UP Board Book Logo

UPBoardBook Desktop Banner UPBoardBook Mobile Banner

UP Board class 9 Science (8. गति) solution PDF

UP Board class 9 Science 8. गति is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 9 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.

UP Board class 9 Science (8. गति) solution

UP Board class 9 Science 8. गति Hindi Medium Solutions - PDF

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Click Here to

UP Board Solution class 9 Science 8. गति Image 1
UP Board Solution class 9 Science 8. गति Image 2
UP Board Solution class 9 Science 8. गति Image 3
UP Board Solution class 9 Science 8. गति Image 4
UP Board Solution class 9 Science 8. गति Image 5
UP Board Solution class 9 Science 8. गति Image 6
UP Board Solution class 9 Science 8. गति Image 7
UP Board Solution class 9 Science 8. गति Image 8
UP Board Solution class 9 Science 8. गति Image 9
UP Board Solution class 9 Science 8. गति Image 10
UP Board Solution class 9 Science 8. गति Image 11
UP Board Solution class 9 Science 8. गति Image 12
UP Board Solution class 9 Science 8. गति Image 13
UP Board Solution class 9 Science 8. गति Image 14
UP Board Solution class 9 Science 8. गति Image 15
UP Board Solution class 9 Science 8. गति Image 16
UP Board Solution class 9 Science 8. गति Image 17

UP Board Solutions for Class 9 Science (विज्ञान) - Chapter 8: गति

सभी प्रश्नों के उत्तर सरल और विस्तृत रूप में दिए गए हैं।


1. एक वस्तु के द्वारा कुछ दूरी तय की गई| क्या इसका विस्थापन शून्य हो सकता है? अगर हाँ, तो अपने उत्तर को उदाहरण के द्वारा समझाएँ|

उत्तर:
हाँ, एक वस्तु द्वारा कुछ दूरी तय करने पर भी उसका विस्थापन शून्य हो सकता है। ऐसा तब होता है जब वस्तु की प्रारंभिक स्थिति और अंतिम स्थिति एक ही हो जाती है। विस्थापन प्रारंभिक और अंतिम बिंदु के बीच की सीधी दूरी होती है। यदि ये दोनों बिंदु समान हैं, तो विस्थापन शून्य होगा, भले ही वस्तु ने बीच में कितनी भी दूरी तय की हो।
उदाहरण: मान लीजिए कोई व्यक्ति अपने घर से निकलकर पार्क का एक पूरा चक्कर लगाकर वापस घर आ जाता है। उसने कुछ दूरी तो तय की, लेकिन चूँकि उसकी शुरुआत और अंत एक ही स्थान (घर) पर हुआ, इसलिए उसका विस्थापन शून्य है।


2. एक किसान 10 m की भुजा वाले एक वर्गाकार खेत की सीमा पर 40 s में चक्कर लगाता है। 2 minute 20 s के बाद किसान के विस्थापन का परिमाण क्या होगा?

उत्तर:
दिया है:
वर्गाकार खेत की भुजा = 10 m
खेत की परिधि (एक चक्कर में तय दूरी) = 4 × भुजा = 4 × 10 m = 40 m
एक चक्कर लगाने में लगा समय = 40 s
कुल समय = 2 मिनट 20 सेकंड = (2×60 + 20) s = 140 s

गणना:
पहले, 140 सेकंड में किसान द्वारा लगाए गए चक्करों की संख्या ज्ञात करते हैं:
चक्करों की संख्या = कुल समय / एक चक्कर का समय = 140 s / 40 s = 3.5 चक्कर

इसका अर्थ है कि किसान 3 पूरे चक्कर और आधा चक्कर लगाएगा। मान लीजिए किसान बिंदु A से चलना शुरू करता है। 3 पूरे चक्कर लगाने के बाद वह फिर से बिंदु A पर वापस आ जाएगा। फिर वह अगला आधा चक्कर लगाएगा और बिंदु C पर पहुँच जाएगा (A के विकर्णतः सामने)।

वर्गाकार खेत का चित्र

विस्थापन AC, वर्ग का विकर्ण होगा।
विकर्ण = भुजा × √2 = 10 m × √2 = 10 × 1.414 = 14.14 m

