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UP Board class 5 EVS (19. किसानों की कहानी-बीज की जुबानी) solution PDF

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UP Board class 5 EVS (19. किसानों की कहानी-बीज की जुबानी) solution

UP Board class 5 EVS 19. किसानों की कहानी-बीज की जुबानी Hindi Medium Solutions - PDF

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UP Board Solutions for Class 5 EVS आस-पास

पाठ - 19 किसानों की कहानी-बीज की जुबानी

बताओ

1. क्या तुम्हारे घर में रोटियाँ बनती हैं? किस अनाज से?

उत्तर : हाँ, मेरे घर में रोटियाँ बनती हैं। हमारे घर में ज्यादातर गेहूँ के आटे से रोटियाँ बनाई जाती हैं। कभी-कभी हम मक्के के आटे या मल्टीग्रेन आटे से भी रोटियाँ बनाते हैं, जो सेहत के लिए बहुत अच्छी होती हैं।

2. क्या तुमने कभी ज्वार या बाजरे की रोटी खाई है? तुम्हें कैसी लगी?

उत्तर : हाँ, मैंने अपनी दादी के घर पर बाजरे की रोटी खाई है। यह रोटी थोड़ी भुरभुरी और स्वाद में मीठी लगी। इसे गर्मागर्म दूध या सब्जी के साथ खाने का मजा ही कुछ और था। यह पेट के लिए भी हल्की और पौष्टिक होती है।

पता करो और लिखो

1. तुम्हारे घर में अनाज और दालों को कीड़ों से बचाने के लिए क्या-क्या करते हैं?

उत्तर : हमारे घर में अनाज और दालों को कीड़ों से बचाने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जाते हैं:

  1. अनाज को अच्छी तरह धूप में सुखाकर ठंडा कर लिया जाता है।
  2. फिर उन्हें हवाबंद डिब्बों या जार में भरकर रखा जाता है।
  3. कुछ डिब्बों में सूखी लाल मिर्च या नीम की पत्तियाँ भी डाल दी जाती हैं, जो कीड़ों को दूर रखती हैं।
  4. भंडार वाली अलमारी को भी साफ-सुथरा और सूखा रखा जाता है।

2. अलग-अलग मौसम में खेती से जुड़े त्योहार कौन-कौन से हैं? इनमें से किसी एक त्योहार के बारे में जानकारी इकट्ठी करो, जैसे- त्योहार का नाम किस मौसम में मनाते हैं? किन-किन राज्यों में मनाया जाता है? क्या-क्या पकाया जाता है? उस त्योहार को कैसे मनाते हैं-सब मिलकर या अपने- अपने घरों में?

उत्तर : भारत में खेती से जुड़े कई त्योहार हैं, जैसे - मकर संक्रांति, पोंगल, बैसाखी, लोहड़ी, होली, ओणम आदि।

त्योहार 'बैसाखी' के बारे में जानकारी:

  • त्योहार का नाम: बैसाखी
  • किस मौसम में मनाते हैं? यह त्योहार वसंत ऋतु के अंत में, अप्रैल महीने में मनाया जाता है। यह रबी की फसल (जैसे गेहूँ) के पककर तैयार होने का प्रतीक है।
  • किन-किन राज्यों में मनाया जाता है? यह मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और उत्तरी भारत के कई राज्यों में बड़े उत्साह से मनाया जाता है।
  • क्या-क्या पकाया जाता है? इस दिन मक्के की रोटी और सरसों का साग प्रसाद के रूप में बनाया जाता है। इसके अलावा, खीर, पूरी, हलवा और अन्य पकवान भी बनते हैं।
  • कैसे मनाते हैं? यह त्योहार सब मिल-जुलकर मनाया जाता है। लोग गुरुद्वारों में जाते हैं, नए कपड़े पहनते हैं, भांगड़ा और गिद्दा नृत्य करते हैं और एक-दूसरे को बधाई देते हैं।

3. अपने घर में बड़ों से पूछो, क्या खाने की कुछ ऐसी चीजें हैं जो उनके जमाने में बनाई जाती थीं पर अब नहीं?

