UP Board Class 10 Hindi 14. अंतोन चेखव is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 10 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
नोट: नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर UP Board के पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किए गए हैं। प्रश्नों के मूल पाठ में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
सुनार ख्यूक्रिन को एक कुत्ते ने काट लिया था। इस घटना के बाद ख्यूक्रिन ने कुत्ते की पिछली टाँग पकड़ ली और उसे मारने-पीटने लगा। कुत्ते के चिल्लाने और ख्यूक्रिन के शोर-शराबे की आवाज़ सुनकर आस-पास के लोग जिज्ञासावश वहाँ इकट्ठा हो गए, जिससे काठगोदाम के पास भीड़ लग गई।
ख्यूक्रिन का पेशा सुनार का था, जिसमें हाथों और उँगलियों का बारीक काम करना पड़ता है। यदि उसकी कटी हुई उँगली ठीक नहीं होती, तो वह कई हफ्तों तक अपना काम नहीं कर पाता। काम न कर पाने के कारण उसकी आमदनी बंद हो जाती, जिससे उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता।
कुत्ता इसलिए किकिया (चीख़-चिल्ला) रहा था क्योंकि ख्यूक्रिन ने उसे काटने के बाद पकड़ लिया था और मार-पीट रहा था। डर और दर्द के कारण वह ज़ोर-ज़ोर से चिल्ला रहा था।
बाज़ार के चौराहे पर दो कारणों से ख़ामोशी थी। पहला, इंस्पेक्टर ओचुमेलाँव और उसका सिपाही येल्दीरीन गश्त लगा रहे थे, जिससे दुकानदार और खरीदार डरे हुए थे। दूसरा, उस समय खरीदारी का कोई विशेष मौसम नहीं था, इसलिए बाज़ार में लोगों की भीड़ कम थी और सन्नाटा छाया हुआ था।
जनरल साहब के बावर्ची ने बताया कि यह कुत्ता जनरल साहब का नहीं, बल्कि जनरल साहब के भाई का है, जो कुछ देर पहले ही उनसे मिलने आए हैं। इस तरह उसने कुत्ते के असली मालिक की पहचान बताई।
ख्यूक्रिन ने मुआवज़े की दलील देते हुए कहा कि वह एक मेहनतकश सुनार है और उसका काम बहुत पेचीदा (बारीक) है। कुत्ते ने उसकी उँगली काट ली है, जिसके कारण वह कम से कम एक हफ्ते तक काम नहीं कर पाएगा। काम न कर पाने से उसकी कमाई बंद हो जाएगी और उसे आर्थिक नुकसान होगा। इसलिए, कुत्ते के मालिक को उसे इस नुकसान का मुआवज़ा देना चाहिए।
ख्यूक्रिन ने बताया कि वह शांति से अपना काम कर रहा था कि अचानक उस कुत्ते ने आकर उसकी उँगली काट ली। वह अपनी कटी हुई उँगली ऊपर उठाकर लोगों को दिखा रहा था ताकि उसे उनकी सहानुभूति मिले और उसकी मुआवज़े की माँग जायज़ साबित हो सके। उँगली दिखाना उसके लिए अपनी पीड़ा और नुकसान का सबूत था।
जब येल्दीरीन को पता चला कि कुत्ता जनरल साहब के भाई का है, तो उसने तुरंत ख्यूक्रिन को दोषी ठहराना शुरू कर दिया। उसने कहा कि ख्यूक्रिन हमेशा कोई-न-कोई शरारत करता रहता है और संभव है कि उसने जलती हुई सिगरेट से कुत्ते की नाक जला दी हो, जिसके कारण कुत्ते ने उसे काट लिया हो। इस तरह उसने इंस्पेक्टर की हाँ में हाँ मिलाते हुए ख्यूक्रिन को ही दोषी साबित कर दिया।
ओचुमेलॉव एक चापलूस और अवसरवादी इंस्पेक्टर था। उसने यह संदेश भिजवाकर जनरल साहब को यह बताना चाहा कि वह उनकी और उनके परिवार की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहता है। वह जनरल साहब की नज़रों में अपनी वफादारी और कार्यकुशलता दर्ज करवाना चाहता था, ताकि उसकी प्रशंसा हो और भविष्य में पदोन्नति के अवसर मिल सकें।
भीड़ इसलिए हँसने लगती है क्योंकि ख्यूक्रिन की स्थिति बहुत हास्यास्पद और विवशतापूर्ण हो जाती है। पहले वह पीड़ित था और न्याय माँग रहा था, लेकिन जब पता चला कि कुत्ता एक बड़े अधिकारी का है, तो इंस्पेक्टर ने उल्टे उसी पर दोष मढ़ दिया। भीड़ को यह देखकर हँसी आती है कि कैसे एक आम आदमी को शक्तिशाली लोगों के सामने न्याय नहीं मिल पाता और उसका मजाक बन जाता है।
