UP Board class 5 EVS 2. कहानी सपेरों की is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 5 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
01. क्या तुमने किसी को बीन बजाते देखा है? कहाँ?
उत्तर : हाँ, मैंने एक सपेरे को बीन बजाते हुए देखा है। यह एक मेले में हुआ था, जहाँ वह अपने साथ एक टोकरी में साँप रखकर बीन बजा रहा था और लोगों को दिखा रहा था।
52. क्या तुमने कभी साँप देखा है? कहाँ?
उत्तर : हाँ, मैंने साँप देखा है। एक बार मैंने सपेरे के पास एक साँप देखा था। दूसरी बार मैंने अपने खेत के पास घास में एक साँप रेंगते हुए देखा था।
53. क्या तुम्हें उससे डर लगा? क्यों?
उत्तर : हाँ, मुझे साँप से बहुत डर लगता है। ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ साँप जहरीले होते हैं और उनके काटने से इंसान की मृत्यु भी हो सकती है। साँप का अचानक दिखना और उसकी फुफकार की आवाज भी डरावनी होती है।
54. तुम्हें क्या लगता है, सभी साँप जहरीले होते हैं?
उत्तर : नहीं, सभी साँप जहरीले नहीं होते हैं। भारत में पाए जाने वाले अधिकतर साँप बिल्कुल भी जहरीले नहीं होते, जैसे कि रैट स्नेक (चूहे वाला साँप) या पानी वाले साँप। केवल कुछ ही प्रजातियाँ जैसे कोबरा, करैत या वाइपर जहरीली होती हैं।
55. तुमने पिछले पाठ में पढ़ा कि साँप के बाहरी कान नहीं होते। सोचो, क्या वह बीन की धुन सुन पाता होगा या फिर बीन के हिलने से ही वह नाचता होगा?
उत्तर : साँप के बाहरी कान नहीं होते, लेकिन उनके अंदर कान की हड्डी (इनर ईयर) होती है जो जमीन से आने वाली कंपन (वाइब्रेशन) को महसूस कर सकती है। इसलिए, जब सपेरा बीन बजाता है और उसे हिलाता है, तो साँप उस हरकत और जमीन की हल्की कंपन को महसूस करता है। वह बीन की आवाज की "ताल" नहीं सुनकर, बल्कि उसके हिलने-डुलने और सपेरे के शरीर की गति पर ध्यान देकर अपना सिर हिलाता है, जिसे लोग उसका "नाचना" कहते हैं।
01. क्या तुमने कभी जानवरों के खेल या नाच होते देखे हैं? जैसे-सरकस में, सड़क पर, पार्क में।
(क) कब और कहाँ देखा?
(ख) किस जानवरों को खेल देखा?
उत्तर :
(क) मैंने पिछले साल दिवाली के त्योहार के समय एक चलते-फिरते सर्कस (मोबाइल सर्कस) में जानवरों के खेल देखे थे।
(ख) मैंने वहाँ भालू को साइकिल चलाते हुए, बंदर को साइकिल पर सवारी करते हुए और कुत्तों को गेंद के साथ खेलते हुए देखा।
82. जानवरों के प्रति लोगों का क्या व्यवहार था?
उत्तर : वहाँ मौजूद अधिकतर लोग जानवरों के खेल देखकर तालियाँ बजा रहे थे और हँस रहे थे। वे उनके करतबों का आनंद ले रहे थे, लेकिन उन जानवरों के प्रति सहानुभूति या प्यार दिखाने वाला व्यवहार बहुत कम लोगों का था।
63. क्या कोई जानवर को परेशान भी कर रहा था? कैसे?
उत्तर : हाँ, कुछ लोग जानवरों को परेशान कर रहे थे। कुछ बच्चे अपनी खाने-पीने की चीजें, जैसे पॉपकॉर्न या चिप्स के पैकेट, जानवरों की ओर फेंक रहे थे। एक आदमी बंदर को डराने के लिए अपनी छड़ी से पिंजरे के पास जोर से आवाज कर रहा था।
54. वह खेल देखकर तुम्हारे दिमाग में किस-किस तरह के सवाल उठे?