उत्तर : मेरी दादी जी ने बताया कि उनके जमाने में कई ऐसी स्वादिष्ट चीजें घर पर बनाई जाती थीं जो आज कम ही देखने को मिलती हैं। जैसे:

  • गुड़ और चने का सत्तू: इसे पानी में घोलकर या लड्डू बनाकर खाया जाता था, जो गर्मी में ठंडक देता था।
  • आंवले का मुरब्बा: घर पर ही आंवले को सुखाकर और मसालों के साथ पकाकर बनाया जाता था।
  • विभिन्न अनाजों के लड्डू: सिर्फ तिल या मूंगफली के ही नहीं, बल्कि ज्वार, बाजरा और रागी के आटे से भी पौष्टिक लड्डू बनाए जाते थे।
आजकल लोग व्यस्त होने के कारण ज्यादातर चीजें बाजार से खरीद लेते हैं।

4. तुम्हारे इलाके में कौन-कौन से अनाज और साग-सब्जी उगाए जाते हैं? क्या तुम्हारे इलाके में कोई ऐसी चीज उगाई जाती है जो दूर-दूर तक मशहूर है?

उत्तर : मैं उत्तर प्रदेश के एक गाँव से हूँ। हमारे इलाके में निम्नलिखित चीजें उगाई जाती हैं:

  • अनाज: गेहूँ, धान (चावल), ज्वार, बाजरा, मक्का।
  • दालें: चना, अरहर, मूंग, उड़द।
  • सब्जियाँ: आलू, टमाटर, बैंगन, भिंडी, गोभी, मटर आदि।
हमारे इलाके में उगने वाला आम (दशहरी किस्म) और शाही लीची पूरे देश में मशहूर है। इनका स्वाद बेहद लाजवाब होता है और ये दूर-दूर तक निर्यात किए जाते हैं।

5. क्या इन अनाजों को पहचान सकते हो? सरसों (तोरी या राई)

उत्तर : हाँ, मैं इन अनाजों को पहचान सकता हूँ। यह चित्र सरसों के पौधे और बीजों का है। सरसों के छोटे-छोटे गोल बीज होते हैं जिनसे तेल निकाला जाता है। इसकी हरी पत्तियों (सरसों का साग) और पीले फूलों को भी आसानी से पहचाना जा सकता है।

चर्चा करो

1. बाजरे के बीज ने दामजीभाई की खेती और हसमुख की खेती में, जैसे सिंचाई, जमीन जोतना, इत्यादि में क्या-क्या अंतर देखे?

उत्तर : बाजरे के बीज ने दोनों किसानों की खेती में बहुत बड़े अंतर देखे:

कार्य दामजीभाई (पुरानी विधि) हसमुख (नई विधि)
जमीन जोतना बैल और हल से खेत जोते जाते थे। ट्रैक्टर से खेत जोते जाते थे, जो तेज और आसान था।
बीज पिछली फसल से बचाए हुए पारंपरिक बीज इस्तेमाल होते थे। बाजार से खरीदे हुए नए और संकर (Hybrid) बीज इस्तेमाल होते थे।
खाद गोबर और कंपोस्ट से बनी प्राकृतिक खाद डाली जाती थी। रासायनिक खाद और कीटनाशक का भरपूर इस्तेमाल होता था।
सिंचाई बारिश पर निर्भरता और कुएँ से हाथ या बैल से पानी खींचा जाता था। बिजली या डीजल के पम्प से नलकूप द्वारा सिंचाई की जाती थी।
फसल चयन परिवार की जरूरत के हिसाब से विविध फसलें (बाजरा, दालें) उगाई जाती थीं। बाजार में अच्छी कीमत मिलने वाली एक ही फसल (जैसे कपास) उगाई जाती थी।

2. हसमुख कहता-खेती के मुनाफे से हम और तरक्की कर सकते हैं। तुम “तरक्की' से क्या समझते हो?

उत्तर : मेरे हिसाब से "तरक्की" का मतलब सिर्फ पैसा कमाना नहीं है। तरक्की का असली मतलब है:

  • परिवार के लिए बेहतर शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना।
  • आधुनिक सुविधाएँ जैसे बिजली, पानी, अच्छी सड़कें और संचार के साधन उपलब्ध होना।
  • जीवन में खुशहाली और संतुष्टि आना।
  • समाज में सम्मान मिलना और दूसरों की मदद करने की स्थिति में होना।

लिखो

1. तुम अपने गाँव या इलाके में क्या-क्या तरक्की देखना चाहोगे?