अतः, 2 मिनट 20 सेकंड के बाद किसान के विस्थापन का परिमाण 14.14 m होगा।


3. विस्थापन के लिए निम्न में कौन सही है?
(i) यह शून्य नहीं हो सकता है।
(ii) इसका परिमाण वस्तु के द्वारा तय की गई दूरी से अधिक है।

उत्तर:
दिए गए दोनों कथन गलत हैं।

(i) यह शून्य नहीं हो सकता है: यह कथन गलत है। जब किसी वस्तु की प्रारंभिक और अंतिम स्थिति समान होती है, तो विस्थापन शून्य होता है। जैसे एक पूर्ण वृत्ताकार पथ पर चलने के बाद वस्तु के वापस शुरुआती बिंदु पर आने पर।

(ii) इसका परिमाण वस्तु के द्वारा तय की गई दूरी से अधिक है: यह कथन भी गलत है। विस्थापन का परिमाण (सीधी रेखा की दूरी) हमेशा तय की गई कुल दूरी के बराबर या कम होता है। यह कभी भी तय की गई दूरी से अधिक नहीं हो सकता।


पृष्ठ संख्या 112

1. चाल एवं वेग में अंतर बताइए।

उत्तर:

आधार चाल वेग
परिभाषा किसी वस्तु द्वारा इकाई समय में तय की गई दूरी किसी वस्तु द्वारा इकाई समय में होने वाला विस्थापन
प्रकृति यह एक अदिश राशि है (केवल परिमाण होता है)। यह एक सदिश राशि है (परिमाण और दिशा दोनों होते हैं)।
सूत्र चाल = तय दूरी / लगा समय वेग = विस्थापन / लगा समय
उदाहरण "कार 60 km/h की चाल से चल रही है।" "कार 60 km/h वेग से उत्तर की ओर चल रही है।"


2. किस अवस्था में किसी वस्तु के औसत वेग का परिमाण उसकी औसत चाल के बराबर होगा?

उत्तर:
किसी वस्तु के औसत वेग का परिमाण उसकी औसत चाल के बराबर तभी होगा जब वस्तु एक सीधी रेखा में एक ही दिशा में गति कर रही हो और कभी भी पीछे न मुड़े। ऐसी स्थिति में, वस्तु द्वारा तय की गई कुल दूरी और कुल विस्थापन का परिमाण समान होगा, जिससे औसत चाल और औसत वेग का परिमाण बराबर हो जाएगा।


3. एक गाड़ी का ओडोमीटर क्या मापता है?

उत्तर:
गाड़ी का ओडोमीटर (Odometer) एक ऐसा यंत्र है जो गाड़ी के पहियों के घूमने के आधार पर उसके द्वारा तय की गई कुल दूरी को मापता और प्रदर्शित करता है। यह दूरी आमतौर पर किलोमीटर (km) या मील (mile) में दिखाई जाती है।


4. जब वस्तु एकसमान गति में होती है तब इसका मार्ग कैसा दिखाई पड़ता है?

उत्तर:
जब कोई वस्तु एकसमान गति (Uniform Motion) में होती है, तो इसका मार्ग सरल रेखीय (Straight Line) दिखाई पड़ता है। एकसमान गति का अर्थ है कि वस्तु समान समय अंतरालों में समान दूरी तय करती है। यदि वस्तु की गति केवल परिमाण में नहीं बल्कि दिशा में भी समान रहती है, तो उसका पथ सीधी रेखा होगा।


5. एक प्रयोग के दौरान, अंतरिक्षयान से एक सिग्नल को पृथ्वी पर पहुँचने में 5 मिनट का समय लगता है। पृथ्वी पर स्थित स्टेशन से उस अंतरिक्षयान की दूरी क्या है? (सिग्नल की चाल = प्रकाश की चाल = 3 × 10⁸ m s⁻¹)

उत्तर:
दिया है:
सिग्नल की चाल, v = 3 × 10⁸ m/s
सिग्नल द्वारा लिया गया समय, t = 5 मिनट = 5 × 60 सेकंड = 300 सेकंड

सूत्र: दूरी = चाल × समय

गणना:
दूरी = (3 × 10⁸ m/s) × (300 s)
= 3 × 10⁸ × 3 × 10² m
= 9 × 10¹⁰ m

अतः, पृथ्वी पर स्थित स्टेशन से अंतरिक्षयान की दूरी 9 × 10¹⁰ मीटर (या 90,000,000 किलोमीटर) है।


पृष्ठ संख्या 114

1. आप किसी वस्तु के बारे में कब कहेंगे कि,
(i) वह एकसमान त्वरण से गति में है?
(ii) वह असमान त्वरण से गति में है?

