UP Board class 9 Hindi 3. बचेंद्री पाल - एवरेस्ट मेरी शिखर यात्रा is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 9 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर:- अग्रिम दल का नेतृत्व अभियान के उपनेता, श्री प्रेमचंद, कर रहे थे। उनकी जिम्मेदारी आगे का रास्ता साफ़ करना और शिविरों की व्यवस्था करना था।
उत्तर:- लेखिका को 'सागरमाथा' नाम इसलिए अच्छा लगा क्योंकि इसका नेपाली भाषा में अर्थ 'आकाश का माथा' या 'सागर का शीर्ष' होता है। उन्हें यह नाम पर्वत की विशालता और उसकी भव्यता को बहुत सुंदर ढंग से व्यक्त करता हुआ लगा, मानो धरती का मस्तक आकाश को छू रहा हो।
उत्तर:- लेखिका को एवरेस्ट की चोटी पर बर्फ़ का एक विशाल प्लूम (फूल) लहराता हुआ दिखाई दिया, जो उन्हें एक विजय पताका या ध्वज जैसा प्रतीत हुआ।
उत्तर:- हिमस्खलन की वजह से एक शेरपा कुली की मृत्यु हुई और चार अन्य लोग घायल हो गए।
उत्तर:- दुर्घटना से उदास हुए अभियान दल को उत्साहित करते हुए कर्नल खुल्लर ने कहा कि एवरेस्ट जैसे महान और जोखिम भरे अभियान में खतरे तो आते ही हैं, और कभी-कभी मृत्यु को भी सहज भाव से स्वीकार करना पड़ता है।
उत्तर:- अत्यधिक ठंड और प्रतिकूल मौसम की स्थितियों के कारण एक रसोई सहायक की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो गई।
उत्तर:- कैंप-चार 29 अप्रैल को 7,900 मीटर (लगभग 26,000 फीट) की ऊँचाई पर लगाया गया था, जो अंतिम चढ़ाई के लिए एक महत्वपूर्ण आधार शिविर था।
उत्तर:- लेखिका ने स्वयं को एक नौसिखिया पर्वतारोही बताते हुए कहा कि यह उनका पहला एवरेस्ट अभियान है और वे अनुभव हासिल कर रही हैं।
उत्तर:- कर्नल खुल्लर ने लेखिका को बधाई देते हुए कहा, "मैं तुम्हारी इस अनूठी उपलब्धि के लिए तुम्हारे माता-पिता को बधाई देना चाहूँगा। देश को तुम पर गर्व है और अब तुम ऐसे संसार में जाओगी जो तुम्हारे अपने पीछे छोड़े हुए संसार से एकदम भिन्न होगा।"
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -
उत्तर:- नज़दीक से एवरेस्ट, ल्होत्से और नुत्से की चोटियों को देखकर लेखिका विस्मय और आनंद से भर गईं। वे बर्फ़ से ढकी उन विशाल, टेढ़ी-मेढ़ी चट्टानों और हिमनदियों को एकटक निहारती रहीं, मानो प्रकृति का एक अद्भुत चमत्कार देख रही हों।
उत्तर:- डॉ. मीनू मेहता ने अग्रिम दल द्वारा किए गए तकनीकी कार्यों के बारे में जानकारी दी, जैसे अल्यूमिनियम की सीढ़ियों से पुल बनाना, खतरनाक ढलानों पर रस्सियाँ बाँधना, और लट्टों का उपयोग करके सुरक्षित मार्ग तैयार करना।
उत्तर:- महान पर्वतारोही तेनजिंग नोर्गे ने लेखिका को देखकर कहा कि वह एक पक्की पर्वतीय लड़की लगती हैं और उन्हें पहले ही प्रयास में शिखर पर पहुँच जाना चाहिए। यह कहकर उन्होंने लेखिका का हौसला बढ़ाया।
उत्तर:- लेखिका को अंतिम चढ़ाई के लिए अपने दल के सदस्यों जय और मीनू के साथ चढ़ाई करनी थी, लेकिन वे दोनों कुछ देरी से पहुँचे, इसलिए लेखिका ने अकेले ही आगे बढ़ने का निर्णय लिया।
उत्तर:- जब एक विशाल बर्फ़ पिंड गिरने से तंबू का रास्ता बंद हो गया, तो लोपसांग ने अपनी स्विस छुरी (चाकू) की मदद से बर्फ़ के टुकड़े काट-काटकर रास्ता साफ़ किया और लेखिका को सुरक्षित बाहर निकाला।
उत्तर:- साउथ कोल कैंप पहुँचते ही लेखिका ने अगले दिन की चढ़ाई की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने खाने का सामान, कुकिंग गैस और ऑक्सीजन सिलिंडर इकट्ठा किए। साथ ही, वह अपने साथियों की मदद के लिए चाय और जूस बनाने हेतु नीचे उतर गईं।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -
उत्तर:- उपनेता प्रेमचंद ने अभियान दल को निम्नलिखित महत्वपूर्ण स्थितियों और चुनौतियों से अवगत कराया:
उत्तर:- हिमपात तब होता है जब बर्फ़ के विशाल खंड अचानक और बेतरतीब ढंग से ढलान से नीचे गिरते हैं। यह ग्लेशियर के खिसकने, तापमान में बदलाव या भूकंपीय हलचल के कारण हो सकता है। इसके परिणामस्वरूप:
उत्तर:- लेखिका ने तंबू पर गिरे बर्फ़ पिंड का वर्णन एक भयानक और रोंगटे खड़े कर देने वाले अनुभव के रूप में किया है। रात में एकाएक जोरदार धमाके के साथ ल्होत्से ग्लेशियर से टूटा एक विशाल बर्फ़ का पिंड उनके कैंप पर आ गिरा। उसकी गति और गर्जना एक्सप्रेस रेलगाड़ी जैसी भयावह थी। इसने कैंप को पूरी तरह तबाह कर दिया, हालाँकि सौभाग्य से किसी की मृत्यु नहीं हुई, पर सभी को चोटें आईं।
उत्तर:- 'की' इसलिए हक्का-बक्का रह गया क्योंकि लेखिका साउथ कोल कैंप तक पहुँचकर वापस नीचे उतर आई थी। उसने यह देखकर आश्चर्यचकित रह गया कि लेखिका ने इतनी ऊँचाई और कठिन रास्ते को पार करने के बाद, अपने साथियों की मदद के लिए फिर से उसी दुर्गम रास्ते से नीचे आने का साहस दिखाया था।
उत्तर:- एवरेस्ट अभियान के दौरान कुल सात कैंप बनाए गए थे:
उत्तर:- एवरेस्ट की चोटी पर पहुँचने पर स्थितियाँ अत्यंत कठिन और खतरनाक थीं:
उत्तर:- बचेंद्री पाल में सहयोग की भावना का परिचय तब मिलता है जब वह साउथ कोल कैंप पहुँचने के बाद भी, अपने पीछे रह गए साथियों के लिए चाय-जूस लेने खतरनाक रास्ते से फिर नीचे उतरती हैं। जब जय ने इसे खतरनाक बताया, तो उन्होंने कहा कि वह भी इस दल की एक पर्वतारोही हैं और शारीरिक रूप से ठीक होने पर दूसरों की मदद करना उनका कर्तव्य है। यह कार्य उनकी टीम भावना और सहयोगी प्रवृत्ति को दर्शाता है।
उत्तर:- इस कथन का आशय है कि एवरेस्ट जैसी अतुलनीय चुनौती को स्वीकार करने का अर्थ है जोखिम और बलिदान की संभावना को भी स्वीकार करना। एक सच्चा पर्वतारोही इन अपरिहार्य खतरों के प्रति सजग रहते हुए भी अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहता है। ऐसे अभियानों में दुर्घटना या मृत्यु को एक दुखद परंतु संभावित परिणाम के रूप में देखा जाता है, न कि डर के कारण पीछे हटने का।
उत्तर:- इस कथन में लेखिका हिमपात के दोहरे भय को व्यक्त कर रही हैं। पहला भय स्थैतिक खतरे का है - जमीन फटकर गहरे हिम-विदर बन जाने का डर। दूसरा और अधिक भयावह भय निरंतर गतिमान खतरे का है - यह जानना कि पूरे अभियान के दौरान हर रोज़ हिमस्खलन का खतरा उन सभी आरोहियों और कुलियों के सिर पर मंडराता रहेगा, जो उस रास्ते से गुज़र रहे हैं। यह जोखिम निरंतर और अपरिहार्य था।
उत्तर:- इस कथन में लेखिका के आध्यात्मिक विश्वास, कृतज्ञता और विनम्रता का चित्रण है। शिखर पर पहुँचकर, थकान के बावजूद, उन्होंने सबसे पहले देवी दुर्गा और हनुमान जी का स्मरण किया, जो शक्ति और साहस के प्रतीक हैं। उन्हें बर्फ़ में दबाना ईश्वर को धन्यवाद और अपनी सफलता को उन्हें समर्पित करने का प्रतीकात्मक कार्य था। इसके बाद उनका मन अपने माता-पिता की शुभकामनाओं और आशीर्वाद की ओर गया, जो उनकी इस यात्रा की नींव थे।
उत्तर:-
(क) उन्होंने कहा तुम एक पक्की पर्वतीय लड़की लगती हो तुम्हें तो शिखर पर पहले ही प्रयास में पहुँच जाना चाहिए
उत्तर:- उन्होंने कहा, "तुम एक पक्की पर्वतीय लड़की लगती हो। तुम्हें तो शिखर पर पहले ही प्रयास में पहुँच जाना चाहिए।"
(ख) क्या तुम भयभीत थीं
उत्तर:- "क्या तुम भयभीत थीं?"
(ग) तुमने इतनी बड़ी जोखिम क्यों ली बचेंद्री
उत्तर:- "तुमने इतनी बड़ी जोखिम क्यों ली, बचेंद्री?"
उत्तर:-
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