उत्तर : मैं अपने गाँव में निम्नलिखित तरक्की देखना चाहूँगा:

  • शिक्षा: एक अच्छा स्कूल जहाँ कंप्यूटर लैब और खेल का मैदान हो।
  • स्वास्थ्य: एक छोटा अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र जहाँ डॉक्टर हमेशा उपलब्ध हों।
  • बुनियादी सुविधाएँ: 24 घंटे बिजली, साफ पीने का पानी और पक्की सड़कें।
  • रोजगार: खेती के अलावा छोटे-मोटे उद्योग लगें ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके।
  • पर्यावरण: हरियाली बढ़े, गंदगी न हो और गाँव साफ-सुथरा रहे।
  • मनोरंजन: एक पुस्तकालय और बच्चों के खेलने के लिए पार्क बने।

सोचो और चर्चा करो

1. आगे चलकर हसमुख की खेती का क्या हुआ होगा?

उत्तर : आगे चलकर हसमुख की खेती के साथ शायद यह हुआ होगा:

  • लगातार रासायनिक खाद और कीटनाशकों के इस्तेमाल से उसके खेत की मिट्टी बंजर और कमजोर हो गई होगी।
  • एक ही फसल बार-बार उगाने से मिट्टी के पोषक तत्व खत्म हो गए होंगे और फसल की पैदावार कम होने लगी होगी।
  • ट्रैक्टर और पम्प आदि खरीदने के लिए लिया गया बैंक का कर्ज वह चुका नहीं पाया होगा।
  • बाजार में उसकी फसल की कीमत कम मिलने से नुकसान हुआ होगा।
  • अंत में, वह खेती छोड़ने पर मजबूर हो गया होगा या फिर दूसरों के खेतों में मजदूरी करने लगा होगा।

2. दामजीभाई के बेटे हसमुख ने अपने पिता की तरह खेती करना पसंद किया। हसमुख का बेटा परेश खेती न करके ट्रक चला रहा है। उसने ऐसा क्यों किया होगा?

उत्तर : परेश ने खेती छोड़कर ट्रक चलाने का फैसला शायद इन कारणों से किया होगा:

  • उसने अपने पिता हसमुख को खेती में नुकसान और कर्ज में डूबे हुए देखा होगा।
  • आधुनिक खेती (बीज, खाद, डीजल) बहुत महँगी हो गई होगी, जबकि फसल का सही दाम नहीं मिल पा रहा होगा।
  • ट्रक चलाकर उसे निश्चित आमदनी और शहर में रहने का मौका मिल रहा होगा।
  • वह खेती की मेहनत और अनिश्चितता से दूर एक नया पेशा अपनाना चाहता होगा।

3. बीज को शक था कि जो हसमुख के साथ हुआ वह तरक्की नहीं है। तुम्हें क्या लगता है?

उत्तर : मुझे लगता है कि बीज का शक बिल्कुल सही था। हसमुख के साथ जो हुआ वह असली तरक्की नहीं थी। शुरू में तो उसे अच्छी पैदावार और पैसा मिला, लेकिन यह तरक्की टिकाऊ नहीं थी। उसने:

  • मिट्टी की सेहत और भविष्य की फसलों को नुकसान पहुँचाया।
  • पानी का अंधाधुंध दोहन किया, जिससे भूजल स्तर नीचे चला गया।
  • कर्ज लेकर खुद को मुश्किल में डाल लिया।
असली तरक्की वह होती है जो प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर चलती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए संसाधन बचाती है।

4. क्या तुम्हारे आस-पास कुछ ऐसे बदलाव हुए हैं, जिन्हें “तरक्की' मानने में कुछ दिक्कतें भी हैं? क्या?

उत्तर : हाँ, मेरे शहर में भी ऐसे बदलाव हुए हैं। जैसे:

  • एक बड़े शॉपिंग मॉल के निर्माण के लिए कई पेड़ काट दिए गए। मॉल से रोजगार तो मिला, लेकिन उस इलाके का तापमान बढ़ गया और हरियाली खत्म हो गई।
  • सड़क चौड़ी करने के लिए कई पुराने, सुंदर घर तोड़ दिए गए। सड़क अच्छी बन गई, लेकिन लोगों को अपना पुश्तैनी घर और पड़ोस छोड़ना पड़ा, जो उनके लिए दुखद था।
इस तरह, कुछ बदलावों के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। सच्ची तरक्की वही है जिसमें सबका भला हो।

प्रोजेक्ट कार्य

1. तुम्हारे मन में खेती से जुड़े क्या-क्या सवाल उठते हैं? सब मिलकर कुछ सवाल बनाओ और किसी किसान से पूछो। जैसे-किसान एक साल में कितनी तरह की फसल उगाते हैं? किस फसल को कितने पानी की जरूरत होती है?