उत्तर : उन खेलों को देखकर मेरे मन में ये सवाल आए:
55. मान लो, तुम एक जानवर हो, जो कैद में है। अब तुम इन वाक्यों को पूरा करो।
* मुझे डर लगता है जब
* मेरी इच्छा है कि मैं
* मैं उदास होता हूँ जब
* अगर मुझे मौका मिलता तो मैं
* मुझे यह बिल्कुल भी पसंद नहीं
उत्तर : (एक शेर की कल्पना करते हुए)
66. सँपेरों के अलावा और कौन-कौन लोग अपनी रोजी-रोटी के लिए जानवरों पर निर्भर होते हैं?
उत्तर : सपेरों के अलावा निम्नलिखित लोग भी अपनी आजीविका (रोजी-रोटी) के लिए जानवरों पर निर्भर होते हैं:
61. कौन-सा जानवर है?
उत्तर : गाय और बकरियाँ।
52. कितने जानवर पाले हैं?
उत्तर : कुल चार जानवर पाले हैं – दो गाय और दो बकरियाँ।
53. क्या जानवरों को रखने के लिए अलग जगह है?
उत्तर : हाँ, उनके लिए घर के पीछे एक अलग बाड़ा (शेड) बना हुआ है, जो साफ-सुथरा और हवादार है।
54. उनकी देखभाल कौन करता है?
उत्तर : उनकी देखभाल मुख्य रूप से घर के बड़े बेटे रामू काका करते हैं। पूरे परिवार के सदस्य भी इसमें हाथ बँटाते हैं।
65. वे क्या खाते हैं?
उत्तर : गायें हरी घास, सूखा भूसा और थोड़ा चोकर (चने/गेहूँ का) खाती हैं। बकरियाँ पेड़ों के पत्ते, हरी झाड़ियाँ और घर का बचा हुआ सब्जी का छिलका आदि खाती हैं। उन्हें पीने के लिए साफ पानी भी दिया जाता है।
656. क्या वे कभी बीमार भी पड़ते हैं? तब पालनेवाला क्या करता है?
उत्तर : हाँ, कभी-कभी मौसम बदलने पर या कुछ गलत खा लेने पर वे बीमार पड़ जाते हैं। जब ऐसा होता है, तो रामू काका तुरंत गाँव के पशु चिकित्सक (वेटनरी डॉक्टर) को बुलाते हैं। डॉक्टर की सलाह से दवा देते हैं और उनकी विशेष देखभाल करते हैं, जैसे कि हल्का और आसानी से पचने वाला खाना देना।
57. इसी तरह अपने मन से और प्रश्न भी पूछो।
उत्तर : कुछ और प्रश्न ये हो सकते हैं:
68. अपने इस सर्वे की रिपोर्ट तैयार करो और कक्षा में पढ़ कर सुनाओ?
उत्तर : (छात्र अपने द्वारा किए गए सर्वेक्षण के आधार पर एक छोटी रिपोर्ट तैयार करें। रिपोर्ट में निम्नलिखित बिंदु शामिल हो सकते हैं:)
61. सरकार ने कानून बना दिया है न तो कोई जंगली जानवरों को पकड़ सकता है और न ही उन्हें अपने पास रख सकता है। तुम्हें क्या लगता है क्या यह कानून सही है या नहीं? अपने उत्तर का कारण बताओ और लिखो।
उत्तर : हाँ, मेरी राय में सरकार का यह कानून बिल्कुल सही और जरूरी है। इसके निम्नलिखित कारण हैं:
UP Board class 5 EVS 2. कहानी सपेरों की Solution is available at our platform https://upboardSolution.com in hindi medium for free of cost. Content provided on our website is free of cost and in PDF format which is easily available for download. Getting the UP Board Solutions for class 5 will help student to achieve good learning experience so that they can study effectively. UP board holds examination of more than 3 million students every year and majority of the question of exams are from their UP Board Solutions. That’s why it is important to study using the textSolution issued by UP Board.
It is essential to know the importance of UP Board class 5 EVS 2. कहानी सपेरों की textSolution issued by UP Board because students completely rely on these Solutions for their study and syllabus offered by UP Board is so balanced that each student should be aware about the importance of it. Below is the list of Importance of UP Board class 5 EVS 2. कहानी सपेरों की :
There are various features of UP Board class 5 TextSolutions, some of them are mentioned below so that you student can understand the value and usability of the contend and understand why Uttarpradesh board has prescribed these Solutions.