उत्तर:
(i) एकसमान त्वरण से गति: हम कहेंगे कि कोई वस्तु एकसमान त्वरण (Uniform Acceleration) से गति में है, जब उसका वेग समान समयांतरालों में समान रूप से बदलता है (बढ़ता या घटता है)। इसका त्वरण नियत (Constant) रहता है।
उदाहरण: किसी सीधी सड़क पर लगातार एक ही दर से गति बढ़ाती हुई कार।

(ii) असमान त्वरण से गति: हम कहेंगे कि कोई वस्तु असमान त्वरण (Non-uniform Acceleration) से गति में है, जब उसका वेग समान समयांतरालों में असमान रूप से बदलता है। इसका त्वरण समय के साथ बदलता रहता है।
उदाहरण: शहर की भीड़भाड़ वाली सड़क पर चलती कार, जिसकी गति लगातार बदलती रहती है।


2. एक बस की गति 5 s में 80 km h⁻¹ से घटकर 60 km h⁻¹ हो जाती है। बस का त्वरण ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
दिया है:
प्रारंभिक चाल, u = 80 km/h
अंतिम चाल, v = 60 km/h
समय, t = 5 s

पहले चाल को m/s में बदलते हैं:
u = 80 × (1000 m / 3600 s) = 80 × (5/18) = 22.22 m/s
v = 60 × (5/18) = 16.66 m/s

सूत्र: त्वरण (a) = (अंतिम वेग - प्रारंभिक वेग) / समय
a = (v - u) / t

गणना:
a = (16.66 m/s - 22.22 m/s) / 5 s
a = (-5.56 m/s) / 5 s
a = -1.112 m/s²

ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि बस का मंदन (Retardation) हो रहा है, यानी उसकी गति कम हो रही है। अतः बस का त्वरण -1.112 m/s² है।


3. एक रेलगाड़ी स्टेशन से चलना प्रारंभ करती है और एकसमान त्वरण के साथ चलते हुए 10 मिनट में 40 km h⁻¹ की चाल प्राप्त करती है। इसका त्वरण ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
दिया है:
प्रारंभिक चाल, u = 0 km/h (विरामावस्था से शुरू)
अंतिम चाल, v = 40 km/h
समय, t = 10 मिनट = 10 × 60 = 600 सेकंड

चाल को m/s में बदलते हैं:
v = 40 × (5/18) = 11.11 m/s

सूत्र: त्वरण (a) = (v - u) / t

गणना:
a = (11.11 m/s - 0 m/s) / 600 s
a = 11.11 / 600
a = 0.0185 m/s² (लगभग)

अतः, रेलगाड़ी का त्वरण 0.0185 m/s² है।


पृष्ठ संख्या 118

1. किसी वस्तु के एकसमान व असमान गति के लिए समय-दूरी ग्राफ़ की प्रकृति क्या होती है?

उत्तर:
(i) एकसमान गति के लिए समय-दूरी ग्राफ़: जब कोई वस्तु एकसमान गति से चलती है (समान समय में समान दूरी तय करती है), तो उसका समय-दूरी ग्राफ़ एक सीधी रेखा होता है जो मूल बिंदु से शुरू हो सकती है या नहीं भी। इस सीधी रेखा की ढलान (Slope) वस्तु की चाल को दर्शाती है।

एकसमान गति ग्राफ

(ii) असमान गति के लिए समय-दूरी ग्राफ़: जब कोई वस्तु असमान गति से चलती है (समान समय में असमान दूरी तय करती है), तो उसका समय-दूरी ग्राफ़ एक वक्र (Curve) के रूप में होता है। यह वक्र ऊपर की ओर उठता हुआ, नीचे की ओर झुकता हुआ या कोई अन्य आकार ले सकता है।
असमान गति ग्राफ


2. किसी वस्तु की गति के विषय में आप क्या कह सकते हैं, जिसका दूरी-समय ग्राफ़ समय अक्ष के समानांतर एक सरल रेखा है?