ओचुमेलॉव ने यह बात इसलिए कही क्योंकि उसे पता चल गया था कि कुत्ता जनरल साहब के भाई का है। वह जनरल साहब को खुश करना चाहता था और कुत्ते को बचाना चाहता था। इसलिए उसने आरोप लगाया कि ख्यूक्रिन ने खुद ही किसी कील या वील से अपनी उँगली छील ली होगी और झूठा आरोप लगाकर कुत्ते के मालिक से पैसे ऐंठना चाहता है। यह उसकी चापलूसी और मौकापरस्ती को दर्शाता है।
ओचुमेलॉव का चरित्र चापलूस, अवसरवादी और दोगला है। वह हमेशा अपना फायदा देखता है। जब उसे लगा कि कुत्ता आवारा है, तो वह ख्यूक्रिन के पक्ष में बोला और कुत्ते को दंड देने की बात करने लगा। लेकिन जैसे ही उसे पता चला कि कुत्ता जनरल साहब के परिवार का है, उसने तुरंत अपना रुख बदल लिया और ख्यूक्रिन को ही दोषी ठहराने लगा। वह कानून को अपने हिसाब से मोड़ता है और अधिकारियों की खुशामद करके अपनी पोज़िशन मजबूत करना चाहता है।
कुत्ते के असली मालिक का पता चलते ही ओचुमेलॉव के विचार पूरी तरह बदल गए। पहले वह उसी कुत्ते को 'भद्दा' और 'आवारा' कह रहा था, अब उसे 'सुंदर डॉगी' और 'बहुत कीमती कुत्ता' कहने लगा। उसने ख्यूक्रिन को धमकाना शुरू कर दिया और कुत्ते को सावधानी से जनरल साहब के भाई तक पहुँचाने का आदेश दिया। यह परिवर्तन इसलिए आया क्योंकि ओचुमेलॉव जनरल साहब की नज़रों में अच्छा बनना चाहता था और उनकी कृपा पाना चाहता था।
ख्यूक्रिन का यह कथन समाज में व्याप्त भाई-भतीजावाद, रिश्तेदारी के दबाव और अधिकार के गलत इस्तेमाल की वास्तविकता की ओर संकेत करता है। वह यह बताना चाहता है कि उसके पास भी पुलिस में संपर्क है, इसलिए उसके साथ अन्याय न किया जाए। यह दर्शाता है कि आम आदमी को लगता है कि बिना 'जान-पहचान' या 'सिफारिश' के उसे न्याय नहीं मिल सकता।
इस कहानी का शीर्षक 'गिरगिट' इसलिए रखा गया है क्योंकि गिरगिट जैसे परिस्थिति के अनुसार अपना रंग बदल लेता है, ठीक वैसे ही कहानी का मुख्य पात्र इंस्पेक्टर ओचुमेलॉव भी हालात देखकर अपना रुख और रवैया बदल लेता है।
अन्य शीर्षक सुझाव: 'रंगबदलू', 'अवसरवादी', या 'चापलूसी का दंश'। इन शीर्षकों का आधार यह है कि पूरी कहानी में ओचुमेलॉव का चापलूसी भरा और मौके के हिसाब से बदलने वाला व्यवहार ही केंद्र में है, जो समाज की एक कड़वी सच्चाई को दिखाता है।
इस कहानी के माध्यम से भ्रष्टाचार, चापलूसी, अवसरवादिता, पद के गलत उपयोग और आम आदमी को न्याय न मिलने जैसी सामाजिक विसंगतियों पर करारा व्यंग्य किया गया है।
वर्तमान समाज में: हाँ, ऐसी विसंगतियाँ आज भी हमारे समाज में मौजूद हैं। अक्सर देखने को मिलता है कि प्रभावशाली लोगों के सामने कानून की धाराएँ ढीली पड़ जाती हैं, जबकि आम लोगों को न्याय के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ता है। अधिकारी अपने फायदे के लिए नियमों को तोड़ते हैं, जो इस कहानी में दिखाई गई विसंगतियों का ही आधुनिक रूप है।
इस वाक्य का आशय है कि जिस कुत्ते ने ख्यूक्रिन को काटा था, वह स्वयं भय और संकट में था। ख्यूक्रिन द्वारा पकड़े जाने और मार खाने के कारण उसकी आँखों में आँसू थे और उसके चेहरे पर डर व आतंक साफ़ झलक रहा था। वह अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा था।
इस कथन का आशय यह है कि कानून की नज़र में सभी नागरिक समान होते हैं, चाहे वह अमीर हों या गरीब। ख्यूक्रिन यह कहकर इंस्पेक्टर को याद दिलाना चाहता है कि उसे भी कुत्ते के मालिक से, चाहे वह कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो, बराबर का न्याय मिलना चाहिए। यह कथन कानून के समक्ष समानता के सिद्धांत की बात करता है।
सिपाही येल्दीरीन ने इंस्पेक्टर ओचुमेलॉव को यह कहकर भड़काने की कोशिश की कि ख्यूक्रिन के चिल्लाने और भीड़ के जमा होने से बाज़ार की शांति भंग हो रही है। वह इसे एक गंभीर कानून-व्यवस्था की समस्या बता रहा था, ताकि इंस्पेक्टर कड़ी कार्रवाई करे और वह भी अपनी ताकत दिखा सके।
(क) माँ ने पूछा, "बच्चों, कहाँ जा रहे हो?"
