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UP Board class 5 EVS (9. डायरी कमर सीधी ऊपर चढ़ो) solution PDF

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UP Board class 5 EVS (9. डायरी कमर सीधी ऊपर चढ़ो) solution

UP Board class 5 EVS 9. डायरी कमर सीधी ऊपर चढ़ो Hindi Medium Solutions - PDF

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पाठ - 9: डायरी : कमर सीधी ऊपर चढ़ो

61. क्या तुमने कभी पहाड़ देखे हैं? पहाड़ों पर चढ़े हो? कब और कहाँ?

उत्तर : हाँ, मैंने पहाड़ देखे हैं। मैं पिछली गर्मियों की छुट्टियों में अपने परिवार के साथ शिमला गया था। वहाँ मैंने हरे-भरे ऊँचे पहाड़ देखे और एक छोटी सी पहाड़ी पर भी चढ़ा था।

52. तुम एक ही बार में पैदल कितनी दूर तक चले हो? कितना चल सकते हो?

उत्तर : मैं एक बार स्कूल की पिकनिक पर तीन किलोमीटर तक पैदल चला था। मुझे लगता है कि मैं अभी चार से पाँच किलोमीटर तक आराम से चल सकता हूँ, अगर बीच में थोड़ा आराम मिल जाए।

53. ग्रुप लीडर की जिम्मेदारियों के बारे में तुम क्या सोचते हो।

उत्तर : ग्रुप लीडर की बहुत जिम्मेदारी होती है। उसे अपने सभी साथियों का ध्यान रखना होता है, यह सुनिश्चित करना होता है कि कोई भी पीछे न रह जाए या रास्ता न भटके। उसे सभी की सुरक्षा का भी ख्याल रखना होता है और जरूरत पड़ने पर मदद करनी होती है।

64. अगर तुम्हें ऐसा ग्रुप लीडर चुना जाए तो तुम्हें कैसा लगेगा?

उत्तर : अगर मुझे ग्रुप लीडर चुना जाएगा तो मुझे बहुत अच्छा और गर्व महसूस होगा। यह मेरे लिए नई चीजें सीखने और अपनी जिम्मेदारी निभाने का एक अच्छा मौका होगा।

55. तुम्हारी कक्षा में मॉनीटर की क्या-क्या जिम्मेदारियाँ होती है?

उत्तर : हमारी कक्षा में मॉनीटर की कई जिम्मेदारियाँ होती हैं, जैसे:
- शिक्षक के कक्षा से बाहर जाने पर सभी बच्चों को शांत और अनुशासित रखना।
- कक्षा के लिए जरूरी सामान जैसे चॉक, डस्टर आदि का ध्यान रखना।
- शिक्षक और छात्रों के बीच संदेश पहुँचाना।
- कक्षा की सफाई और व्यवस्था का ध्यान रखना।

56. क्या तुम मॉनीटर बनना पसंद करोगे? क्यों?

उत्तर : हाँ, मैं मॉनीटर बनना पसंद करूँगा। क्योंकि यह एक सम्मान की बात है और इससे मुझे दूसरों की मदद करने, नेतृत्व करने और अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने का मौका मिलेगा।

57. क्या तुम पेड़ पर चढ़े हो? कैसा लगा?

उत्तर : हाँ, मैं अपने बगीचे के आम के पेड़ पर चढ़ा हूँ। ऊपर चढ़कर चारों तरफ का नज़ारा देखना बहुत मजेदार लगा। थोड़ा डर भी लगा, लेकिन फिर मजा आ गया।

68. पेड़ पर चढ़ते हुए तुम्हें डर लगा या नहीं? क्या कभी गिरे भी?

उत्तर : पहली बार पेड़ पर चढ़ते समय मुझे थोड़ा डर जरूर लगा था, क्योंकि नीचे देखने पर जमीन बहुत दूर लग रही थी। लेकिन मैं ध्यान से चढ़ा और कभी गिरा नहीं।

09. क्या तुमने कभी किसी को छोटी दीवारों पर चढ़ते देखा है? दीवार पर चढ़ने और चट्टान पर चढ़ने में तुम्हें क्या अंतर लगता है?

उत्तर : हाँ, मैंने बच्चों को खेलते हुए दीवार पर चढ़ते देखा है। दीवार पर चढ़ना आसान होता है क्योंकि उसकी सतह चिकनी और सीधी होती है। जबकि चट्टान पर चढ़ना बहुत कठिन और खतरनाक होता है क्योंकि चट्टानें ऊबड़-खाबड़, फिसलन भरी और ऊँची होती हैं, जहाँ अच्छी पकड़ बनाना मुश्किल होता है।

010. क्या तुम्हारी कक्षा में कोई ऐसा बच्चा है, जिसे तुम्हारी भाषा समझ नहीं आती या जिसकी भाषा तुम समझ नहीं पाते? ऐसे में तुम क्या करते हो?

