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UP Board class 5 EVS (11. सुनीता) solution PDF

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UP Board class 5 EVS (11. सुनीता) solution

UP Board class 5 EVS 11. सुनीता Hindi Medium Solutions - PDF

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पाठ - 11 सुनीता

दिल की बात बताओ

01. तुम्हे क्या लगता हैं पृथ्वी कैसी है? अपनी कॉपी में चित्र बनाओ। इसमें तुम कहाँ हो, यह भी दिखाओ अपने साथियों के बनाए चित्रों को भी देखों।

उत्तर: हमारी पृथ्वी एक विशाल गेंद की तरह गोल है। यह संतरे या ग्लोब के समान है। हम इसकी सतह पर रहते हैं। अपनी कॉपी में आप एक गोल पृथ्वी बनाकर उस पर एक छोटा सा व्यक्ति (अपना चित्र) खड़ा दिखा सकते हैं। अपने दोस्तों के चित्र देखकर पता करें कि उन्होंने पृथ्वी और अपने आप को कैसे बनाया है।

तुम्हें क्या लगता है?

01. हम धरती पर कैसे टिके होंगे? अगर पृथ्वी ग्लोब जैसी है तो हम गिरते क्यों नही?

उत्तर: पृथ्वी में एक अदृश्य शक्ति होती है जिसे गुरुत्वाकर्षण कहते हैं। यह शक्ति हर चीज को पृथ्वी के केंद्र की ओर खींचती है। इसी कारण हम, हमारा घर, पेड़-पौधे सब पृथ्वी पर चिपके रहते हैं और नीचे नहीं गिरते।

९2. क्या अर्जेंटीना के लोग उल्टे खड़े हैं?

उत्तर: नहीं, अर्जेंटीना के लोग भी हमारी तरह ही सीधे खड़े होते हैं। पृथ्वी गोल है, इसलिए 'ऊपर' और 'नीचे' का विचार सापेक्ष है। गुरुत्वाकर्षण सबको पृथ्वी के केंद्र की ओर खींचता है, इसलिए हर जगह के लोगों को लगता है कि वे सीधे खड़े हैं।

फोटो देखो और लिखो

51. अंतरिक्ष में सुनीता के बाल खड़े क्यों रहते होंगे? बाल नीचे क्‍यों नहीं बैठते थे?

उत्तर: अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण बल लगभग नहीं होता (शून्य गुरुत्व)। धरती पर गुरुत्व बल हमारे बालों को नीचे की ओर खींचता है, लेकिन अंतरिक्ष में ऐसा कोई बल नहीं होता। इसलिए सुनीता के बाल हवा में तैरते हुए या खड़े हुए दिखाई देते थे और नीचे नहीं बैठते थे।

52. सुनीता के इन सब चित्रों को देखो और बताओ कि उनमें कब, क्या-क्या होता दिख रहा है?

उत्तर:

तिथि क्या हो रहा है?
9 दिसंबर 2006 अंतरिक्ष यान ने उड़ान भरी। सुनीता और अन्य यात्री धरती से अंतरिक्ष की ओर रवाना हुए।
11 दिसंबर 2006 अंतरिक्ष यान में पहुँचने के बाद, गुरुत्वहीनता के कारण सभी यात्री हवा में तैरने लगे।
11 दिसंबर 2006 यात्रियों ने तैरते हुए ही विशेष तरीके से अपना भोजन किया।
12 दिसंबर 2006 सुनीता अंतरिक्ष यान में ही कुछ वैज्ञानिक प्रयोग और काम कर रही हैं।

क्लास बानी अंतरिक्ष यान

01. क्‍या एक जगह बैठ भी पा रहे हो?

उत्तर: नहीं, अंतरिक्ष यान जैसे वातावरण में गुरुत्वाकर्षण न होने के कारण हम एक जगह बैठ नहीं पा रहे हैं। सब कुछ और सब लोग हवा में तैर रहे हैं।

९2. बालों का क्या हाल है?

उत्तर: गुरुत्वाकर्षण न होने से बाल भी ऊपर की ओर उड़े हुए या खड़े हुए हैं, वे नीचे नहीं गिर रहे।

53. अरे भई, बस्ता और किताबें कहाँ घूम रही हैं?

उत्तर: बस्ता और किताबें भी गुरुत्वहीनता के कारण कक्षा में ही हवा में तैर रही हैं और इधर-उधर घूम रही हैं।

54. और टीचर क्या कर रही है? उनकी चॉक का क्या हुआ?

उत्तर: टीचर भी हवा में तैर रही हैं। जब उन्होंने चॉक छोड़ी, तो वह भी तैरने लगी और टीचर उसे पकड़ने की कोशिश कर रही हैं।

55. आधी छुट्टी में खाना कैसे खा पाए? पानी कैसे पिया? बॉल उछाली तो क्या हुआ?