उत्तर : हमने मिलकर कुछ सवाल बनाए और पास के गाँव के किसान चाचा रामसिंह से पूछे। उनके जवाब नीचे दिए गए हैं:

  1. प्रश्न: चाचा, आप एक साल में कितनी अलग-अलग फसलें उगाते हैं?
    उत्तर: हम मुख्य रूप से तीन फसलें उगाते हैं - गेहूँ (सर्दी), धान (बरसात) और मूंगफली या सब्जियाँ (गर्मी)
  2. प्रश्न: कौन सी फसल सबसे ज्यादा पानी पीती है?
    उत्तर: धान (चावल) की फसल को सबसे ज्यादा पानी चाहिए। पूरे खेत में पानी भरकर रखना पड़ता है।
  3. प्रश्न: आजकल की सबसे बड़ी मुश्किल क्या है?
    उत्तर: बीज और खाद की बढ़ती कीमत, और कभी-कभी फसल का सही दाम न मिलना।
  4. प्रश्न: आप खेतों को कीड़ों से कैसे बचाते हैं?
    उत्तर: हम ज्यादा रासायनिक कीटनाशक नहीं डालते। नीम का तेल घोल बनाकर छिड़कते हैं और खेत में चिड़ियों के बैठने के लिए लकड़ी गाड़ देते हैं।

2. अपने आस-पास किसी खेत या बाड़ी पर जाओ। वहाँ लोगों से बात करो और आस-पास देखो। एक रिपोर्ट तैयार करो।

उत्तर :

खेत की यात्रा: एक रिपोर्ट

स्थान: गाँव - नरेन्द्रपुर, (आपका जिला)
दिनांक: 15 नवम्बर
उद्देश्य: रबी की फसल की स्थिति देखना और किसानों से बातचीत करना।

अवलोकन: जब हम खेत पर पहुँचे तो सामने हरे-भरे गेहूँ के पौधे लहलहा रहे थे। खेत के एक कोने में सरसों के पीले फूल ऐसे दिख रहे थे मानो पीली चादर बिछी हो। कुछ किसान सब्जियों की क्यारियों में पानी दे रहे थे। वहाँ का वातावरण शांत और ताज़ा था।

बातचीत: हमने वहाँ काम कर रहे किसान श्री ओमप्रकाश जी से बात की। उन्होंने बताया कि इस बार बारिश ठीक हुई है, इसलिए फसल अच्छी होने की उम्मीद है। उन्होंने हमें गेहूँ और सरसों के पौधे दिखाए और समझाया कि कैसे पत्तों को देखकर पौधे की सेहत का पता लगाते हैं।

सीख: इस यात्रा से हमने सीखा कि खेती बहुत मेहनत का काम है। किसान सुबह से शाम तक मेहनत करते हैं ताकि हमारी थाली में रोटी पहुँच सके। हमें अनाज का सम्मान करना चाहिए और बर्बादी नहीं करनी चाहिए।

हम क्या समझे

1. हमारे खाने में कई बदलाव आए हैं। ऐसा कैसे कह सकते हैं? बाजरे के बीज की कहानी और बड़ों से मिली जानकारी के आधार पर लिखो।

उत्तर : हमारे खाने में समय के साथ कई बड़े बदलाव आए हैं:

  • अनाजों में विविधता कम हुई: पहले लोग गेहूँ, बाजरा, ज्वार, मक्का सबकी रोटियाँ खाते थे। आज ज्यादातर घर

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Other Chapters of class 5 EVS
1. कैसे पहचाना चींटी ने दोस्त को
2. कहानी सपेरों की
3. चखने से पचने तक
4. खाएं आम बारहों महीने
5. बीज बीज बीज
6. बूँद -बूँद दरिया -दरिया
7. पानी के प्रयोग
8. मच्छरों की दावत
9. डायरी कमर सीधी ऊपर चढ़ो
10. इमारतें
11. सुनीता
12. खत्म हो जाए तो
13. बसेरा ऊँचाई पर
14. जब धरती काँपी
15. उसी से ठंडा उसी से गर्म
16. कौन करेगा यह काम
17. फांद ली दीवार
18. जाएँ तो जाएँ कहाँ
19. किसानों की कहानी-बीज की जुबानी
20. किसके जंगल
21. किसकी झलक किसकी छाप
22. फिर चला काफिला
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