (0.1 m/s²) × (120 s)
v = 12 m/s
(ख) तय की गई दूरी (s):
गति के द्वितीय समीकरण से: s = ut + (1/2)at²
s = (0 × 120) + (1/2) × (0.1) × (120)²
s = 0 + (1/2) × 0.1 × 14400
s = 0.05 × 14400
s = 720 m
अतः, बस द्वारा प्राप्त की गई चाल 12 m/s है और तय की गई दूरी 720 m है।
उत्तर:
दिया है:
प्रारंभिक चाल, u = 90 km/h = 90 × (5/18) = 25 m/s
अंतिम चाल, v = 0 m/s (विरामावस्था)
त्वरण, a = -0.5 m/s² (ऋणात्मक क्योंकि मंदन है)
सूत्र: गति के तृतीय समीकरण से: v² = u² + 2as
गणना:
(0)² = (25)² + 2 × (-0.5) × s
0 = 625 - 1 × s
s = 625 m
अतः, ब्रेक लगाने के बाद रेलगाड़ी विरामावस्था में आने से पहले 625 मीटर की दूरी तय करेगी।
उत्तर:
दिया है:
प्रारंभिक वेग, u = 0 cm/s (गति प्रारंभ करते समय)
त्वरण, a = 2 cm/s²
समय, t = 3 s
सूत्र: गति के प्रथम समीकरण से: v = u + at
गणना:
v = 0 + (2 cm/s²) × (3 s)
v = 6 cm/s
अतः, गति प्रारंभ करने के 3 सेकंड बाद ट्रॉली का वेग 6 cm/s होगा।
उत्तर:
दिया है:
प्रारंभिक वेग, u = 0 m/s
त्वरण, a = 4 m/s²
समय, t = 10 s
सूत्र: गति के द्वितीय समीकरण से: s = ut + (1/2)at²
गणना:
s = (0 × 10) + (1/2) × 4 × (10)²
s = 0 + (1/2) × 4 × 100
s = 2 × 100
s = 200 m
अतः, गति प्रारंभ करने के 10 सेकंड बाद रेसिंग कार 200 मीटर की दूरी तय करेगी।
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