उत्तर: अंतरिक्ष में सब कुछ अलग तरीके से करना पड़ता है:

  • खाना: तैरते हुए ही विशेष पैक वाला खाना खाया जाता है ताकि वह इधर-उधर न उड़े।
  • पानी: पानी भी बुलबुलों के रूप में तैरता है, जिसे स्ट्रॉ से पीना पड़ता है।
  • बॉल: बॉल उछाली तो वह नीचे नहीं गिरी, बल्कि सीधी हवा में तैरने लगी क्योंकि उसे नीचे खींचने वाला कोई बल नहीं था।

656. चित्र बनाकर या एक्टिंग करके यह सब बताओ।

उत्तर: यह एक रोचक गतिविधि है। आप अपने दोस्तों के साथ मिलकर अभिनय कर सकते हैं कि कैसे सब कुछ तैर रहा है, या फिर गुरुत्वहीनता का दृश्य अपनी कॉपी में चित्र बनाकर दिखा सकते हैं।

फोटो को देखो और बताओ

01. क्या भारत को पहचान पा रहे हो?

उत्तर: हाँ, अंतरिक्ष से ली गई तस्वीर में भारत के आकार (एक विशाल त्रिभुज के समान) को देखकर हम उसे पहचान सकते हैं।

42. क्या कोई जगह पहचान पा रहे हो?

उत्तर: हाँ, भारत के दक्षिण में समुद्र में स्थित श्रीलंका द्वीप को भी पहचाना जा सकता है।

53. देखो, समुद्र कहाँ-कहाँ है?

उत्तर: तस्वीर में नीले रंग वाला भाग समुद्र है। यह भारत के पूर्व, पश्चिम और दक्षिण में दिखाई दे रहा है।

564. ग्लोब और इस फोटो में क्या मिलता-जुलता है? कोई फर्क भी दिखता है?

उत्तर:

  • समानता: दोनों में ही महाद्वीप (भूरा/हरा भाग) और महासागर (नीला भाग) स्पष्ट दिखाई देते हैं। दोनों पृथ्वी के आकार को दर्शाते हैं।
  • अंतर: ग्लोब पर देशों की सीमाएँ, नाम और राजधानियाँ लिखी होती हैं, जबकि अंतरिक्ष की इस असली तस्वीर में ऐसा कुछ नहीं दिखता। तस्वीर में केवल प्राकृतिक भू-आकृतियाँ (पहाड़, मैदान, समुद्र) ही दिखती हैं।

65. क्या सुनीता अंतरिक्ष से भारत, पाकिस्तान, नेपाल और बर्मा को अलग-अलग बता सकती थी?

उत्तर: नहीं, सुनीता अंतरिक्ष से इन देशों को अलग-अलग नहीं बता सकती थी। अंतरिक्ष से केवल पहाड़, नदियाँ, मैदान और समुद्र दिखते हैं। देशों की सीमाएँ तो मानव द्वारा बनाई गई काल्पनिक रेखाएँ हैं, जो जमीन पर नहीं बल्कि केवल नक्शे पर होती हैं।

अपने स्कूल के ग्लोब मैं देखो और बताओ

061. क्या भारत को ढूंढ पाये? और क्या-क्या देखा?

उत्तर: हाँ, ग्लोब पर भारत को आसानी से ढूंढा जा सकता है। इसके अलावा हमने विशाल नीले महासागर (हिंद महासागर, प्रशांत महासागर), अन्य महाद्वीप (एशिया, अफ्रीका) और कई देशों के नाम देखे।

52. देखो इसमें समुद्र कहाँ-कहाँ दिख रहा है?

उत्तर: ग्लोब पर समुद्र (नीला भाग) पृथ्वी के अधिकांश हिस्से में फैला हुआ है। भारत के तीन ओर – पूर्व में बंगाल की खाड़ी, पश्चिम में अरब सागर और दक्षिण में हिंद महासागर दिख रहा है।

53. इसमें कौन-कौन से देश तुम देख पाये?

उत्तर: ग्लोब पर हमने भारत के पड़ोसी देश जैसे पाकिस्तान, चीन, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और दूर के देश जैसे ऑस्ट्रेलिया, जापान, अमेरिका, रूस आदि देखे।

64. भारत जिन देशों के साथ क्रिकेट मैच खेलता है क्या उनमें से कुछ को देख पाए? जैसे इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, साउथ अफ्रीका।

उत्तर: हाँ, हम उन सभी क्रिकेट खेलने वाले देशों को ग्लोब पर देख और पहचान सकते हैं। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया दक्षिणी गोलार्ध में एक बड़े द्वीप के रूप में, इंग्लैंड यूरोप में और दक्षिण अफ्रीका अफ्रीका महाद्वीप के दक्षिणी सिरे पर स्थित है।

655. और क्या क्या देखा?