(ख) घर के बाहर सारा सामान बिखरा पड़ा था।
(ग) हाय राम! यह क्या हो गया?
(घ) रीना, सुहेल, कविता और शेखर खेल रहे थे।
(ड) सिपाही ने कहा, "ठहर, तुझे अभी मजा चखाता हूँ।"
ही - वह अभी-अभी ही घर से निकला है।
भी - तुम भी इस पार्टी में चलो।
तो - तुमने तो यह काम भी नहीं किया।
तक - वह रात भर तक पढ़ता रहा।
भी - मुझे भी यह फिल्म देखनी है।
1. मजा चखाना - पुलिस ने चोर को पकड़कर उसे खूब मजा चखाया।
2. काट खाना - बुखार में उसे पूरा शरीर काट खा रहा था।
3. त्योरियाँ चढ़ाना - गलती सुनते ही अध्यापक की त्योरियाँ चढ़ गईं।
4. मत्थे मढ़ना - अपनी गलती दूसरों के मत्थे मढ़ना ठीक नहीं है।
5. फायदा उठाना - बुरे लोग दूसरों की मुसीबत का फायदा उठाते हैं।
(क) सु + भाव = सुभाव
(ख) ना + पसंद = नापसंद
(ग) निर् + धारण = निर्धारण
(घ) अन् + उपस्थित = अनुपस्थित
(ड) ना + लायक = नालायक
(च) अ + विश्वास = अविश्वास
(छ) ला + परवाह = लापरवाह
(ज) अ + कारण = अकारण
मदद + गार = मददगार
बुद्धि + मान = बुद्धिमान
गंभीर + ता = गंभीरता
सभ्य + ता = सभ्यता
ठंड + अक = ठंडक
प्रदर्शन + ई = प्रदर्शनी
(क) ऊँघते हुए चेहरे - संज्ञा पदबंध
(ख) लाल बालोंवाला - विशेषण पदबंध
(ग) कोई न कोई शरारत करता रहता है - क्रिया पदबंध
(घ) तीन टाँगों के बल - क्रियाविशेषण पदबंध
सेवा में,
नगर निगम अधिकारी
नगर निगम कार्यालय
[आपका शहर]
विषय: मोहल्ले में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या के संबंध में शिकायत।
महोदय,
मैं [आपका नाम], [आपके मोहल्ले का नाम] निवासी, आपका ध्यान हमारे क्षेत्र में बढ़ रही एक गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।
पिछले कुछ महीनों से हमारे मोहल्ले में आवारा कुत्तों की संख्या बहुत अधिक बढ़ गई है। ये कुत्ते दिन-रात सड़कों पर घूमते रहते हैं, जिससे आने-जाने वाले राहगीरों, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को बहुत असुविधा और डर का सामना करना पड़ रहा है। कई बार ये कुत्ते झपट्टा मारते हैं और लोगों के पीछे भागते हैं, जिससे दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। गली में खेलने वाले बच्चे तो विशेष रूप से असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
इस समस्या से निजात पाने के लिए हम सभी निवासी आपसे विनम्र निवेदन करते हैं कि आप इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और इन आवारा कुत्तों को पकड़वाने या उनके लिए उचित प्रबंध करवाने की कृपा करें, ताकि हमारे मोहल्ले की सुरक्षा और स्वच्छता बनी रहे।
आपके त्वरित कार्यवाही की प्रतीक्षा रहेगी।
धन्यवाद सहित,
भवदीय,
[आपका नाम]
[पता]
[दिनांक]
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