उत्तर:
यदि किसी वस्तु का दूरी-समय ग्राफ़ समय अक्ष (X-अक्ष) के समानांतर एक सीधी रेखा है, तो इसका अर्थ है कि समय बीतने के साथ वस्तु की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं हो रहा है। दूसरे शब्दों में, वस्तु विरामावस्था में है। ग्राफ़ की यह रेखा X-अक्ष से एक निश्चित दूरी पर होगी, जो वस्तु की मूल बिंदु से स्थिर दूरी को दर्शाती है।


3. किसी वस्तु की गति के विषय में आप क्या कह सकते हैं, जिसका चाल-समय ग्राफ़ समय अक्ष के समानांतर एक सरल रेखा है?

उत्तर:
यदि किसी वस्तु का चाल-समय ग्राफ़ समय अक्ष (X-अक्ष) के समानांतर एक सीधी रेखा है, तो इसका अर्थ है कि समय बीतने के साथ वस्तु की चाल में कोई परिवर्तन नहीं हो रहा है। वस्तु एक नियत चाल (Constant Speed) से गतिमान है। ग्राफ़ पर यह रेखा X-अक्ष से ऊपर एक निश्चित ऊँचाई पर होगी, जो उस नियत चाल के मान को दर्शाती है।


4. वेग-समय ग्राफ़ के नीचे के क्षेत्र से मापी गई राशि क्या होती है?

उत्तर:
वेग-समय ग्राफ़ के नीचे के क्षेत्रफल से मापी गई राशि उस वस्तु द्वारा तय की गई दूरी होती है।

स्पष्टीकरण: वेग-समय ग्राफ़ में, X-अक्ष समय और Y-अक्ष वेग को दर्शाता है। किसी भी आकृति का क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई। यहाँ, ग्राफ़ के नीचे का क्षेत्रफल = वेग × समय। और हम जानते हैं कि, वेग × समय = दूरी। इसलिए, ग्राफ़ और समय अक्ष के बीच का क्षेत्रफल वस्तु द्वारा तय की गई दूरी के बराबर होता है।


पृष्ठ संख्या 121

1. कोई बस विरामावस्था से चलना प्रारंभ करती है तथा 2 मिनट तक 0.1 m s⁻² के एकसमान त्वरण से चलती है। परिकलन कीजिए,
(क) प्राप्त की गई चाल
(ख) तय की गई दूरी

उत्तर:
दिया है:
प्रारंभिक चाल, u = 0 m/s (विरामावस्था)
त्वरण, a = 0.1 m/s²
समय, t = 2 मिनट = 2 × 60 = 120 सेकंड

(क) प्राप्त की गई चाल (v):
गति के प्रथम समीकरण से: v = u + at
v = 0 + (0.1 m/s²) × (120 s)
v = 12 m/s

(ख) तय की गई दूरी (s):
गति के द्वितीय समीकरण से: s = ut + (1/2)at²
s = (0 × 120) + (1/2) × (0.1) × (120)²
s = 0 + (1/2) × 0.1 × 14400
s = 0.05 × 14400
s = 720 m

अतः, बस द्वारा प्राप्त की गई चाल 12 m/s है और तय की गई दूरी 720 m है।


2. कोई रेलगाड़ी 90 km h⁻¹ की चाल से चल रही है। ब्रेक लगाए जाने पर वह -0.5 m s⁻² का एकसमान त्वरण उत्पन्न करती है। रेलगाड़ी विरामावस्था में आने के पहले कितनी दूरी तय करेगी?

