UP Board class 9 Hindi (1. प्रेमचंद - दो बैलों की कथा) solution PDF
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UP Board class 9 Hindi 1. प्रेमचंद - दो बैलों की कथा Hindi Medium Solutions - PDF
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UP Board Solutions for Class 9 Hindi (क्षितिज) - प्रेमचंद: दो बैलों की कथा
1. कांजीहौस में क़ैद पशुओं की हाजिरी क्यों ली जाती होगी?
उत्तर:- कांजीहौस एक प्रकार का पशु-शरणालय होता था जहाँ आवारा या बेसहारा पशुओं को रखा जाता था। वहाँ पशुओं की नियमित हाजिरी लेने के पीछे कई व्यावहारिक कारण होते थे:
- गिनती और निगरानी: यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी पशु सुरक्षित हैं और कोई पशु गायब न हुआ हो।
- स्वास्थ्य जाँच: हर पशु की सेहत और उपचार की निगरानी करना ताकि बीमार पशुओं को अलग रखा जा सके।
- व्यवस्था बनाए रखना: उग्र या लड़ाकू स्वभाव वाले पशुओं को शांत पशुओं से अलग करके शांति और अनुशासन बनाए रखना।
- नीलामी की तैयारी: भविष्य में होने वाली नीलामी के लिए पशुओं का सही ब्यौरा रखना।
2. छोटी बच्ची का बैलों के प्रति प्रेम क्यों उमड़ आया ?
उत्तर:- उस छोटी बच्ची के मन में हीरा-मोती के प्रति सहानुभूति और प्रेम उमड़ आया, क्योंकि उसने अपने जीवन में भी ऐसा ही दर्द झेला था। इसके मुख्य कारण थे:
- साझा पीड़ा: बच्ची की माँ मर चुकी थी और वह सौतेली माँ के प्यार के अभाव में पल रही थी। उसे लगा कि ये बैल भी उसी की तरह अपने असली मालिक (झूरी) से बिछुड़े हुए और दुखी हैं।
- सौतेले व्यवहार की पहचान: जिस प्रकार उसे सौतेली माँ से पेट भर खाना नहीं मिलता था, उसी प्रकार उसने देखा कि गया इन बैलों के साथ दुर्व्यवहार कर रहा है और उन्हें सूखा भूसा खिला रहा है। इस साम्य ने उसके मन में करुणा जगा दी।
3. कहानी में बैलों के माध्यम से कौन-कौन से नीति-विषयक मूल्य उभरकर आए हैं ?
उत्तर:- प्रेमचंद ने इस कहानी के माध्यम से बैलों की जीवन-शैली से कई गहन नैतिक मूल्यों को प्रस्तुत किया है:
- एकता और सहयोग: हीरा-मोती की मित्रता यह सिखाती है कि एकता में अद्भुत शक्ति होती है और सच्चा सुख दूसरों के हित में सोचने से मिलता है।
- अटूट मित्रता: एक सच्चा मित्र किसी भी संकट में साथ नहीं छोड़ता, चाहे उसके लिए स्वयं कष्ट ही क्यों न उठाना पड़े।
- सामाजिक दायित्व: समाज के सुविधा-संपन्न लोगों का यह दायित्व है कि वे कमजोर और पीड़ित वर्ग की भलाई के लिए आगे आएँ।
- स्वतंत्रता का मूल्य: आजादी सबसे बड़ा खजाना है। इसकी रक्षा या प्राप्ति के लिए हर कठिनाई का सामना करने को तैयार रहना चाहिए।
4. प्रस्तुत कहानी में प्रेमचंद ने गधे की किन स्वभावगत विशेषताओं के आधार पर उसके प्रति रूढ़ अर्थ 'मूर्ख' का प्रयोग न कर किसी नए अर्थ की ओर संकेत किया है ?
उत्तर:- प्रेमचंद ने गधे के प्रति 'मूर्ख' शब्द की रूढ़ धारणा को चुनौती देते हुए उसके सकारात्मक गुणों को उजागर किया है। उन्होंने दिखाया है कि गधे का सीधापन उसकी मूर्खता नहीं, बल्कि उसकी अदम्य सहनशीलता और सरलता है। लेखक का मानना है कि संसार में सद्गुणों का इतना अनादर कहीं नहीं होता। गधा कभी क्रोध नहीं करता और हर स्थिति में धैर्य बनाए रखता है। प्रेमचंद इस कहानी में गधे के इसी 'सीधेपन' की दुर्दशा दिखाते हैं, न कि 'मूर्खता' की। वे समाज को यह संदेश देते हैं कि सरलता और सहनशीलता दुर्बलता के चिह्न नहीं, बल्कि महान गुण हैं।
5. किन घटनाओं से पता चलता है कि हीरा और मोती में गहरी दोस्ती थी ?