उत्तर: इस प्रश्न का उत्तर आपकी अपनी खोज पर निर्भर है। आपने ग्लोब पर भूमध्य रेखा, देशांतर रेखाएँ, उत्तरी व दक्षिणी ध्रुव, विभिन्न पर्वत श्रृंखलाओं के चिह्न या कोई नया देश भी देखा होगा। अपने अवलोकन को लिखें।

अपने देश के नक्शे को देखो और बताओ

01. क्या तुम अपने राज्य को पहचान पाए? नक्शे पर उसका नाम लिखो।

उत्तर: हाँ, मैंने भारत के नक्शे पर अपने राज्य [छात्र अपने राज्य का नाम लिखें, जैसे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब आदि] को उसके स्थान और आकार से पहचान लिया और उस पर उसका नाम लिख दिया।

५2. तुम्हारे राज्य से लगे हुए कौन-से राज्य हैं?

उत्तर: मेरे राज्य [छात्र अपने राज्य का नाम लिखें] से लगे हुए राज्य हैं: [छात्र अपने राज्य के पड़ोसी राज्यों के नाम लिखें, उदाहरण के लिए यदि राज्य उत्तर प्रदेश है तो - उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार]

53. क्या तुम कभी किसी और राज्य में गए हो?

उत्तर: हाँ, मैं अन्य राज्यों में गया हूँ, जैसे [छात्र अपने अनुभव के अनुसार राज्यों के नाम लिखें, जैसे राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु आदि]। वहाँ की संस्कृति, भाषा और खान-पान अलग था, जो बहुत रोचक लगा।

54. शाहमीर यह सोचता है कि राज्यों के बीच में जमीन पर लाइन बनी होती है तुम इस बारे में क्या सोचते हो।

उत्तर: शाहमीर की सोच सही नहीं है। राज्यों के बीच जमीन पर कोई वास्तविक लकीर या दीवार नहीं बनी होती। ये सीमाएँ केवल नक्शों पर खींची गई काल्पनिक रेखाएँ हैं ताकि प्रशासन और पहचान आसान हो। असल में, एक राज्य से दूसरे राज्य में प्रवेश करने पर केवल नामपट्ट (बोर्ड) या कभी-कभी चौकी दिखाई देती है।

सोचो

51. क्या चाँद सिक्के की तरह चपटा होगा या बॉल की तरह गोल?

उत्तर: चाँद एक गोल गेंद (गोलाकार) की तरह है, सिक्के की तरह चपटा नहीं। हमें वह कभी पूरा गोल और कभी आधा या कम दिखाई देता है, यह सूर्य की रोशनी और पृथ्वी के सापेक्ष उसकी स्थिति पर निर्भर करता है।

५2. आज रात चाँद को देखो और उसका चित्र बनाओ। एक हफ्ते बाद कैसा दिखता है और 15 दिन बाद कैसा दिखता है, उसका चित्र बनाओ।

उत्तर: यह एक व्यावहारिक गतिविधि है। आप देखेंगे कि चाँद का आकार बदलता रहता है। आज रात जो आकार है, उसका चित्र बनाएँ। एक सप्ताह बाद शायद वह आधा (अर्धचंद्र) दिखेगा, और 15 दिन बाद पूर्णिमा के दिन वह पूरा गोल (पूर्ण चंद्र) दिखाई देगा। इन सभी चरणों के चित्र बनाएँ।

पता करो

01. अगली पूर्णमासी कब है? उस दिन चाँद किस समय निकलेगा? कैसा दिखेगा?

उत्तर: (छात्रों को हिंदू कैलेंडर या सामान्य कैलेंडर देखकर स्वयं पता करना चाहिए। उदाहरण के तौर पर) मान लीजिए अगली पूर्णमासी 15 नवंबर को है। उस दिन चाँद शाम को सूर्यास्त के समय के आसपास निकलेगा और पूरी रात पूरा गोल और चमकीला दिखाई देगा।

42. चाँद से जुड़े कौन-कौन से त्योहार मनाए जाते है?