उत्तर : हाँ, मेरी कक्षा में एक नया बच्चा आया है जो असम से है और असमिया बोलता है। शुरू में हम एक-दूसरे की भाषा नहीं समझ पाते थे। ऐसे में हम इशारों से बात करते हैं, चित्र बनाते हैं, या फिर हिंदी और अंग्रेजी के सरल शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। धीरे-धीरे हम एक-दूसरे की भाषा सीख रहे हैं।

011. क्या कभी तुम रास्ता भूले हो? तब तुमने क्या किया?

उत्तर : हाँ, एक बार बाजार जाते समय मैं एक नए रास्ते में भटक गया था। मैं घबराया नहीं। मैंने एक दुकानदार चाचा से पूछा और उनके बताए रास्ते से वापस मुख्य सड़क पर आ गया। साथ ही, मुझे अपने घर का पता और पापा का फोन नंबर याद रहने का फायदा मिला।

512. खानदोनबी ने ऐसी स्थिति में जोर-जोर से गीत क्यों गाया होगा?

उत्तर : खानदोनबी ने जोर-जोर से गीत इसलिए गाया होगा ताकि उनके साथी उनकी आवाज सुन सकें और उन तक पहुँच सकें। पहाड़ों में आवाज गूँजती है, इसलिए गाना एक अच्छा तरीका था अपने स्थान के बारे में बताने और साथियों को हौसला देने का।

513. क्या डर से उबरने के लिए तुमने किसी और को कुछ खास करते हुए देखा है? क्या और कब?

उत्तर : हाँ, मैंने देखा है। मेरी बहन को अंधेरे से डर लगता है। जब वह अकेले कमरे में जाती है तो डर को दूर भगाने के लिए वह जोर-जोर से गाना गाने लगती है। इससे उसका ध्यान डर से हट जाता है और वह हिम्मत महसूस करती है।

कल्पना करो

61. पहाड़ पर चढ़ने के रास्ते कैसे-कैसे होते होंगे, चित्र बनाओ।

उत्तर : पहाड़ पर चढ़ने के रास्ते अलग-अलग तरह के हो सकते हैं। कुछ रास्ते पत्थरों वाले और टेढ़े-मेढ़े होते हैं, तो कुछ बर्फ से ढके हुए और फिसलन भरे होते हैं। कहीं-कहीं इतनी जगह कम होती है कि सिर्फ एक व्यक्ति ही गुजर सकता है, तो कहीं ऊँची चट्टानों पर चढ़ने के लिए रस्सी की जरूरत पड़ती है।

[छात्र अपनी कल्पना से पहाड़ी रास्तों का चित्र बनाएँगे।]

पता करो और लिखो

01. पहाड़ों पर चढ़ने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत पड़ती है?

उत्तर : पहाड़ों पर चढ़ने के लिए निम्नलिखित चीजों की जरूरत पड़ती है:
- मजबूत रस्सी और हुक (काराबिनर)
- विशेष प्रकार के जूते जिनकी पकड़ अच्छी हो
- हेलमेट (सिर की सुरक्षा के लिए)
- गद्देदार बैग (रक्सैक)
- पानी की बोतल और सूखा भोजन (जैसे चॉकलेट, ड्राई फ्रूट)
- प्राथमिक चिकित्सा किट
- गर्म कपड़े और दस्ताने
- टॉर्च और अतिरिक्त बैटरी
- नक्शा और कम्पास

52. रस्सी और हुक का इस्तेमाल किसी और चीज में होते देखा है? कहाँ?

उत्तर : हाँ, रस्सी और हुक का इस्तेमाल हम कई जगह देखते हैं। जैसे:
- कुएँ से बाल्टी उठाने में।
- निर्माण कार्य करने वाले मजदूर ऊँचाई पर सामान चढ़ाने के लिए।
- खेल के मैदान में झूले लगाने के लिए।
- नाव को किनारे पर बाँधने के लिए।

53. पहाड़ी नदी पार करने के लिए हम और किन-किन चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं?

उत्तर : पहाड़ी नदी पार करने के लिए हम इन चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं:
- लकड़ी का पुल या रस्सी का झूला पुल।
- नाव या इन्फ्लेटेबल रबर की नाव।
- लंबी और मजबूत लकड़ी की छड़ी से संतुलन बनाकर।
- अगर पानी कम है तो बड़े-बड़े पत्थरों पर कूदकर।

54. पहाड़ों पर ज्यादा शक्ति की जरूरत क्यों पड़ती है?