उत्तर:- हीरा और मोती की अगाध मित्रता कहानी की अनेक घटनाओं से स्पष्ट होती है:
- बोझ बाँटना: हल या गाड़ी में जुतने पर दोनों यह कोशिश करते कि ज्यादा बोझ अपनी ही गर्दन पर रहे, ताकि दूसरे को आराम मिले।
- दिनचर्या में एकरूपता: दिनभर के काम के बाद वे एक-दूसरे को चाटकर थकान मिटाते। खाना खाते समय भी साथ उठते, साथ मुँह डालते और साथ ही बैठते। एक के खाना बंद करने पर दूसरा भी रुक जाता।
- संकट में साथ न छोड़ना: मटर के खेत में मोती के पकड़े जाने पर हीरा भी वापस लौट आया, जिससे दोनों कांजीहौस में बंद हो गए। कांजीहौस की दीवार तोड़कर भी वे एक साथ ही भागे और दढ़ियल साँड़ का मुकाबला भी साथ मिलकर किया।
6. "लेकिन औरत जात पर सींग चलाना मना है, यह भूल जाते हो।" - हीरा के इस कथन के माध्यम से स्त्री के प्रति प्रेमचंद के दृष्टिकोण को स्पष्ट कीजिये।
उत्तर:- हीरा का यह कथन प्रेमचंद के स्त्री-सम्मानवादी और प्रगतिशील दृष्टिकोण को प्रकट करता है। इससे पता चलता है कि लेखक उस समय के समाज में स्त्रियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार और शोषण के विरोधी थे। वे चाहते थे कि समाज में स्त्रियों की रक्षा के लिए नियम बनें और उन पर अमल भी हो। हीरा और मोती सभ्य समाज के प्रतीक हैं, इसलिए उनके माध्यम से लेखक यह संदेश देते हैं कि स्त्रियों के प्रति शारीरिक हिंसा या अत्याचार पूर्णतः अनुचित है। प्रेमचंद नारी को सम्मान की दृष्टि से देखते थे और पुरुषों व स्त्रियों की समानता में विश्वास रखते थे।
7. किसान जीवन वाले समाज में पशु और मनुष्य के आपसी संबंधों को कहानी में किस तरह व्यक्त किया गया है ?
उत्तर:- इस कहानी में पशु और मनुष्य के बीच के सहजीवी और भावनात्मक संबंध को बहुत खूबसूरती से दर्शाया गया है। किसान के लिए पशु केवल श्रम का साधन नहीं, बल्कि परिवार का एक सदस्य होते हैं। झूरी हीरा-मोती से अपने बच्चों की तरह प्यार करता है और उन्हें कभी दूर नहीं करना चाहता। वह उन्हें फूल की छड़ी से भी नहीं मारता। इससे स्पष्ट है कि पारंपरिक किसान समाज में पशुओं के साथ मानवीय और संवेदनशील व्यवहार किया जाता था। बदले में पशु भी अपने मालिक के प्रति पूर्ण निष्ठा रखते हैं और उनके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते हैं। यह रिश्ता लेन-देन का नहीं, बल्कि आपसी प्रेम और विश्वास का है।
8. इतना तो हो ही गया कि नौ दस प्राणियों की जान बच गई। वे सब तो आशीर्वाद देंगे ' - मोती के इस कथन के आलोक में उसकी विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:- मोती का यह कथन उसके चरित्र की निम्नलिखित विशेषताओं को उजागर करता है:
- दयालु और परोपकारी स्वभाव: मोती उग्र दिखता है, लेकिन उसका हृदय बहुत दयालु है। वह अपनी मुक्ति से ज्यादा, कांजीहौस में बंद अन्य जानवरों की जान बचाने को महत्व देता है।
- सच्ची मित्रता: वह हर मुसीबत में हीरा का साथ नहीं छोड़ता, चाहे उसे कैद ही क्यों न होना पड़े।
