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UP Board class 5 EVS (8. मच्छरों की दावत) solution PDF

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UP Board class 5 EVS (8. मच्छरों की दावत) solution

UP Board class 5 EVS 8. मच्छरों की दावत Hindi Medium Solutions - PDF

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UP Board Solutions for Class 5 EVS आस-पास

पाठ - 8: मच्छरों की दावत

51. क्या तुम किसी को जानते हो जिसे कभी मलेरिया हुआ हो? कैसे पता लग पाया था कि उन्हें मलेरिया है?

उत्तर : हाँ, मेरे चाचा जी को पिछले साल मलेरिया हुआ था। उन्हें बहुत तेज बुखार आ रहा था। डॉक्टर ने उनका खून की जाँच (ब्लड टेस्ट) करवाया। उस रिपोर्ट में मलेरिया के परजीवी (प्लाज्मोडियम) मिले, इससे पता चला कि उन्हें मलेरिया है।

02. उन्हें मलेरिया होने पर क्या-क्या तकलीफ हुई?

उत्तर : उन्हें निम्नलिखित तकलीफें हुईं:

  1. तेज बुखार आना और फिर पसीने के साथ बुखार उतरना।
  2. बार-बार ठंड लगकर कँपकँपी आना।
  3. सिरदर्द और पूरे शरीर में दर्द होना।
  4. बहुत कमजोरी और भूख न लगना।

53. मच्छरों के काटने से और कौन-कौन सी बीमारियाँ होती है?

उत्तर : मच्छरों के काटने से निम्नलिखित गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं:

  • मलेरिया
  • डेंगू
  • चिकनगुनिया
  • फाइलेरिया (हाथीपाँव)
  • जीका वायरस जैसी बीमारियाँ भी फैल सकती हैं।

54. कौन-से मौसम में मलेरिया ज्यादा फैलता है?

उत्तर : मलेरिया बरसात के मौसम और उसके बाद ज्यादा फैलता है। ऐसा इसलिए क्योंकि बारिश के पानी से गड्ढों, गमलों, टायरों आदि में पानी जमा हो जाता है, जो मच्छरों के पनपने के लिए उपयुक्त जगह बन जाती है।

65. मच्छरों से बचने के लिए तुम्हारे घर में क्या-क्या उपाय किए जाते हैं? अपने साथियों से भी पता करो कि वे बचाव के लिए क्‍या करते हैं?

उत्तर : मच्छरों से बचने के लिए हमारे घर में ये उपाय किए जाते हैं:

  • रोज शाम को मच्छर भगाने वाली कॉइल या लिक्विड (मैट) का प्रयोग।
  • खिड़की-दरवाजों पर महीन जाली लगी है।
  • सोते समय मच्छरदानी का उपयोग किया जाता है।
  • घर के आस-पास कूलर, गमले आदि में पानी जमा नहीं होने दिया जाता।
  • कभी-कभी नगर निगम द्वारा कीटनाशक दवा का छिड़काव भी करवाया जाता है।
मेरे दोस्तों के घरों में भी इसी तरह के उपाय किए जाते हैं। कुछ लोग फुल आस्तीन के कपड़े पहनते हैं और शरीर पर मच्छर भगाने वाली क्रीम भी लगाते हैं।

56. यहाँ पर खून की जाँच की रिपोर्ट दी गई है। इनमें किन शब्दों से पता चल रहा है कि मरीज को मलेरिया है।

उत्तर : खून की जाँच रिपोर्ट में निम्नलिखित शब्दों या बातों से पता चलता है कि मरीज को मलेरिया है:

  • रिपोर्ट में "मलेरिया पैरासाइट (Plasmodium) पॉजिटिव" लिखा होता है।
  • कभी-कभी "MP (Malarial Parasite) टेस्ट पॉजिटिव" भी लिखा होता है।
  • माइक्रोस्कोप से जाँच में मलेरिया के परजीवी दिखाई देने की बात लिखी होती है।

47. किसी डॉक्टर से या अपने बड़ों से पता करो कि खाने की किन चीजों में लोहा होता है?

उत्तर : डॉक्टर और मेरे माता-पिता के अनुसार, निम्नलिखित खाद्य पदार्थों में लोहा (आयरन) भरपूर मात्रा में पाया जाता है:

  • हरी पत्तेदार सब्जियाँ: पालक, मेथी, सरसों का साग।
  • दालें और फलियाँ: मसूर की दाल, राजमा, छोले, सोयाबीन।
  • सूखे मेवे: किशमिश, खजूर, अंजीर, बादाम।
  • अनाज: बाजरा, रागी, ओट्स।
  • फल: अनार, सेब, केला, चुकंदर।
  • अन्य: अंडे, लीन मीट, गुड़।

68. क्या तुमने ऐसा पोस्टर कहीं लगा हुआ देखा है?