उत्तर:
दिया है:
प्रारंभिक चाल, u = 90 km/h = 90 × (5/18) = 25 m/s
अंतिम चाल, v = 0 m/s (विरामावस्था)
त्वरण, a = -0.5 m/s² (ऋणात्मक क्योंकि मंदन है)

सूत्र: गति के तृतीय समीकरण से: v² = u² + 2as

गणना:
(0)² = (25)² + 2 × (-0.5) × s
0 = 625 - 1 × s
s = 625 m

अतः, ब्रेक लगाने के बाद रेलगाड़ी विरामावस्था में आने से पहले 625 मीटर की दूरी तय करेगी।


3. एक ट्रॉली एक आनत तल पर 2 cm s⁻² के त्वरण से नीचे जा रही है। गति प्रारंभ करने के 3 s के पश्चात् उसका वेग क्या होगा?

उत्तर:
दिया है:
प्रारंभिक वेग, u = 0 cm/s (गति प्रारंभ करते समय)
त्वरण, a = 2 cm/s²
समय, t = 3 s

सूत्र: गति के प्रथम समीकरण से: v = u + at

गणना:
v = 0 + (2 cm/s²) × (3 s)
v = 6 cm/s

अतः, गति प्रारंभ करने के 3 सेकंड बाद ट्रॉली का वेग 6 cm/s होगा।


4. एक रेसिंग कार का एकसमान त्वरण 4 m s⁻² है। गति प्रारंभ करने के 10 s के पश्चात् वह कितनी दूरी तय करेगी?

उत्तर:
दिया है:
प्रारंभिक वेग, u = 0 m/s
त्वरण, a = 4 m/s²
समय, t = 10 s

सूत्र: गति के द्वितीय समीकरण से: s = ut + (1/2)at²

गणना:
s = (0 × 10) + (1/2) × 4 × (10)²
s = 0 + (1/2) × 4 × 100
s = 2 × 100
s = 200 m

अतः, गति प्रारंभ करने के 10 सेकंड बाद रेसिंग कार 200 मीटर की दूरी तय करेगी।


5. किसी पत्थर को ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर 5 m s⁻¹ के वेग से फेंका जाता है। यदि गति के दौरान पत्थर का नीचे की ओ

Get UP Board class 9 Science 8. गति Solution in Hindi Medium

UP Board class 9 Science 8. गति Solution is available at our platform https://upboardSolution.com in hindi medium for free of cost. Content provided on our website is free of cost and in PDF format which is easily available for download. Getting the UP Board Solutions for class 9 will help student to achieve good learning experience so that they can study effectively. UP board holds examination of more than 3 million students every year and majority of the question of exams are from their UP Board Solutions. That’s why it is important to study using the textSolution issued by UP Board.

Importance of UP Board class 9 Science 8. गति Text Solutions

It is essential to know the importance of UP Board class 9 Science 8. गति textSolution issued by UP Board because students completely rely on these Solutions for their study and syllabus offered by UP Board is so balanced that each student should be aware about the importance of it. Below is the list of Importance of UP Board class 9 Science 8. गति :

  • These TextSolutions are very clear and accurate which helps student to understand concept with ease.
  • It is also to mention that these text Solutions are prepared by the content experts of subject, thus these Solutions helps student in clearing their doubts and understand the core concept easily.
  • It is considered to be the best study material for competitive exam preparation.

Features of UP Board class 9 textSolutions

There are various features of UP Board class 9 TextSolutions, some of them are mentioned below so that you student can understand the value and usability of the contend and understand why Uttarpradesh board has prescribed these Solutions.

  • Best feature of these textSolutions is free availability of content in PDF format
  • Second feature that content generated and written is clear and easy to read.
  • There are various illustration and images are shown in the Solution so that student can easily understand the concept and should be more appealing to the student.
  • Each chapter is explained thoroughly
Uttar Pradesh Solutions are very helpful and handy. Specially subjects like UP Board class 9 Physics Part - II Solutions are very interesting to study.

Other Chapters of class 9 Science
1. हमारे आस – पास के पदार्थ
2. क्या हमारे आस – पास के पदार्थ शुद्ध हैं
3. परमाणु एवं अणु
4. परमाणु की संरचना
5. जीवन की मौलिक इकाई
6. ऊतक
7. जीवों में विविधता
8. गति
9. बल तथा गति के नियम
10. गुरुत्वाकर्षण
11. कार्य तथा ऊर्जा
12. ध्वनि
13. हम बीमार क्यों होते हैं
14. प्राकृतिक संपदा
15. खाद्य संसाधनों में सुधार
;