उत्तर : पहाड़ों पर ज्यादा शक्ति की जरूरत इसलिए पड़ती है क्योंकि:
1. हमें पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के विपरीत ऊपर की ओर चढ़ना होता है।
2. पहाड़ी रास्ते ऊबड़-खाबड़ और खड़े होते हैं, जिससे चलना मुश्किल हो जाता है।
3. पहाड़ों पर हवा पतली होती है, जिससे साँस लेने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और शरीर जल्दी थक जाता है।
4. कई बार बर्फ या फिसलन भरी सतह पर चलने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है।

55. क्या तुमने कभी किसी से जोखिम भरे काम के बारे में सुना है? क्या?

उत्तर : हाँ, मैंने अपने चाचा से सुना है जो फायरमैन हैं। उन्होंने एक बार एक जलती हुई इमारत में फँसे लोगों को बचाया था। यह बहुत ही जोखिम भरा काम था क्योंकि आग बहुत तेज थी और इमारत के गिरने का भी खतरा था।

66. क्या तुमने कभी कोई हिम्मत भरा काम किया है? यदि हाँ तो अपनी कक्षा में सुनाओ। उसे अपने शब्दों में लिखों।

उत्तर : एक बार मैं और मेरे दोस्त पार्क में खेल रहे थे। अचानक एक छोटी बच्ची झूले से गिर गई और उसके हाथ से खून बहने लगा। सब घबरा गए। मैंने तुरंत अपने रुमाल से उसका घाव दबाया और अपने एक दोस्त को उसके माता-पिता को बुलाने भेजा। जब तक उसके माता-पिता आए, मैंने उसका ध्यान रखा। यह मेरे लिए एक हिम्मत भरा अनुभव था क्योंकि मैंने शांति से काम लिया और मदद की।

चर्चा करो

61. पहाड़ों पर टेंट के चारों तरफ नाली क्यों खोदी गई होगी?

उत्तर : पहाड़ों पर टेंट के चारों तरफ नाली इसलिए खोदी जाती है ताकि बारिश का पानी टेंट के अंदर न घुस सके। यह नाली पानी को टेंट से दूर बहा देती है। साथ ही, यह छोटे-मोटे कीड़े-मकोड़ों और साँपों को भी टेंट में आने से रोकती है, जिससे पर्वतारोहियों की सुरक्षा बनी रहती है।

92. पर्वतारोहण की तरह और कौन-कौन से काम हैं जिन्हें एडवेंचर कहा जाता है।

उत्तर : पर्वतारोहण के अलावा निम्नलिखित गतिविधियों को भी एडवेंचर कहा जाता है:
- रिवर राफ्टिंग (नदी में नाव चलाना)
- स्काई डाइविंग (पैराशूट के साथ हवाई जहाज से कूदना)
- स्कूबा डाइविंग (समुद्र की गहराई में तैरना)
- रॉक क्लाइम्बिंग (चट्टानों पर चढ़ना)
- जंगल सफारी या ट्रेकिंग
- हॉट एयर बैलून की सवारी

कल्पना करो और लिखो

913. पहाड़ पर हो। तुम्हें वह कैसा लग रहा है? क्या-क्या दिख रहा है? क्या-क्या करने को मन कर रहा है?

उत्तर : अगर मैं पहाड़ की चोटी पर हूँ, तो मुझे बहुत खुशी और गर्व महसूस हो रहा है। चारों तरफ बादल मेरे पैरों के नीचे लग रहे हैं। दूर-दूर तक हरे-भरे पहाड़, घाटियाँ और चमकती हुई नदियाँ दिख रही हैं। हवा बहुत ताज़ा और ठंडी है। मेरा मन कर रहा है कि मैं जोर से चिल्लाऊँ ताकि आवाज गूँजे, अपने दोस्तों को फोन करके बताऊँ, और इस खूबसूरत नज़ारे की बहुत सारी तस्वीरें खींचूँ।

सोचो

651. बहेन्द्री ने चोटी पर तिरंगा क्यों गाड़ा होगा?

उत्तर : बछेंद्री पाल ने माउंट एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा इसलिए गाड़ा होगा ताकि वह भारत का गौरव पूरी दुनिया के सामने प्रदर्शित कर सकें। यह उनकी सफलता का प्रतीक था और यह दिखाता था कि एक भारतीय महिला ने दुनिया की सबसे ऊँची चोटी पर विजय प्राप्त की है। यह देश के लिए सम्मान की बात थी।

92. झंडा कब-कब फहराते हैं?