उत्तर : हाँ, मैंने ऐसे पोस्टर स्कूल के बोर्ड पर, अस्पताल की दीवारों पर और मोहल्ले के सार्वजनिक स्थानों पर लगे हुए देखे हैं। ये पोस्टर मच्छरों से बचाव के बारे में जागरूकता फैलाते हैं।

69. ये पोस्टर कौन लगाता होगा? अखबार में इस तरह के पोस्टर कौन देता होगा?

उत्तर : इस तरह के जागरूकता पोस्टर आमतौर पर सरकारी स्वास्थ्य विभाग (जैसे स्वास्थ्य मंत्रालय) लगवाता और अखबारों में प्रकाशित करवाता है। कभी-कभी स्थानीय नगर निगम, स्वयंसेवी संस्थाएँ (एनजीओ) या विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ भी ऐसे पोस्टर जारी करती हैं।

610. इनमें किन बातों पर ध्यान दिलाने की कोशिश की गई है?

उत्तर : इन पोस्टरों में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान दिलाने की कोशिश की गई है:

  1. अपने घर और आस-पास की जगह को साफ-सुथरा रखें।
  2. कूलर, गमले, टायर, टूटे बर्तन आदि में पानी जमा न होने दें
  3. पानी की टंकी और कूलर को नियमित रूप से साफ करें और ढककर रखें।
  4. सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें।
  5. जहाँ पानी जमा हो वहाँ मिट्टी का तेल या कीटनाशक डालें ताकि मच्छरों के लार्वा न पनप सकें।
  6. पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाली क्रीम लगाएँ।

011. तुम्हें क्या लगता है कि इसमें टंकी, कूलर तथा गड्डों के चित्र क्यों दिखाए गए हैं?

उत्तर : इन पोस्टरों में टंकी, कूलर और गड्ढों के चित्र इसलिए दिखाए गए हैं क्योंकि ये ऐसी सामान्य जगहें हैं जहाँ साफ-स्टैग्नेंट (रुका हुआ) पानी जमा हो जाता है। मच्छर, खासकर मलेरिया फैलाने वाले एनोफिलीज मच्छर, ऐसे ही साफ जमे पानी में अपने अंडे देते हैं। इन चित्रों के माध्यम से लोगों को यह समझाने की कोशिश की जाती है कि इन जगहों की सफाई और देखभाल करके ही मच्छरों को पनपने से रोका जा सकता है।

सोचो और पता करो

७12. मक्खी से कौन-कौन सी बीमारी फैलती है? और कैसे?

उत्तर : मक्खियाँ निम्नलिखित बीमारियों के कीटाणु फैलाती हैं:

  • डायरिया (दस्त)
  • हैजा
  • टाइफाइड
  • पेचिश
  • आँख आना (कंजक्टिवाइटिस)
कैसे फैलाती हैं: मक्खियाँ गंदगी, कचरे, मल-मूत्र और सड़े-गले खाद्य पदार्थों पर बैठती हैं। उनके शरीर और पैरों पर बीमारी के कीटाणु चिपक जाते हैं। जब यही मक्खी हमारे खुले हुए खाने, फलों या पानी पर बैठती है, तो वहाँ कीटाणु छोड़ देती है। जब हम उस दूषित खाने को खाते हैं या पानी पीते हैं, तो हम बीमार पड़ जाते हैं।

बताओ

01. आरती की रिपोर्ट के हिसाब से हिमोग्लोबिन कम से कम कितना चाहिए था?

उत्तर : आरती की रिपोर्ट के हिसाब से एक स्वस्थ व्यक्ति का हीमोग्लोबिन कम से कम 12 ग्राम प्रति डेसीलीटर (g/dL) होना चाहिए था।

42. आरती का हिमोग्लोबिन कितने दिनों में कितना बढ़ गया?

उत्तर : आरती का हीमोग्लोबिन तीन महीने (लगभग 90 दिनों) में 8.5 ग्राम/डेसीलीटर से बढ़कर 11 ग्राम/डेसीलीटर हो गया। इस तरह उसका हीमोग्लोबिन 2.5 ग्राम/डेसीलीटर बढ़ गया।

53. अखबार की रिपोर्ट में अनीमिया से होने वाली परेशानी के बारे में क्या लिखा है?