- साहस और बुद्धिमत्ता: वह साहसी है, इसलिए दीवार तोड़ता है और बुद्धिमान है, इसलिए अन्य जानवरों को भी मुक्त करने का रास्ता दिखाता है।
- अन्याय के प्रति विद्रोही चेतना: वह किसी भी प्रकार के अन्याय को सहन नहीं करता, चाहे वह गया का व्यवहार हो या कांजीहौस की कैद।
आशय स्पष्ट कीजिए -
9.1 अवश्य ही उनमें कोई ऐसी गुप्त शक्ति थी, जिससे जीवों में श्रेष्ठता का दावा करने वाला मनुष्य वंचित है।
उत्तर:- इस कथन का आशय है कि हीरा-मोती में एक अदृश्य आत्मिक सम्बन्ध और तारतम्य था। वे बिना बोले ही एक-दूसरे के मन की बात समझ जाते थे और हमेशा दूसरे के हित के बारे में सोचते थे। मनुष्य स्वयं को सर्वश्रेष्ठ प्राणी मानता है, लेकिन अक्सर उसमें यह क्षमता नहीं होती कि वह निस्वार्थ भाव से दूसरे के दिल की बात समझ सके। मनुष्य का व्यवहार प्रायः स्वार्थ से प्रेरित होता है, जबकि इन बैलों का आपसी प्रेम निस्वार्थ और पूर्ण था। लेखक कहना चाहते हैं कि मनुष्य को भी ऐसी निस्वार्थ भावना और संवेदनशीलता सीखनी चाहिए।
9.2 उस एक रोटी से उनकी भूख तो क्या शांत होती; पर दोनों के हृदय को मानो भोजन मिल गया।
उत्तर:- इस वाक्य का भाव यह है कि उस छोटी सी रोटी से हीरा-मोती की शारीरिक भूख तो नहीं मिट सकती थी, लेकिन उनकी भावनात्मक भूख अवश्य शांत हो गई। गया के घर में उनके साथ दुर्व्यवहार हो रहा था, जिससे वे उदास और आहत थे। ऐसे में उस नन्हीं बच्ची ने जो प्यार और सहानुभूति दिखाई, वह उनके लिए भोजन से भी बढ़कर थी। उस रोटी में छिपा प्रेम और अपनत्व ही उनके हृदय का वास्तविक भोजन बन गया। यह घटना बताती है कि प्रेम और स्नेह की छोटी-सी अभिव्यक्ति भी कष्टों को हल्का कर सकती है।
10. गया ने हीरा-मोती को दोनों बार सूखा भूसा खाने के लिए दिया क्योंकि -
क. गया पराये बैलों पर अधिक खर्च नहीं करना चाहता था।
ख. गरीबी के कारण खली आदि खरीदना उसके बस की बात न थी।
ग. वह हीरा-मोती के व्यवहार से बहुत दुखी था।
घ. उसे खली आदि सामग्री की जानकारी नहीं थी।
उत्तर:- ग. वह हीरा-मोती के व्यवहार से बहुत दुखी था।
* रचना-अभिव्यक्ति
11. हीरा और मोती ने शोषण के खिलाफ़ आवाज़ उठाई लेकिन उसके लिए प्रताड़ना भी सही। हीरा-मोती की इस प्रतिक्रिया पर तर्क सहित अपने विचार प्रकट करें।
उत्तर:- हीरा और मोती ने हर अवसर पर शोषण का विरोध किया - चाहे वह गया का दुर्व्यवहार हो या कांजीहौस की निर्मम कैद। मेरे विचार में उनका यह विरोध पूर्णतः उचित और प्रशंसनीय था। यह सच है कि विरोध करने पर उन्हें सूखी रोटियाँ, डंडे और कैद सहनी पड़ी, लेकिन शोषण को चुपचाप सहन करना उससे भी बड़ी यातना है। शोषित व्यक्ति (या पशु) के पास केवल भय और दुख ही रह जाता है। विरोध करने से ही अन्यायी को उसकी गलती का अहसास होता है और व्यवस्था में बदलाव की संभावना पैदा होती है। इसलिए, स्वाभिमान और आजादी के लिए संघर्ष करना और उसकी कीमत चुकाना हमेशा शोषण को सहने से बेहतर है।
12. क्या आपको लगता है कि यह कहानी आज़ादी की कहानी की ओर भी संकेत करती है ?