उत्तर: चाँद से जुड़े कई त्योहार हैं, जैसे:

  • करवा चौथ: चंद्रमा को देखकर व्रत खोला जाता है।
  • शरद पूर्णिमा: पूर्ण चंद्र का त्योहार।
  • ईद-उल-फितर: नया चाँद देखने के बाद मनाया जाता है।
  • बुद्ध पूर्णिमा: वैशाख मास की पूर्णिमा को।
  • गुरु पूर्णिमा: आषाढ़ मास की पूर्णिमा को।

अभ्यास

तारीख चंद्रोदय चंद्रास्त
28-10-2007 19:16 08:05
29-10-2007 20:17 10:03
30-10-2007 21:22 11:08
31-10-2007 22:29 12:03

(i) 28 अक्तूबर को चाँद शाम के ............. बजकर ............. मिनट पर निकला।

उत्तर: 28 अक्तूबर को चाँद शाम के 19 बजकर 16 मिनट पर निकला।

(ii) 29 अक्तूबर को चाँद शाम के ............. बज कर ............. मिनट पर निकला।

उत्तर: 29 अक्तूबर को चाँद शाम के 20 बज कर 17 मिनट पर निकला।

(iii) 29 अक्तूबर को चाँद निकलने में ............. घंटे ............. मिनट का फर्क आया।

उत्तर: 29 अक्तूबर को चाँद निकलने में 28 अक्तूबर की तुलना में 1 घंटे 1 मिनट का फर्क आया। (20:17 - 19:16 = 1 घंटा 1 मिनट)

(iv) अगर तुमने आज शाम को सात बजे चाँद निकलते देखा तो क्या कल भी ठीक सात बजे चाँद देख पाओगे?

उत्तर: नहीं, कल ठीक सात बजे चाँद नहीं दिखेगा। तालिका से पता चलता है कि चंद्रोदय का समय प्रतिदिन लगभग 50 मिनट से 1 घंटा बाद होता है। इसलिए कल चाँद सात बजे के बाद ही निकलेगा।

(v) 31 अक्तूबर को चाँद ड्बने का समय 12:03 दिया है। क्या तुमने कभी दिन के बारह बजे चाँद देखा है? दिन में हमें चाँद-तारे आसानी से क्‍यों नहीं दिखते?

उत्तर:

  • हाँ, कभी-कभी दिन में भी चाँद दिखाई देता है, खासकर सुबह या दोपहर के समय।
  • दिन में हमें चाँद-तारे आसानी से इसलिए नहीं दिखते क्योंकि सूरज की तेज रोशनी आसमान में फैल जाती है, जिसके कारण चाँद और तारों की हल्की चमक हमारी आँखों से ओझल हो जाती है। रात को सूरज की रोशनी नहीं होती, इसलिए वे स्पष्ट दिखते हैं।

हम क्या समझे

01. बच्चे फिसल पट्टी (स्लाइड) पर नीचे की ओर ही क्यों फिसलते हैं, नीचे से ऊपर क्‍यों नहीं?

उत्तर: बच्चे फिसल पट्टी पर नीचे की ओर इसलिए फिसलते हैं क्योंकि पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल हर चीज को अपने केंद्र की ओर (नीचे की दिशा में) खींचता है। यह बल हमें ऊपर से नीचे फिसलने में मदद करता है। नीचे से ऊपर जाने के लिए हमें इस गुरुत्व बल के विरुद्ध काम करना पड़ता है, जिसके लिए ऊर्जा लगती है (जैसे सीढ़ियाँ चढ़कर), इसलिए हम स्लाइड पर नीचे से ऊपर नहीं फिसल सकते।

52. अगर यह फिसलन सुनीता के अंतरिक्ष यान में पहँच जाए तब क्या ऐसे फिसल सकेंगे? क्‍यों?

उत्तर: नहीं, अंतरिक्ष यान में फिसल पट्टी पर ऐसे नहीं फिसल सकेंगे। अंतरिक्ष यान में गुरुत्वाकर्षण लगभग नहीं होता (शून्य गुरुत्व)। फिसलने के लिए नीचे खींचने वाले गुरुत्व बल की जरूरत होती है। बिना गुरुत्व के, बच्चे फिसल पट्टी पर चिपके रहेंगे या हवा में तैरेंगे, लेकिन नीचे की ओर नहीं फिसल पाएँगे।

63. तारे रात में ही क्यों दिखते हैं?

उत्तर: तारे दिन और रात

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Other Chapters of class 5 EVS
1. कैसे पहचाना चींटी ने दोस्त को
2. कहानी सपेरों की
3. चखने से पचने तक
4. खाएं आम बारहों महीने
5. बीज बीज बीज
6. बूँद -बूँद दरिया -दरिया
7. पानी के प्रयोग
8. मच्छरों की दावत
9. डायरी कमर सीधी ऊपर चढ़ो
10. इमारतें
11. सुनीता
12. खत्म हो जाए तो
13. बसेरा ऊँचाई पर
14. जब धरती काँपी
15. उसी से ठंडा उसी से गर्म
16. कौन करेगा यह काम
17. फांद ली दीवार
18. जाएँ तो जाएँ कहाँ
19. किसानों की कहानी-बीज की जुबानी
20. किसके जंगल
21. किसकी झलक किसकी छाप
22. फिर चला काफिला
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