उत्तर : अखबार की रिपोर्ट में लिखा था कि अनीमिया (खून की कमी) से होने वाली परेशानियाँ हैं:

  • शारीरिक कमजोरी: थकान, चक्कर आना, साँस फूलना, काम करने की क्षमता कम हो जाती है।
  • मानसिक कमजोरी: एकाग्रता में कमी, पढ़ाई-लिखाई पर असर पड़ता है, याददाश्त कमजोर हो सकती है।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होना: अनीमिया से पीड़ित बच्चे जल्दी-जल्दी बीमार पड़ते हैं।
  • शारीरिक विकास रुकना: बच्चों का सही ढंग से विकास नहीं हो पाता है।

54. क्या तुम या तुम्हारे घर में किसी को खून टेस्ट की जरूरत पड़ी है? कब और क्‍यों?

उत्तर : हाँ, मेरी बहन को पिछले महीने खून टेस्ट की जरूरत पड़ी थी। उसे लगातार कई दिनों तक बुखार और शरीर में दर्द की शिकायत थी। डॉक्टर ने यह पता लगाने के लिए खून टेस्ट करवाया कि कहीं उसे मलेरिया या डेंगू तो नहीं है।

65. खून टेस्ट से क्या पता चला था?

उत्तर : खून टेस्ट की रिपोर्ट से पता चला कि उसे मलेरिया नहीं था, बल्कि एक सामान्य वायरल बुखार था। रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन का स्तर भी सामान्य था, जिससे पता चला कि उसे खून की कमी भी नहीं है।

56. क्या तुम्हारे स्कूल में कभी हेल्‍थ जाँच हुई है? डाक्टर ने तुम्हें क्या बताया?

उत्तर : हाँ, मेरे स्कूल में हर साल स्वास्थ्य जाँच शिविर लगता है। पिछली बार डॉक्टर ने मेरी लंबाई, वजन, आँख और कान की जाँच की। उन्होंने बताया कि मैं पूरी तरह स्वस्थ हूँ। उन्होंने मुझे संतुलित आहार लेने और रोज व्यायाम करने की सलाह भी दी।

47. क्या पानी में या उसके आस-पास हरी-हरी काई दिखाई दे रही है?

उत्तर : हाँ, मैंने अपने पार्क में एक फव्वारे के पास जमे हुए पानी और एक पुराने कुएँ के किनारे हरी-हरी काई देखी है।

68. तुमने काई और किन-किन जगहों पर देखी है?

उत्तर : मैंने काई (शैवाल) निम्नलिखित जगहों पर देखी है:

  • लंबे समय से साफ न की गई पानी की टंकी की दीवारों पर।
  • नहर के किनारे की गीली मिट्टी और पत्थरों पर।
  • बरसात के मौसम में पेड़ों के तनों और दीवारों के गीले हिस्सों पर।
  • तालाब और झील के किनारे पानी के ऊपर हरे रंग की परत के रूप में।

09. क्या किनारे पर या पानी में कुछ पौधे दिख रहे हैं? उनका नाम पता करो और अपनी कॉपी में लिखो।

उत्तर : हाँ, पानी में और उसके किनारे कई तरह के पौधे दिखाई देते हैं। कुछ प्रमुख पौधों के नाम हैं:

  1. जलकुंभी (पानी पर तैरता हुआ पौधा)
  2. कमल (बड़े हरे पत्ते और सुंदर फूल वाला)
  3. शैवाल (काई) (हरे रंग की फिसलन भरी परत)
  4. साइप्रस (नरकट) (लंबे तने वाला पौधा)
  5. हाइड्रिला (पानी के अंदर उगने वाला पौधा)

010. इन्हें लगाया गया है या फिर अपने-आप उग गए हैं?

उत्तर : तालाब या झील में कमल जैसे कुछ पौधे लोगों द्वारा सुंदरता के लिए लगाए जा सकते हैं। लेकिन ज्यादातर पौधे जैसे जलकुंभी, काई, नरकट आदि अपने-आप (स्वतः) उग आते हैं। इनके बीज हवा, पानी या पक्षियों के माध्यम से वहाँ पहुँच जाते हैं और अनुकूल वातावरण मिलने पर उग जाते हैं।

011. पानी में और क्या दिख रहा है एक सूची बनाओ।

उत्तर : पानी में और उसके आस-पास दिखने वाली चीजों की सूची:

  • मच्छरों के लार्वा (डिंभक)
  • छोटी-छोटी मछलियाँ
  • मेंढक और उनके बच्चे (टैडपोल)
  • केंकड़े
  • पानी के कीड़े
  • गिरे हुए पत्ते और टहनियाँ
  • पत्थर और रेत
  • कभी-कभी प्लास्टिक की बोतल जैसा कचरा भी दिख जाता है।

सोचो और पता करो

दा - सोचो, पानी में मछलियाँ डालने के लिए क्‍यों कहा गया होगा? ये मछलियाँ क्या-क्या खाती गीं?