उत्तर:- हाँ, यह कहानी निश्चित रूप से स्वतंत्रता के संघर्ष का एक प्रतीकात्मक चित्रण है। हीरा-मोती उन क्रांतिकारी भारतीयों के प्रतीक हैं जो अपने 'स्वदेश' (झूरी का घर/मातृभूमि) से बहुत प्यार करते हैं और परदेस (गया का घर/गुलामी) में रहना पसंद नहीं करते। वे आजादी पाने के लिए हर बाधा - भूख, प्यास, डंडे और कैद - का डटकर सामना करते हैं। कांजीहौस की दीवार तोड़ना गुलामी की जंजीरों को तोड़ने का प्रतीक है। उनका अंततः घर वापस पहुँचना, उस स्वतंत्रता की प्राप्ति जैसा है जिसके लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अथक संघर्ष किया था। इस प्रकार, यह कहानी आजादी के मूल्य और उसके लिए किए जाने वाले बलिदान की ओर संकेत करती है।
* भाषा-अध्ययन
13. बस इतना ही काफ़ी है।
फिर मैं भी जोर लगाता हूँ। "'ही', 'भी ' वाक्य में किसी बात पर ज़ोर देने का काम कर रहे हैं। ऐसे शब्दों को निपात कहते हैं। कहानी में पाँच ऐसे वाक्य छाँटिए जिनमें निपात का प्रयोग हुआ हो।
उत्तर:-
'ही' निपात के प्रयोग वाले वाक्य:
- एक ही विजय ने उसे संसार की सभ्य जातियों में गण्य बना दिया।
- अवश्य ही उनमे कोई ऐसी गुप्त शक्ति थी...
- ...दोनों साथ ही उठते, साथ नाँद में मुँह डालते और साथ ही बैठते थे।
- अभी चार ही ग्रास खाये थे कि दो आदमी लाठियाँ लिये दौड़ पडे...
'भी' निपात के प्रयोग वाले वाक्य:
- कुत्ता भी बहुत गरीब जानवर हैं, लेकिन कभी-कभी उसे भी क्रोध आ जाता हैं...
- ...सुख-दुःख, हानि-लाभ, किसी भी दशा में बदलते नहीं देखा।
- चार बातें सुनकर गम खा जाते हैं फिर भी बदनाम हैं।
- गाँव के इतिहास में यह घटना अभूतपूर्व न होने पर भी महत्वपूर्ण थी।
14. रचना के आधार पर वाक्य के भेद बताइए तथा उपवाक्य छाँटकर उसके भी भेद लिखिए -
14.1 दीवार का गिरना था कि अधमरे से पड़े हुए सभी जानवर चेत उठे।
उत्तर:-
वाक्य का भेद: मिश्र वाक्य
मुख्य उपवाक्य: अधमरे से पड़े हुए सभी जानवर चेत उठे।
गौण उपवाक्य: दीवार का गिरना था। (संज्ञा उपवाक्य)
14.2 सहसा एक दढियल आदमी, जिसकी आँखे लाल थी और मुद्रा अत्यन्त कठोर, आया।
उत्तर:-
वाक्य का भेद: मिश्र वाक्य
मुख्य उपवाक्य: सहसा एक दढियल आदमी आया।
गौण उपवाक्य: जिसकी आँखे लाल थी और मुद्रा अत्यन्त कठोर। (विशेषण उपवाक्य)
14.3 हीरा ने कहा -गया के घर से नाहक भागे।
उत्तर:-
वाक्य का भेद: मिश्र वाक्य
मुख्य उपवाक्य: हीरा ने कहा।
गौण उपवाक्य: गया के घर से नाहक भागे। (संज्ञा उपवाक्य, 'कहा' का कर्म)
14.4 मैं बेचूँगा, तो बिकेंगे।
उत्तर:-
वाक्य का भेद: मिश्र वाक्य
मुख्य उपवाक्य: तो बिकेंगे।
गौण उपवाक्य: मैं बेचूँगा। (क्रिया-विशेषण उपवाक्य, शर्त बता रहा है)
14.5 अगर वह मुझे पकड़ता, तो मैं बे-मारे न छोड़ता।
उत्तर:-
वाक्य का भेद: मिश्र वाक्य
मुख्य उपवाक्य: मैं बे-मारे न छोड़ता।
गौण उपवाक्य: अगर वह मुझे पकड़ता। (क्रिया-विशेषण उपवाक्य, शर्त बता रहा है)
15. कहानी में जगह - जगह पर मुहावरों का प्रयोग हुआ है कोई पाँच मुहावरे छाँटिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तर:-
| मुहावरा | वाक्य-प्रयोग |
|---|---|
| जी तोड़ काम करना | परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए रमेश ने जी तोड़कर मेहनत की। |
| टाल जाना | अपने दोस्त से उधार लिए पैसे वापस करने की बात आने पर राजेश हमेशा टाल जाता है। |
| जान से हाथ धोना | बाढ़ में फँसे कई लोगों को बचाने की कोशिश करते हुए वह सिपाही जान से हाथ धो बैठा। |
| नौ दो ग्यारह होना | कक्षा में शोर मचाते हुए बच्चे शिक्षक के आते ही नौ दो ग्यारह हो गए। |
| ईंट का जवाब पत्थर से देना | प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाड़ी के असभ्य व्यवहार पर हमार
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