उत्तर : हम झंडा मुख्य रूप से इन राष्ट्रीय अवसरों पर फहराते हैं:
- स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त)
- गणतंत्र दिवस (26 जनवरी)
- गांधी जयंती (2 अक्टूबर)
इसके अलावा, स्कूलों, सरकारी दफ्तरों और विशेष कार्यक्रमों में भी झंडा फहराया जाता है।

53. क्या तुमने किसी और देश का झंडा देखा है? कहाँ?

उत्तर : हाँ, मैंने कई देशों के झंडे देखे हैं। मैंने अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के झंडे टेलीविजन पर खेल प्रतियोगिताओं में देखे हैं। स्कूल की पुस्तकालय में एक किताब में भी दुनिया भर के झंडों के चित्र हैं, जहाँ मैंने उन्हें देखा है।

54. अब 6 या 8 बच्चों के समूहों में बँट जाओ। अपने-अपने समूह के लिए झंडे का डिजाइन बनाओ। झंडे का यह डिजाइन तुमने क्यों चुना?

उत्तर : [छात्र अपने-अपने समूह के लिए झंडे का डिजाइन बनाएँगे।]
उदाहरण: हमारे समूह के झंडे में हरे रंग की पृष्ठभूमि पर सफेद रंग का एक हाथ जुड़ा हुआ दिखाई देगा। हरा रंग मित्रता और प्रकृति को दर्शाता है। जुड़े हुए हाथ हमारे समूह की एकता और आपसी सहयोग को दिखाते हैं। हमने यह डिजाइन इसलिए चुना क्योंकि हमारा समूह हमेशा एक-दूसरे की मदद करता है और मिलकर काम करता है।

हम क्या समझे

051. लोग एड्वेंचर के लिए क्यों जाते हैं।

उत्तर : लोग एडवेंचर के लिए कई कारणों से जाते हैं:
- रोमांच और नए अनुभव के लिए।
- अपनी हिम्मत और साहस को आजमाने के लिए।
- प्रकृति की सुंदरता को करीब से देखने और महसूस करने के लिए।
- नियमित जिंदगी की एकरसता से ब्रेक लेने के लिए।
- अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने और डर पर विजय पाने के लिए।

52. कोई दो उदाहरण लेकर समझाओ कि पहाड़ पर चढ़ना एक चुनौती भरा एडवेंचर क्यों हो सकता है। तुम पहाड़ पर चढ़ने जाते तो क्या तैयारी करते? अपने साथ क्या-क्या ले जाते।

उत्तर :
दो उदाहरण:
1. मौसम का बदलाव: पहाड़ों पर मौसम अचानक बदल सकता है। धूप खिली हो और अगले ही पल तूफान आ जाए। यह एक बड़ी चुनौती है।
2. शारीरिक कठिनाई: ऊँचाई पर ऑक्सीजन कम होने से साँस फूलना, चक्कर आना जैसी समस्याएँ हो सकती हैं, जो शरीर के लिए चुनौतीपूर्ण है।
मेरी तैयारी: अगर मैं पहाड़ पर चढ़ने जाऊँ तो सबसे पहले मैं उस पहाड़ के बारे में अच्छी तरह जानकारी इकट्ठा करूँगा और शारीरिक रूप से फिट रहने की कोशिश करूँगा।
साथ ले जाने वाली चीजें:
- मजबूत और आरामदायक जूते व गर्म कपड़े।
- रस्सी, हेलमेट और प्राथमिक चिकित्सा किट।
- पानी, सूखा मेवा और ऊर्जा देने वाला भोजन।
- टॉर्च, मोबाइल फोन (पावर बैंक के साथ) और नक्शा।
- एक अनुभवी गाइड के साथ जाना सुनिश्चित करूँगा।

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Other Chapters of class 5 EVS
1. कैसे पहचाना चींटी ने दोस्त को
2. कहानी सपेरों की
3. चखने से पचने तक
4. खाएं आम बारहों महीने
5. बीज बीज बीज
6. बूँद -बूँद दरिया -दरिया
7. पानी के प्रयोग
8. मच्छरों की दावत
9. डायरी कमर सीधी ऊपर चढ़ो
10. इमारतें
11. सुनीता
12. खत्म हो जाए तो
13. बसेरा ऊँचाई पर
14. जब धरती काँपी
15. उसी से ठंडा उसी से गर्म
16. कौन करेगा यह काम
17. फांद ली दीवार
18. जाएँ तो जाएँ कहाँ
19. किसानों की कहानी-बीज की जुबानी
20. किसके जंगल
21. किसकी झलक किसकी छाप
22. फिर चला काफिला
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