उत्तर : तालाब या टंकी में मछलियाँ डालने के लिए इसलिए कहा गया होगा क्योंकि कुछ विशेष प्रकार की मछलियाँ (जैसे गप्पी, गंबूसिया) मच्छरों के लार्वा और अंडे खा जाती हैं। यह मच्छरों को नियंत्रित करने का एक प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल तरीका है। ये मछलियाँ पानी में मिलने वाले छोटे-छोटे जीव, शैवाल (काई) और मच्छरों के डिंभक खाती हैं।

९2. पानी में तेल का छिड़काव करने को क्‍यों कहा गया है।

उत्तर : पानी में तेल (जैसे मिट्टी का तेल या मोबिल ऑयल) छिड़कने को इसलिए कहा गया है क्योंकि तेल पानी की सतह पर एक पतली परत बना देता है। इस परत के कारण:

  1. मच्छर के लार्वा, जो साँस लेने के लिए पानी की सतह पर आते हैं, वे साँस नहीं ले पाते और मर जाते हैं।
  2. मादा मच्छर इस तेल की परत के कारण पानी में अंडे देने से कतराती हैं।
  3. तेल की परत पानी के पृष्ठ तनाव (Surface Tension) को बदल देती है, जिससे लार्वा डूब जाते हैं।
यह मच्छरों के प्रजनन को रोकने का एक पुराना और प्रभावी घरेलू उपाय है।

खोज-खबर

061. कक्षा के सभी बच्चे दो या तीन समूहों में बँट जाएँ। समूहों को आपस में यह तय कर लेना होगा कि स्कूल और आस-पास के इलाके में कौन-सी जगह का निरीक्षण कौन करेगा। स्कूल में या स्कूल के आस-पास इन जगहों को देखो। क्या इन जगहों पर पानी इकट्ठा है या नालियाँ बंद हैं? अगर हाँ तो (/) का निशान लगाओ।

उत्तर : (छात्र अपनी स्वयं की जाँच के आधार पर निशान लगाएँ। एक नमूना नीचे दिया गया है।)

जगहपानी इकट्ठा है? (/)नाली बंद है? (/)
गमले/-
टंकी/-
स्कूल का मैदान--
छत/-
नालियाँ//
पार्किंग का कोना/-

Q2. यहाँ कितने दिनों से पानी इकट्ठा है?

उत्तर : (छात्र अपनी जाँच के अनुसार लिखें।) उदाहरण: गमले में लगभग 4-5 दिनों से पानी जमा है, जबकि छत की नाली में बरसात के बाद से यानी लगभग एक सप्ताह से पानी भरा हुआ है।

53. इन जगहों पर पानी इकट्ठा होने से क्या परेशानियाँ हो रही हैं?

उत्तर : इन जगहों पर पानी इकट्ठा होने से निम्नलिखित परेशानियाँ हो रही हैं:

  • मच्छरों का प्रजनन: यह मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल बन गया है, जिससे मलेरिया, डेंगू आदि बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
  • बदबू और गंदगी: सड़े हुए पानी से दुर्गंध आती है और आस-पास का वातावरण गंदा लगता है।
  • दुर्घटना का खतरा: गीली और फिसलन भरी जगहों पर फिसलने का डर रहता है।
  • कीट-पतंगों का आकर्षण: मक्खियाँ और अन्य हानिकारक कीट भी यहाँ आकर्षित होते हैं।

64. इन जगहों की सफाई की जिम्मेदारी किसकी है।

उत्तर : सफाई की जिम्मेदारी इस प्रकार है:

  • स्कूल के अंदर की जगहें (जैसे क्लासरूम, मैदान, स्कूल की टंकी): स्कूल प्रशासन और प्रबंधन समिति की जिम्मेदारी है।
  • स्कूल के बाहर सार्वजनिक जगहें (जैसे सड़क की नालियाँ, पार्क): स्थानीय नगर निगम या नगर पालिका की जिम्मेदारी है।
  • हमारी जिम्मेदारी: हमें कचरा कूड़ेदान में ही डालना चाहिए और गंदगी फैलाने वालों को टोक

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Other Chapters of class 5 EVS
1. कैसे पहचाना चींटी ने दोस्त को
2. कहानी सपेरों की
3. चखने से पचने तक
4. खाएं आम बारहों महीने
5. बीज बीज बीज
6. बूँद -बूँद दरिया -दरिया
7. पानी के प्रयोग
8. मच्छरों की दावत
9. डायरी कमर सीधी ऊपर चढ़ो
10. इमारतें
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14. जब धरती काँपी
15. उसी से ठंडा उसी से गर्म
16. कौन करेगा यह काम
17. फांद ली दीवार
18. जाएँ तो जाएँ कहाँ
19. किसानों की कहानी-बीज की जुबानी
20. किसके जंगल
21. किसकी झलक किसकी छाप
22. फिर चला काफिला
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